Hardoi : संडीला में समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश अभियान के तहत प्रबुद्धजनों का भ्रमण
भ्रमण की शुरुआत टेक होम राशन प्लांट से हुई। यहां प्रबुद्धजनों की टीम ने राशन उत्पादन की प्रक्रिया का जायजा लिया। इस दौरान महिला समूहों से बातचीत की गई और उन्हें आत्मनिर्भरता के
हरदोई : संडीला तहसील में समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश-2047 अभियान के तहत 8 सितंबर 2025 को प्रबुद्धजनों का एक विशेष भ्रमण आयोजित किया गया। इस दौरान एक विशेष टीम ने क्षेत्र के विभिन्न स्थानों का दौरा किया और ग्रामीणों, महिलाओं, किसानों और स्कूली बच्चों से संवाद कर सरकार की योजनाओं की जानकारी साझा की। साथ ही, ग्रामीणों के सुझावों को सुनकर विकास कार्यों को और प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई। यह अभियान उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित राज्य बनाने के विजन को साकार करने के लिए चलाया जा रहा है, जिसमें जनता की भागीदारी को बढ़ावा देना प्रमुख उद्देश्य है।
टेक होम राशन प्लांट का दौरा और महिलाओं से संवाद
भ्रमण की शुरुआत टेक होम राशन प्लांट से हुई। यहां प्रबुद्धजनों की टीम ने राशन उत्पादन की प्रक्रिया का जायजा लिया। इस दौरान महिला समूहों से बातचीत की गई और उन्हें आत्मनिर्भरता के लिए प्रोत्साहित किया गया।
महिलाओं को उनके कार्य से होने वाले लाभ और बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई। टीम ने महिला समूहों की मेहनत की सराहना की और उन्हें सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
ग्रामीणों के साथ संवाद और सुझाव संग्रह
बेगमगंज पंचायत भवन में ग्रामीणों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। इस दौरान ग्रामीणों को समर्थ कर कोड के माध्यम से अपने सुझाव दर्ज करने की प्रक्रिया बताई गई। ग्रामीणों ने शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने पर जोर दिया। कई लोगों ने क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करने की मांग उठाई। इस संवाद ने ग्रामीणों को अपनी बात रखने का अवसर दिया और अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में मदद की।
स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण
टीम ने क्षेत्र के प्राथमिक स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों का दौरा किया।
इस दौरान बच्चों का वजन जांचा गया और कमजोर बच्चों की विशेष देखभाल के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए। बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) और सुपरवाइजर को नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में सुधार के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कस्तूरबा स्कूल में एआई लैब का अवलोकन
प्रबुद्धजनों की टीम ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का दौरा किया और वहां स्थापित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) लैब का निरीक्षण किया। बच्चों को नई तकनीकों को अपनाने और डिजिटल शिक्षा के प्रति जागरूक होने के लिए प्रेरित किया गया। एआई लैब को भविष्य की शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए, टीम ने इसे और प्रभावी बनाने के लिए सुझाव दिए।
किसानों से मुलाकात और कृषि पर चर्चा
कृषि विभाग के कैट सेंटर पर प्रबुद्धजनों ने किसानों से मुलाकात की और उनकी फसलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। किसानों को फूलों और केले की खेती को बढ़ावा देने की सलाह दी गई, क्योंकि ये फसलें क्षेत्र की मिट्टी और जलवायु के लिए उपयुक्त हैं।
साथ ही, उन्हें आधुनिक खेती की तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। किसानों ने भी अपनी समस्याएं साझा कीं, जिनके समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
ग्रामीणों की मांगें और समाधान के निर्देश
भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें स्टेडियम, पार्क, जल निकासी व्यवस्था, बस स्टॉप पर शौचालय निर्माण और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास शामिल था। प्रबुद्धजनों ने इन मांगों को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को शीघ्र समाधान के लिए निर्देश दिए। ग्रामीणों ने जल निकासी की समस्या को प्रमुखता से उठाया, क्योंकि बारिश के मौसम में क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनी रहती है।
प्रमुख व्यक्तियों की उपस्थिति
भ्रमण में के. रबिंद्र नायक, राकेश कुमार सूद, नरेश चंद्र शुक्ला, राघवेंद्र प्रताप सिंह, अरविंद कुमार जैन, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) हरदोई, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह, संडीला उपजिलाधिकारी नारायणी भटिया, अधिशासी अधिकारी अनिरुद्ध पटेल, खंड शिक्षा अधिकारी बृजेश त्रिपाठी, बीडीओ प्रतिमा शर्मा, बाल विकास परियोजना अधिकारी संडीला, कस्तूरबा स्कूल की अध्यापिकाएं आराधना, निशा सिंह, सीमा और तहसील प्रशासन, ब्लॉक प्रशासन, नगर पालिका संडीला के अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। पुलिस प्रशासन ने भी आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग दिया।
अभियान का उद्देश्य और महत्व
समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश-2047 अभियान का लक्ष्य जनता की भागीदारी से विकास की योजनाओं को गति देना है।
इस भ्रमण के माध्यम से न केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई गई, बल्कि उनकी समस्याओं और सुझावों को सुनकर नीति निर्माण में शामिल करने का प्रयास किया गया। यह अभियान उत्तर प्रदेश सरकार की उस पहल का हिस्सा है, जो राज्य को 2047 तक एक विकसित और समृद्ध राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
What's Your Reaction?











