Deoband : झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से बच्चे की मौत, अदालत ने हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए
एसीजेएम देवबंद परविंदर सिंह की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान जड़ौदा जट्ट गांव की रहने वाली पीड़िता कोमली पत्नी विनोद शर्मा ने बताया कि उसके बेटे उपलक्ष उर्फ ह
देवबंद की एसीजेएम अदालत ने झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से बच्चे की मौत के मामले में पुलिस को गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। एसीजेएम देवबंद परविंदर सिंह की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान जड़ौदा जट्ट गांव की रहने वाली पीड़िता कोमली पत्नी विनोद शर्मा ने बताया कि उसके बेटे उपलक्ष उर्फ हनी के पेट में अचानक दर्द हुआ। परिवार ने गांव में ही क्लीनिक चलाने वाले इमरान पुत्र मुंशी को बुलाया। इमरान ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं, बच्चा ठीक हो जाएगा। उसने अपने पास मौजूद दो इंजेक्शन लगाए।
आरोप है कि इंजेक्शन लगाने के बाद बच्चे के हाथ-पैर नीले पड़ गए और उसकी मौत हो गई। पीड़िता का कहना है कि डॉक्टर इमरान ने एक्सपायरी डेट वाले इंजेक्शन लगाए। साथ ही, इमरान पर बच्चे की हत्या करने, खुद को नशे के इंजेक्शन लगाने और कोई मेडिकल डिग्री न होने के आरोप लगाए गए।
सुनवाई में डॉक्टर इमरान कोई डिग्री पेश नहीं कर सका। उसने कहा कि वह बच्चे को देखने गया था, लेकिन इंजेक्शन नहीं लगाया। अदालत ने मामले की जांच सीएमओ से कराई। जांच में पाया गया कि इमरान झोलाछाप चिकित्सक है। घटना के बाद से गांव में उसकी दुकान बंद पड़ी है। एसीजेएम परविंदर सिंह की अदालत ने इसे सिर्फ चिकित्सीय लापरवाही नहीं, बल्कि हत्या का अपराध माना। अदालत ने पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए हैं।
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