Deoband : ईद पर अमन और अनुशासन ज़रूरी, सड़क पर नमाज़ से करें परहेज़- गोरा

उन्होंने कहा कि ईद का असली मक़सद सिर्फ नई पोशाक पहनना, मिठाइयां खाना और खुशियां मनाना नहीं, बल्कि यह दिन हमें इंसानियत, भाईचारे और बराबरी का पैग़ाम देता है। इसलिए सद

Mar 19, 2026 - 21:37
 0  4
Deoband : ईद पर अमन और अनुशासन ज़रूरी, सड़क पर नमाज़ से करें परहेज़- गोरा
Deoband : ईद पर अमन और अनुशासन ज़रूरी, सड़क पर नमाज़ से करें परहेज़- गोरा

देवबंद। जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन मौलाना क़ारी इस्हाक़ गोरा ने लोगों से ईद-उल-फितर पर अमन और अनुशासन बनाए रखने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने शासन प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करते हुए सड़क पर नमाज न पढ़ने की नसीहत दी है। 
मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा कि ईद-उल-फितर मुस्लिमों के लिए महज़ एक त्योहार नहीं, बल्कि अल्लाह की इबादत, सब्र और तक़वा के महीने रमज़ान के मुकम्मल होने पर शुक्र गुज़ारी का दिन है। रमज़ान के दौरान मुसलमान रोज़ा रखकर अपनी ख्वाहिशों पर काबू पाते हैं, बुराइयों से बचते हैं और इबादत में ज़्यादा वक्त गुज़ारते हैं।

उन्होंने कहा कि ईद का असली मक़सद सिर्फ नई पोशाक पहनना, मिठाइयां खाना और खुशियां मनाना नहीं, बल्कि यह दिन हमें इंसानियत, भाईचारे और बराबरी का पैग़ाम देता है। इसलिए सदक़ा-ए-फ़ितर को वाजिब किया गया है, ताकि गरीब और ज़रूरतमंद लोग भी इस खुशी में शामिल हो सकें। उन्होंने कहा कि समाज के कमज़ोर तबकों का ख्याल रखना और उनकी मदद करना ही ईद की असली रूह है। कारी इस्हाक ने वर्तमान हालात का हवाला देते हुए कहा कि मुसलमानों को खास तौर पर एहतियात, समझदारी और सब्र से काम लेने की ज़रूरत है। हर शख्स को चाहिए कि वह अपने अमल और अपने अल्फ़ाज़ पर काबू रखे और ऐसा कोई काम न करे जिससे समाज में गलतफ़हमी या तनाव पैदा हो। उन्होंने लोगों से ईद की नमाज के लिए वक्त पर ईदगाह और मस्जिदों में पहुंचने और शासन प्रशासन की गाइड लाइन का पालन करते हुए सड़कों पर नमाज अदा न करने का आह्वान किया।

Also Click : Lucknow: 9 साल में बदला उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर का चेहरा, एक्सप्रेसवे से मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी तक ऐतिहासिक छलांग।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow