दिल्ली की हवा फिर पहुंची खराब श्रेणी में, सुबह AQI 287 तक दर्ज, स्मॉग की मोटी चादर से विजिबिलिटी घटी, लोगों को सांस लेने में दिक्कत। 

दिल्ली और एनसीआर में एक बार फिर प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 6 नवंबर 2025 को सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 264 से 287 के बीच दर्ज किया गया जो

Nov 6, 2025 - 16:09
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दिल्ली की हवा फिर पहुंची खराब श्रेणी में, सुबह AQI 287 तक दर्ज, स्मॉग की मोटी चादर से विजिबिलिटी घटी, लोगों को सांस लेने में दिक्कत। 
दिल्ली की हवा फिर पहुंची खराब श्रेणी में, सुबह AQI 287 तक दर्ज, स्मॉग की मोटी चादर से विजिबिलिटी घटी, लोगों को सांस लेने में दिक्कत। 

दिल्ली और एनसीआर में एक बार फिर प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 6 नवंबर 2025 को सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 264 से 287 के बीच दर्ज किया गया जो खराब श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार सुबह आठ बजे के आसपास कई इलाकों में AQI 250 से ऊपर रहा। आनंद विहार में 269, आईटीओ में 287, नेरेला में 294 और जहांगीरपुरी में 284 जैसे आंकड़े सामने आए। हालांकि कुछ जगहों पर यह बहुत खराब श्रेणी के करीब पहुंच गया। मौसम विभाग ने बताया कि हवा की गति कम होने से प्रदूषक तत्व फंस गए हैं। पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के मामले भी बढ़े हैं जिसका असर दिल्ली पर पड़ रहा है।

सुबह दिल्ली के कई हिस्सों में स्मॉग की मोटी परत छा गई। आईटीओ, कार्तव्य पथ, धौला कुआं और हाईकोर्ट इलाके में धुंध इतनी थी कि विजिबिलिटी 500 मीटर से कम हो गई। सुबह के समय ट्रैफिक जाम बढ़ गया क्योंकि ड्राइवरों को सड़क साफ दिखाई नहीं दे रही थी। लोग मास्क लगाकर निकल रहे हैं लेकिन फिर भी आंखों में जलन और गले में खराश की शिकायतें आ रही हैं। अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। सफदरजंग और एम्स जैसे अस्पतालों में डॉक्टरों ने कहा कि अस्थमा और हृदय रोगी ज्यादा परेशान हैं। बच्चों और बुजुर्गों को बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है।

प्रदूषण के मुख्य कारण वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों की धूल, उद्योगों का प्रदूषण और पड़ोसी राज्यों से आने वाला धुआं हैं। दिवाली के बाद पटाखों का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। नवंबर में ठंड बढ़ने से हवा नीचे रहती है जिससे प्रदूषण ऊपर नहीं उठ पाता। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटा से कम रही तो अगले दो तीन दिन हालात ऐसे ही रहेंगे। एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम ने चेतावनी दी है कि 6 से 8 नवंबर तक AQI बहुत खराब श्रेणी में रह सकता है।

दिल्ली सरकार ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तहत पहले और दूसरे चरण के नियम लागू कर रखे हैं। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव हो रहा है। डीजल जनरेटर सेट पर पाबंदी है। कोयला और लकड़ी जलाने पर जुर्माना लग रहा है। ट्रकों के प्रवेश पर रोक है सिवाय जरूरी सामान वाले। लोग कार पूलिंग कर रहे हैं और मेट्रो का इस्तेमाल बढ़ गया है। लेकिन अभी तक तीसरा या चौथा चरण लागू नहीं हुआ है क्योंकि औसत AQI 300 से नीचे है। अगर AQI 400 पार कर गया तो स्कूल बंद हो सकते हैं और निर्माण कार्य पूरी तरह रुक जाएंगे।

लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। सुबह वॉक करने वाले पार्क नहीं जा पा रहे। बच्चे बाहर खेल नहीं सकते। दफ्तर जाने वाले देर से पहुंच रहे हैं। रिक्शा चालक और सब्जी वाले कहते हैं कि सांस लेना मुश्किल हो रहा है लेकिन काम करना पड़ता है। एन95 मास्क की बिक्री बढ़ गई है। एयर प्यूरीफायर चल रहे हैं लेकिन बिजली का बिल भी बढ़ रहा है। गरीब लोग क्या करें यह बड़ा सवाल है। कई लोग गांव चले गए हैं ताकि बच्चों को साफ हवा मिले।

मौसम विभाग ने कहा कि 6 से 11 नवंबर तक आसमान साफ रहेगा लेकिन धुंध और कोहरा रहेगा। तापमान 32 डिग्री तक जाएगा और रात में 18 डिग्री तक गिरेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है। अगर हवा चली तो राहत मिल सकती है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से कहा है कि पराली जलाने पर सख्ती करें। पंजाब में हजारों मामले दर्ज हो रहे हैं लेकिन अभी भी जलाव जारी है। दिल्ली में क्लाउड सीडिंग की तैयारी चल रही है लेकिन अभी तक सफल नहीं हुई।

विशेषज्ञ कहते हैं कि स्थायी हल चाहिए। इलेक्ट्रिक वाहन बढ़ाओ। पराली का दूसरे काम में इस्तेमाल करो। पेड़ लगाओ। उद्योगों को साफ ईंधन पर लाओ। लेकिन ये सब समय लगेगा। अभी तो लोग मास्क लगाकर गुजारा कर रहे हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी कि सुबह शाम बाहर न निकलें। व्यायाम घर में करें। फल और पानी ज्यादा लें। अगर सांस फूल रही हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।

एनसीआर के शहरों में भी हालात 비슷 हैं। गुरुग्राम में 229, नोएडा में 216, गाजियाबाद में 274 और फरीदाबाद में 187 AQI रहा। सब खराब श्रेणी में हैं। लोग सोशल मीडिया पर फोटो शेयर कर रहे हैं कि दिल्ली सांस नहीं ले पा रही। सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग हो रही है। उम्मीद है कि जल्द हवा की रफ्तार बढ़े और राहत मिले। लेकिन हर साल यही होता है। अब बदलाव की जरूरत है ताकि दिल्ली वाले साफ हवा में सांस ले सकें।

नीचे दिल्ली के विभिन्न इलाकों का 6 नवंबर 2025 सुबह 8 बजे के आसपास का AQI दिया गया है

स्थान AQI आनंद विहार 269 आईटीओ 287 नेरेला 294 जहांगीरपुरी 284 वजीरपुर 292 रोहिणी 287 अशोक विहार 275 अलीपुर 275 बुराड़ी क्रॉसिंग 272 विवेक विहार 264 चांदनी चौक 294 शादीपुर 245 पंजाबी बाग 265 आर के पुरम 272 ओखला 260 दिल्ली औसत 264 नजफगढ़ 258 मुंडका 280 सोनिया विहार 270 पटपरगंज 262

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