देवबंद: संभल में मंदिर खोलने का मामला- उलमा ने प्रशासन की नीयत पर उठाए सवाल

मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने रविवार को एक चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि मुल्क में जिस तरह की राजनीति चल रही है वे दुर्भाग्यपूर्ण है। कभी मस्जिदों में मंदिर ढ़ूढना कभी तरह-तरह की बातें करके हिंदू-मुसलमा...

Dec 15, 2024 - 23:43
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देवबंद: संभल में मंदिर खोलने का मामला- उलमा ने प्रशासन की नीयत पर उठाए सवाल

कहा-इतने वर्षों में प्रशासन ने क्यों नहीं ली सुध, यह मौका राजनीति के लिए तलाशा गया

By INA News Deoband.

संभल में 46 साल बाद एक मंदिर को खोले जाने पर जमीयत दावातुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने वहां के प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों मंदिर बंद पड़ा रहा, जब प्रशासन ने इसकी सुध क्यों नहीं ली। यह प्रशासन की कोताही नहीं तो क्या है।

मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने रविवार को एक चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि मुल्क में जिस तरह की राजनीति चल रही है वे दुर्भाग्यपूर्ण है। कभी मस्जिदों में मंदिर ढ़ूढना कभी तरह-तरह की बातें करके हिंदू-मुसलमान के बीच खाई खोदना, यह किसी भी दशा में सही नहीं है।

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उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो प्रतिबंध लगाया कि अब कोई भी मस्जिद या मंदिर का मामला कोर्ट में नहीं जाएगा। जिसके बाद अब कुछ नया सिलसिला शुरु कर दिया गया है। जिसमें अब खोदना नहीं दूसरा तरीका इस्तेमाल किया जाएगा। कारी इस्हाक गोरा ने प्रशासन पर सवाल खड़ा किया कि यदि वह मंदिर वहां इतने वर्षों से बंद पड़ा था तो इस पहले क्यों नहीं खोला गया, इसमें प्रशासन की कोताही है।

उन्होंने पूरे मामले में सांसद जियाउर्रहमान बर्क का नाम जोडे जाने को भी अफसोसनाक बताया। कहा कि अगर यह मंदिर उनके घर के पास था तो इसमें उनकी क्या खता है। ऐसी बहुत सारी मस्जिदें भी हैं, गुरुद्वारे भी हैं जो आज भी बंद पड़े हैं। क्या प्रशासन को यह बात पहले पता नहीं थी कि यह मंदिर बंद पड़ा है। ऐसे मौके पर राजनीति करने का मौका निकाला जा रहा जब वहां के हालत बेहतर नहीं है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से ऐसे मामलों का दोबारा संज्ञान लेने की मांग की है।

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