प्रवर्तन निदेशालय ने बिटकनेक्ट क्रिप्टो घोटाले में दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, 2170 करोड़ की संपत्ति जब्त।
प्रवर्तन निदेशालय के अहमदाबाद जोन ने बिटकनेक्ट क्रिप्टोकरेंसी घोटाले से जुड़े मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी
- बिटकनेक्ट पोंजी स्कीम मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, सूरत के निकुंज भट्ट और मुंबई के संजय कोटाडिया हिरासत में
- क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड और अपहरण से जुड़े बिटकनेक्ट मामले में ED ने दो आरोपियों को PMLA के तहत गिरफ्तार किया
प्रवर्तन निदेशालय के अहमदाबाद जोन ने बिटकनेक्ट क्रिप्टोकरेंसी घोटाले से जुड़े मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी सूरत निवासी 33 वर्षीय निकुंज प्रविणभाई भट्ट और मुंबई निवासी 49 वर्षीय संजय कनुभाई कोटाडिया हैं। गिरफ्तारी 19 जनवरी 2026 को Prevention of Money Laundering Act की धारा 19(1) के तहत की गई। ED ने इस मामले में अब तक 2170 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। बिटकनेक्ट एक पोंजी स्कीम थी जिसमें निवेशकों को 1 से 4 प्रतिशत दैनिक रिटर्न का वादा किया गया था। जांच में पता चला कि निकुंज भट्ट मुख्य आरोपी शैलेश बाबूलाल भट्ट का साथी था और अपहरण तथा बिटकॉइन एक्सटॉर्शन में शामिल था। संजय कोटाडिया भी मामले से जुड़े थे। ED की जांच CID क्राइम सूरत की दो FIR पर आधारित है। बिटकनेक्ट ने निवेशकों से बड़ी रकम जुटाई और फंड्स ट्रेडिंग बॉट में लगाने का दावा किया लेकिन वास्तव में फंड्स साइफन कर लिए गए। ED ने आरोपियों को स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया जहां चार दिन की रिमांड मिली। मामले में पहले से शैलेश बाबूलाल भट्ट और अन्य आरोपी गिरफ्तार हैं।
ED अहमदाबाद ने निकुंज प्रविणभाई भट्ट और संजय कनुभाई कोटाडिया को गिरफ्तार किया। निकुंज भट्ट शैलेश बाबूलाल भट्ट का रिश्तेदार है और अपहरण तथा बिटकॉइन एक्सटॉर्शन में शामिल था। संजय कोटाडिया भी फ्रॉड में सहयोगी था। ED ने 2170 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। जांच में सामने आया कि बिटकनेक्ट ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए उच्च रिटर्न का झांसा दिया। फंड्स का दुरुपयोग किया गया। गिरफ्तारी PMLA के तहत हुई। आरोपी कोर्ट में पेश किए गए और ED को रिमांड मिला। मामले की जांच जारी है।nअहमदाबाद ED ने बिटकनेक्ट मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी निकुंज भट्ट सूरत से और संजय कोटाडिया मुंबई से हैं। गिरफ्तारी 19 जनवरी 2026 को हुई। ED ने PMLA के तहत कार्रवाई की। संपत्ति अटैचमेंट 2170 करोड़ का है। निकुंज भट्ट मुख्य आरोपी का साथी था। जांच CID FIR पर आधारित है। बिटकनेक्ट पोंजी स्कीम थी।
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