गाजर का हलवा लेकर गए हो? PM मोदी और ISS पहुंचे शुभांशु शुक्ला की मजेदार बातचीत। 

भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया, जब भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन...

Jun 30, 2025 - 10:44
Jun 30, 2025 - 10:46
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गाजर का हलवा लेकर गए हो? PM मोदी और ISS पहुंचे शुभांशु शुक्ला की मजेदार बातचीत। 

भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया, जब भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंचे। 28 जून 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभांशु से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की और उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना की। इस बातचीत का सबसे मजेदार पल तब आया, जब PM मोदी ने हल्के-फुल्के अंदाज में पूछा, "आप जो गाजर का हलवा लेकर गए हैं, क्या उसे अपने साथियों को खिलाया?" शुभांशु ने जवाब दिया कि उन्होंने गाजर का हलवा, मूंग दाल का हलवा और आम रस अपने साथ ले गए थे, और उनके अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों ने इन भारतीय व्यंजनों का खूब आनंद लिया। यह 18 मिनट की बातचीत न केवल भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक मील का पत्थर थी, बल्कि यह भी दर्शाती थी कि कैसे भारतीय संस्कृति अंतरिक्ष की ऊंचाइयों तक पहुंच रही है। इस मजेदार और भावनात्मक बातचीत ने पूरे देश में लोगों का दिल जीत लिया।

  • शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा

शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन हैं और 1984 में राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय हैं। वे 25 जून 2025 को अमेरिका के नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान के जरिए Axiom-4 मिशन पर ISS के लिए रवाना हुए। इस मिशन में उनके साथ तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री थे: मिशन कमांडर पैगी व्हिटसन (अमेरिका), स्लावोस उज़नान्स्की-विस्निव्स्की (पोलैंड), और तिबोर कपु (हंगरी)। यह मिशन 14 दिनों का है, जिसमें शुभांशु और उनकी टीम विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे।

28 जून को ISS के हार्मनी मॉड्यूल से 400 किलोमीटर की ऊंचाई पर शुभांशु ने PM मोदी से बात की। यह बातचीत न केवल उनके व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करने का मौका थी, बल्कि भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को भी दर्शाती थी। शुभांशु ने बताया कि उन्होंने सात अनूठे वैज्ञानिक प्रयोग ISS पर लाए हैं, जिनमें स्टेम सेल और मांसपेशियों की हानि को रोकने से संबंधित प्रयोग शामिल हैं।

  • गाजर का हलवा और भारतीय संस्कृति

PM मोदी और शुभांशु की बातचीत में गाजर का हलवा चर्चा का केंद्र बन गया। जब PM मोदी ने पूछा, "आप जो गाजर का हलवा लेकर गए हैं, क्या उसे अपने साथियों को खिलाया?" तो शुभांशु ने जवाब दिया, "हां, मैं गाजर का हलवा, मूंग दाल का हलवा और आम रस लाया। मैं चाहता था कि मेरे साथ आए अन्य देशों के लोग भारत की समृद्ध खान-पान की संस्कृति का आनंद लें। हमने इसे एक साथ खाया और सभी को बहुत पसंद आया।"

यह छोटा-सा पल भारतीय संस्कृति की गर्मजोशी और आतिथ्य को अंतरिक्ष तक ले जाने का प्रतीक बन गया। शुभांशु ने कहा, "यह सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि घर की यादों का एक हिस्सा है।" उनकी इस बात ने लखनऊ में बैठी उनकी मां को भावुक कर दिया। उनकी मां ने न्यूज18 को बताया, "गाजर का हलवा तो मेडिकेटेड था, लेकिन भावनाएं एकदम असली थीं।" इस बातचीत ने न केवल शुभांशु की सादगी को दर्शाया, बल्कि यह भी दिखाया कि कैसे भारतीय व्यंजन वैश्विक मंच पर अपनी जगह बना रहे हैं।

