हरदोई: झरोईया में चकरोड पर बनी विवादित दीवार ने तहसील प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों की नाक में किया दम
भारतीय किसान यूनियन सावित्री से जिला प्रभारी हरदोई ठाकुर सत्येंद्र सिंह जैसा की 4 वर्षों से निरंतर तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत झरोइया में चकरोड पर बनी दीवार जो चर्चा का विषय है जिन्होंने बताया कि वह हरदोई में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों से निवेदन करते हैं कि एक बार मौके पर आकर न...
By INA News Hardoi.
Report By मुकेश सिंह
सण्डीला: क्षेत्र के विकासखंड कोथावां की ग्राम पंचायत झरोईया की चकरोड पर एक पक्ष द्वारा मार्ग अवरुद्ध कर पक्की दीवार खड़ी कर दी गई।जिसे हटवाने की शिकायत व किसान यूनियन द्वारा कई बार पंचायत से लेकर धरना प्रदर्शन तक किया गया।तहसील प्रशासन सण्डीला के राजस्व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने विवादित दीवार की नाप जोख की। जिसके बाद राजस्व विभाग द्वारा दीवार बनाने वाले पक्ष के मुखिया पर जुर्माना लगाया साथ ही उस पर धारा 67 की कार्यवाई करते हुए अन्य धाराओं को सम्लित कर कार्यवाई की गई।
वहीं धरना प्रदर्शन कर रहे भाकियू नेताओं को जेल भेजा।इतनी कार्यवाई करने के बाद भी दीवार टस से मस नहीं हुई।जिसके लिए राजस्व विभाग की पैमाईश टीम में शामिल लेखपालों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।पूरे मामले पर जो चर्चा चल रही है उसके अनुसार यदि विवादित दीवार चकरोड पर बनी है तो सरकारी मुलाज़िम उसे तथ्यों के बावजूद गिराने में असमर्थ क्यों हैं।वहीं यदि दीवार चकरोड पर नहीं बनी है तो उस सभ्रांत व्यक्ति पर जिसकी जगह पर दीवार बनी है उस पर जुर्माना क्यों लगाया गया जिससे उसकी सामाजिक मान सम्मान प्रतिष्ठा धूमिल हुई।
ऐसी स्थिति में राजस्व निरीक्षक जिन्होंने उच्चाधिकारियों को मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण कर भ्रामक रिपोर्ट प्रेषित कर गुमराह करने के साथ तहसील प्रशासन पर आरोप लगाने का अवसर दिया उनके विरुद्ध विधि सम्मत कार्यवाई क्यों नहीं हुई।वहीं यदि शिकायतकर्ता गलत था तो दीवार बनवाने वाले पक्ष पर जुर्माना लगाने की कार्यवाई क्यों हुई,वहीं उसी के विरुद्ध धारा 67 की प्रशासनिक अधिकारियों को कार्यवाई क्यों करनी पड़ी।यह ऐसे सवाल खड़े हैं जो प्रशासनिक अधिकारियों की कुम्भकर्णी नींद खोलने के लिए काफ़ी हैं।
जो अक्सर मौके पर न जाकर अधीनस्थों की बातों पर भरोसा कर लेते हैं कुछ ऐसा ही मामला झरोईया की चकरोड पर बनी दीवार है जिसे तहसील प्रशासन सण्डीला के तत्कालीन लापरवाह राजस्व निरीक्षक जो बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के झरोईया में तैनात रहे थे उक्त समस्या उन्हीं की देन है,ऐसा भाकियू नेताओं का आरोप है।भाकियू सावित्री गुट हरदोई जिलाध्यक्ष रफीक लंबू ने बताया कि आलमपुर में धरना प्रदर्शन स्थल पर संघठन के पदाधिकारियों के साथ उनके द्वारा उक्त मामले को लेकर एसडीएम सण्डीला को ज्ञापन सौंपा गया है।
जिसकी जांच कर जो भी दोषी पाया जाए उसके विरुद्ध कड़ी कार्यवाई की मांग शामिल है।यदि फिर भी लीपापोती होती है तो संघठन अबकी बार किसी भी कीमत पर चुप नहीं बैठेगा।वहीं पूरे मामले पर तहसील प्रशासन सण्डीला का कहना है मामले की जांच की जा रही है नियमानुसार कार्यवाई की जाएगी।
क्या बोले शिकायतकर्ता भाकियू नेता सतेंद्र सिंह
सण्डीला(हरदोई)
भारतीय किसान यूनियन सावित्री से जिला प्रभारी हरदोई ठाकुर सत्येंद्र सिंह जैसा की 4 वर्षों से निरंतर तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत झरोइया में चकरोड पर बनी दीवार जो चर्चा का विषय है जिन्होंने बताया कि वह हरदोई में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों से निवेदन करते हैं कि एक बार मौके पर आकर नक्शे के अनुसार पैमाईश करवाए और अगर वह दीवार चक मार्ग पर नहीं मिलती है तो उन्हें और राजस्व के उस लेखपाल को जिसने लोगों के मन में भ्रम उत्पन्न किया दोनों लोगों को जेल भेजने का कार्य किया जाए अन्यथा की स्थिति में उस चक रोड पर बनी दीवार को हटवाया जाए।
श्री सिंह ने कहा मैं ठाकुर सत्येंद्र सिंह यह चैलेंज करता हूं की जो झरोईया ग्राम पंचायत में जिस चक रोड की मैं बात कर रहा हूं अगर नक्शे के अनुसार बना हो तो मुझे दोषी मानकर मुझे फांसी पर चढ़ने का कार्य किया जाए क्योंकि वह नक्शे के अनुसार बना ही नहीं है।
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