Hardoi : 5 तहसीलों के 10 गांवों में जन शिकायतों के निपटारे के लिए 5 से 8 अगस्त तक लगेंगे विशेष शिविर
इन गांवों में ऑनलाइन पोर्टल पर सबसे अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं। प्रत्येक शिविर की अध्यक्षता संबंधित नायब तहसीलदार और थाना
हरदोई : जिले की पांच तहसीलों के 10 गांवों सदर तहसील के मझिया, कुईयां; शाहाबाद तहसील के मगियावां, नागामऊ; सण्डीला तहसील के बेरूआ, रेंसों; बिलग्राम तहसील के अटवाअली, मर्दनपुर, सैंतियापुर; और सवायजपुर तहसील के भरखनी में जन शिकायतों के निपटारे के लिए 5 अगस्त से 8 अगस्त 2025 तक विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन गांवों में ऑनलाइन पोर्टल पर सबसे अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं। प्रत्येक शिविर की अध्यक्षता संबंधित नायब तहसीलदार और थानाध्यक्ष करेंगे, और शिकायतों का मौके पर ही नियमों के अनुसार निपटारा किया जाएगा।
शिविरों में निम्नलिखित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे:
-
संबंधित नायब तहसीलदार और थानाध्यक्ष
-
क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक और एक अन्य राजस्व निरीक्षक
-
क्षेत्रीय लेखपाल और एक अन्य लेखपाल
-
आवश्यक पुलिस बल, जिसमें महिला कांस्टेबल शामिल होंगी
-
चकबंदी प्रक्रिया वाले गांवों में सहायक चकबंदी अधिकारी, चकबंदी कर्ता और चकबंदी लेखपाल
प्रत्येक शिविर की टीम संबंधित थाने से रोजाना रवाना होगी, और इसकी जानकारी जनरल डायरी में दर्ज की जाएगी। शिविर की दैनिक कार्यवाही और वापसी की जानकारी भी जनरल डायरी में दर्ज होगी, जिसकी प्रति जिला प्रशासन कार्यालय को भेजी जाएगी।
शिविरों में निम्नलिखित प्रकार की शिकायतों का निपटारा किया जाएगा:
-
जमीन की पैमाइश से संबंधित शिकायतें, खासकर गरीब लोगों को त्वरित न्याय देने के लिए एक बीघा तक की जमीन की पैमाइश आपसी सहमति से।
-
सार्वजनिक रास्तों या चक रोड पर अवैध कब्जे की शिकायतों का मौके पर सीमांकन कर कब्जा हटाना। यदि जेसीबी मशीन की जरूरत हो, तो ग्राम पंचायत से व्यवस्था की जाएगी।
-
सुरक्षित श्रेणी की जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाना। यदि अतिक्रमण करने वाला बहुत गरीब है, तो उसे नियमों के अनुसार जमीन का पट्टा देकर अतिक्रमण हटाया जाएगा। स्थायी अतिक्रमण के मामले में धारा-67 के तहत कार्रवाई होगी।
-
1 अप्रैल 2023 के बाद के न्यायालय आदेशों का पालन, नायब तहसीलदार की निगरानी में।
-
राजस्व अभिलेखों में त्रुटियों या कमी को ठीक करने की कार्रवाई, नायब तहसीलदार की देखरेख में।
-
असंक्रमणीय से संक्रमणीय भूमिधर बनाने के मामलों में नायब तहसीलदार द्वारा सक्षम स्तर पर रिपोर्ट भेजी जाएगी।
इन शिविरों की समीक्षा 11 अगस्त 2025 को जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी, जिसमें सभी टीमें हिस्सा लेंगी। यह पहल स्थानीय लोगों को उनकी शिकायतों के निपटारे के लिए सुविधा प्रदान करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज करने के उद्देश्य से की जा रही है।
What's Your Reaction?









