Deoband : महाराजा अग्रसेन के जन्मोत्सव पर निकाली भव्य शोभायात्रा

यात्रा की खासियतें देखने लायक थीं। इसमें विभिन्न प्रकार के बैंड, घोड़े, सजे हुए रथ और आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। झांकियों में महाराजा अग्रसेन के जीवन के प्रसंग दि

Oct 2, 2025 - 21:34
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Deoband : महाराजा अग्रसेन के जन्मोत्सव पर निकाली भव्य शोभायात्रा
Deoband : महाराजा अग्रसेन के जन्मोत्सव पर निकाली भव्य शोभायात्रा

देवबंद : शहर में वैश्य अग्रवाल समाज ने महाराजा अग्रसेन के जन्मोत्सव पर एक भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया। यह कार्यक्रम समाज में एकता और सद्भाव का संदेश देने के लिए किया गया। यात्रा में बड़ी संख्या में समाज के सदस्य शामिल हुए, जिन्होंने महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को याद किया। यात्रा का जगह-जगह स्वागत हुआ, जहां लोगों ने पुष्प वर्षा की और उत्साह दिखाया।

शोभा यात्रा रामलीला मैदान से शुरू हुई। इसका शुभारंभ ध्वजा रोहण, माल्यार्पण और आरती के साथ किया गया। यात्रा में कुल देवी मां लक्ष्मी और महाराजा अग्रसेन के प्रतीक चिन्हों पर विशेष ध्यान दिया गया। उद्योगपति अजय गोयल, अजय मित्तल और नगर पालिका अध्यक्ष विपिन गर्ग ने माल्यार्पण कर यात्रा का उद्घाटन किया। यात्रा मुख्य बाजार, सब्जी मंडी चौक, हनुमान चौक और सराफा बाजार से गुजरते हुए पांचों पंडों धर्मशाला पर समाप्त हुई। इस दौरान विभिन्न बाजारों में समाज के लोगों ने यात्रा का स्वागत किया।यात्रा की खासियतें देखने लायक थीं। इसमें विभिन्न प्रकार के बैंड, घोड़े, सजे हुए रथ और आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। झांकियों में महाराजा अग्रसेन के जीवन के प्रसंग दिखाए गए, जैसे उनके राज्य स्थापना, वैश्य धर्म अपनाने और सामाजिक समानता के सिद्धांत। महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी, जहां वे पारंपरिक वेशभूषा में कलश लेकर चलीं। भजन कार्यक्रमों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। यात्रा में बच्चे भी 18 गोत्रों के रूप में सजे हुए थे, जो अग्रवाल समाज की जड़ों को दर्शाते हैं। गाजे-बाजे की धुन पर लोग नाचते-गाते आगे बढ़े।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यमंत्री कुंवर बृजेश सिंह ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन समाजवाद, उदारता और सेवा भाव के प्रतीक थे। उन्होंने व्यापार, शिक्षा और सामाजिक सहयोग की परंपरा स्थापित की, जो आज भी समाज की सबसे बड़ी ताकत है। हमें उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में सद्भाव और समानता फैलानी चाहिए। उन्होंने स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने, स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और बच्चों में सांस्कृतिक गुण विकसित करने पर जोर दिया।वैश्य महासभा की ओर से यह आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को एकजुट करना और महाराजा अग्रसेन के सिद्धांतों को याद दिलाना था। समाज के अध्यक्ष मनोज सिंघल ने सभी सदस्यों को बड़ी संख्या में शामिल होने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा ऐतिहासिक बनेगी और समाज की एकता को मजबूत करेगी।

कार्यक्रम का संचालन रितेश बंसल और अजय गर्ग ने संयुक्त रूप से किया। अध्यक्षता हुलास राय सिंघल ने की। इस अवसर पर राकेश सिंघल, विशाल गर्ग, संजय सिंघल, अजय गर्ग, पुनीत बंसल, घनश्याम गुप्ता, धीरज गर्ग, अमित सिंघल, अशोक गुप्ता, योगेंद्र गोयल, आशुतोष गुप्ता, अरुण अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

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