यूपी में 16 घंटे तक ठप रहेंगी बिजली बिलिंग और स्मार्ट मीटर सेवाएं, उपभोक्ताओं के लिए विभाग ने जारी की महत्वपूर्ण एडवाइजरी।
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने राज्य के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सूचना जारी की है।
- आरएमएस प्रणाली के मेंटेनेंस और कॉन्फ़िगरेशन के चलते थमेंगे डिजिटल भुगतान, शुक्रवार रात से शनिवार दोपहर तक बंद रहेगा पोर्टल
- स्मार्ट मीटर रिचार्ज और बिल जमा करने वाले करोड़ों उपभोक्ता होंगे प्रभावित, असुविधा से बचने के लिए समय से पहले निपटाएं जरूरी काम
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने राज्य के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। विभाग ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि पूरे उत्तर प्रदेश में बिजली बिलिंग और उससे जुड़ी तमाम ऑनलाइन सेवाएं लगातार 16 घंटों के लिए पूरी तरह से बंद रहेंगी। यह शटडाउन मुख्य रूप से विभाग की 'रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम' (RMS) में सुधार और तकनीकी अपडेशन के कारण लिया गया है। इस दौरान उपभोक्ताओं को डिजिटल माध्यमों से बिल जमा करने, नया कनेक्शन लेने या अपने स्मार्ट मीटर को रिचार्ज करने में बाधा का सामना करना पड़ेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम सिस्टम की दक्षता बढ़ाने और भविष्य में उपभोक्ताओं को अधिक सटीक बिलिंग अनुभव प्रदान करने के लिए उठाया गया है।
नियत कार्यक्रम के अनुसार, यह तकनीकी शटडाउन शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 की रात 10:00 बजे से शुरू होगा और शनिवार, 4 अप्रैल 2026 की दोपहर 2:00 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस समयावधि के दौरान उत्तर प्रदेश के सभी पांचों विद्युत वितरण निगमों—पूर्वांचल, मध्यांचल, पश्चिमांचल, दक्षिणांचल और केस्को (कानपुर)—के अंतर्गत आने वाले उपभोक्ताओं के लिए ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप सेवाएं निष्क्रिय रहेंगी। विभाग के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम इस 16 घंटे के दौरान सर्वर के कॉन्फ़िगरेशन और डेटाबेस के मेंटेनेंस पर काम करेगी। यह समय इसलिए चुना गया है ताकि रात के समय और अगले दिन दोपहर तक कम से कम लोग प्रभावित हों, लेकिन फिर भी करोड़ों उपभोक्ताओं के दैनिक कार्यों पर इसका प्रभाव पड़ना निश्चित है।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी
ऐसे उपभोक्ता जिन्होंने अपने घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगवाए हैं, उनके लिए यह समय सबसे अधिक संवेदनशील है। यदि शटडाउन की अवधि के दौरान आपका बैलेंस समाप्त होता है, तो आप रिचार्ज नहीं कर पाएंगे। ऐसी स्थिति में बिजली गुल होने का खतरा बना रहेगा। विभाग ने सलाह दी है कि सभी प्रीपेड ग्राहक शुक्रवार शाम 10 बजे से पहले अपने मीटर में पर्याप्त बैलेंस सुनिश्चित कर लें।
इस तकनीकी अपडेट की प्रक्रिया में बिलिंग प्रणाली के साथ-साथ ऑनलाइन उपभोक्ता पोर्टल और 'UPPCL कंज्यूमर ऐप' पर उपलब्ध सभी सेवाएं बाधित रहेंगी। इसमें न केवल बिल भुगतान और स्मार्ट मीटर रिचार्ज शामिल हैं, बल्कि बिल जनरेशन, लोड बढ़ाने के अनुरोध, नाम परिवर्तन की प्रक्रिया और नए कनेक्शन के लिए आवेदन जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी पूरी तरह बंद रहेंगी। विभाग के मुख्य अभियंताओं ने जिलों के क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस जानकारी को स्थानीय स्तर पर भी प्रसारित करें ताकि शनिवार सुबह बिजली दफ्तर पहुंचने वाले उपभोक्ताओं को अचानक से पोर्टल बंद मिलने पर परेशानी न हो।
तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में लगभग 70 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर चालू हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। इतने बड़े डेटाबेस को संभालने के लिए आरएमएस (RMS) प्रणाली का समय-समय पर अपडेट होना अनिवार्य है। सिस्टम में कॉन्फ़िगरेशन के माध्यम से सॉफ्टवेयर की गति बढ़ाई जाएगी और उन तकनीकी कमियों को दूर किया जाएगा जो अक्सर बिलिंग में त्रुटियों का कारण बनती हैं। इस अपडेट के बाद, उपभोक्ताओं को अपने बिजली उपभोग का रियल-टाइम डेटा और अधिक स्पष्टता के साथ मिल सकेगा। विभाग का लक्ष्य है कि मानवीय हस्तक्षेप को कम करके बिलिंग प्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी और 'एरर-फ्री' बनाया जाए।
बिजली विभाग ने इस असुविधा के लिए खेद प्रकट किया है और उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। विशेष रूप से औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सूचित किया गया है कि वे अपने बिल संबंधी कार्यों को इस समय सीमा से पहले या बाद में नियोजित करें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि शनिवार दोपहर 2:00 बजे के बाद जैसे ही पोर्टल पुनः क्रियाशील होगा, सभी लंबित भुगतान और रिचार्ज की प्रक्रिया स्वतः ही सुचारू हो जाएगी। हालांकि, पोर्टल खुलने के शुरुआती घंटों में ट्रैफिक अधिक होने के कारण सर्वर पर कुछ धीमापन देखने को मिल सकता है, जिसके लिए तकनीकी टीम को अलर्ट पर रहने को कहा गया है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के उपकेंद्रों पर भी इस शटडाउन का असर दिखेगा। जो उपभोक्ता विभागीय काउंटरों पर जाकर बिल जमा करते हैं, उन्हें भी पोर्टल बंद होने के कारण निराशा हाथ लग सकती है क्योंकि काउंटर की रसीद भी ऑनलाइन सिस्टम से ही जनरेट होती है। विभाग ने बिजली चोरी रोकने और राजस्व वसूली के अभियान को इस अवधि के दौरान थोड़ा शिथिल रखने के संकेत दिए हैं, ताकि तकनीकी कारणों से कटे कनेक्शनों को लेकर जनता में आक्रोश न फैले। अधिकारियों ने यह भी भरोसा दिलाया है कि यदि इस अवधि में किसी उपभोक्ता का स्मार्ट मीटर जीरो बैलेंस की वजह से कटता है, तो उसे रिचार्ज के बाद बहाल करने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी।
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