देवबंद: हिंदू मुस्लिम एकता का आदर्श मॉडल है देवबंद- पंडित सत्येंद्र शर्मा

बांग्लादेश में लगातार हिंदूओ की  जनसंख्या में गिरावट आ रही है, जो 1971 में 13.5% से घटकर 2022 में 7.95% हो गई है¹। इसके पीछे कई कारण हैं, जिनमें से एक प्रमुख कारण हिंदुओं का भारत में पलायन भी है। इसके अलावा, बांग्लादेश में हिंदुओं...

Dec 15, 2024 - 23:47
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देवबंद: हिंदू मुस्लिम एकता का आदर्श मॉडल है देवबंद- पंडित सत्येंद्र शर्मा

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार को लेकर गहरा दुख प्रकट किया सरकार को उठाने चाहिए ठोस कदम

By INA News Deoband.

प्राचीन श्री माता बाला सुंदरी मंदिर देवबंद के अध्यक्ष व धर्मगुरु पंडित सत्येंद्र शर्मा ने अपने आवास पर प्रेस वार्ता के दौरान बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए अत्याचार को लेकर गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने कहा बड़ेदु र्भाग्य की बात है बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ कई घटनाओं ने देश में हलचल का माहौल उत्पन्न कर दिया है। राजनीतिक पार्टियाँ अपनी अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगे हैं।

बांग्लादेश में लगातार हिंदूओ की  जनसंख्या में गिरावट आ रही है, जो 1971 में 13.5% से घटकर 2022 में 7.95% हो गई है¹। इसके पीछे कई कारण हैं, जिनमें से एक प्रमुख कारण हिंदुओं का भारत में पलायन भी है। इसके अलावा, बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ कई हिंसक घटनाएं भी हुई हैं।1971के बांग्लादेश युद्ध के दौरान, हिंदुओं को विशेष रूप से निशाना बनाया गया था।वर्तमान मैं भी कट्टरपंथियों द्वारा हिंदुओं को निशाना बनाया गया।इसके बाद भी,हिंदू मंदिरों और समुदायों पर हमले होते रहे हैं।

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बांग्लादेश सरकार ने हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कल्याण के लिए कठोर कदम उठाने चाहिए उन्होंने कहा दोनों समुदाय के बीच बनी खाई को आपसी समझौते से दूर करना चाहिए।पंडित सत्येंद्र शर्मा ने देशभर में जाने जाने वाले दाऊल उलूम व प्राचीन श्री माता बाला सुंदरी का मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों निकट- निकट हैं और आपस में दोनों समुदाय के लोगों के बीच धनिष्ठा प्रेम है दोनों एक दूसरे की भावनाओं की कद्र करते हैं।

हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे का देवबंद में मुस्लिम और हिंदू समुदाय के बीच का यह ऐसा अनूठा आदर्श मॉडल बना है।जो दिखाता है कि विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के लोग एकता और सद्भावना के साथ-साथ रहते हैं।यहां ब्याह-शादी, दुख-सुख, और खाने-पीने तक के अच्छे संबंध यह दर्शाते हैं कि यहां के लोगों ने धर्म और संस्कृति के बंधनों को तोड़कर एक-दूसरे के साथ जुड़ने का तरीका निकाला है।यहां एकता और भाईचारा न केवल देवबंद बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है।इस एकता को बनाए रखने और मजबूत करने के लिए हमें सभी को मिलकर काम करना होगा।

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