  • अंतरिक्ष से भारत का नजारा

शुभांशु ने PM मोदी को बताया कि अंतरिक्ष से भारत का नजारा बेहद भव्य और विशाल है। उन्होंने कहा, "जब मैंने पहली बार भारत को अंतरिक्ष से देखा, तो यह नक्शे पर दिखने से कहीं ज्यादा बड़ा और शानदार लगा। पृथ्वी को बाहर से देखने पर ऐसा लगता है कि कोई सीमा नहीं है। न कोई राज्य, न कोई देश, बस एक पृथ्वी है, और हम सब मानवता का हिस्सा हैं।" यह बयान न केवल उनकी भावनाओं को दर्शाता है, बल्कि भारत की एकता और वैश्विक दृष्टिकोण को भी उजागर करता है। उन्होंने यह भी बताया कि ISS पृथ्वी की हर दिन 16 बार परिक्रमा करता है, जिससे उन्हें दिन में 16 बार सूर्योदय और सूर्यास्त देखने का मौका मिलता है। उस समय जब वह PM मोदी से बात कर रहे थे, वे हवाई के ऊपर से गुजर रहे थे। शुभांशु ने जीरो ग्रैविटी के अनुभव को भी साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान उनके पैर बंधे हुए थे, वरना वे तैरने लगते।

  • PM मोदी की प्रतिक्रिया

PM मोदी ने शुभांशु की तारीफ करते हुए कहा, "आप भारत से सबसे दूर हैं, लेकिन 140 करोड़ भारतीयों के दिल के सबसे करीब हैं। आपके नाम में ही 'शुभ' है, और आपकी यह यात्रा एक नए युग का शुभारंभ है।" उन्होंने शुभांशु को बधाई दी और कहा कि उनकी यह उपलब्धि चंद्रयान मिशन की सफलता के बाद युवाओं में विज्ञान और अंतरिक्ष अन्वेषण के प्रति नया उत्साह जगाएगी। PM मोदी ने यह भी कहा कि शुभांशु की यह यात्रा गगनयान मिशन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन है।

PM मोदी ने शुभांशु से उनकी सेहत और ISS पर उनके अनुभव के बारे में भी पूछा। शुभांशु ने जवाब दिया, "मैं पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित हूं। यह एक नया अनुभव है, और मैं इसे एक स्पंज की तरह सोख रहा हूं।" उन्होंने यह भी बताया कि अंतरिक्ष में छोटी-छोटी चीजें, जैसे पानी पीना या सोना, भी एक चुनौती है। उन्होंने कहा, "यहां आप छत पर, दीवार पर, कहीं भी सो सकते हैं, क्योंकि जीरो ग्रैविटी में कोई दिशा नहीं होती।"

  • युवाओं के लिए संदेश

शुभांशु ने युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी दिया। उन्होंने कहा, "भारत ने बड़े और महत्वाकांक्षी सपने देखे हैं। इन सपनों को पूरा करने के लिए युवाओं की जरूरत है। सफलता का कोई एक रास्ता नहीं है, लेकिन मेहनत और लगन जरूरी है। अगर आप मेहनत करते रहेंगे, तो सफलता आज नहीं तो कल जरूर मिलेगी। स्काई इज नेवर द लिमिट।" यह संदेश न केवल युवाओं के लिए प्रेरणा है, बल्कि भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को भी दर्शाता है।

  • Axiom-4 मिशन और वैज्ञानिक प्रयोग

Axiom-4 मिशन एक व्यावसायिक मिशन है, जो अमेरिका की निजी कंपनी Axiom Space द्वारा संचालित है। इस मिशन में शुभांशु और उनकी टीम 14 दिनों तक ISS पर रहकर विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे। शुभांशु ने बताया कि भारतीय वैज्ञानिकों ने सात अनूठे प्रयोग तैयार किए हैं, जिनमें से एक स्टेम सेल पर आधारित है। दूसरा प्रयोग मांसपेशियों की हानि को रोकने के लिए एक विशेष सप्लीमेंट पर केंद्रित है, जो अंतरिक्ष यात्रियों के साथ-साथ पृथ्वी पर बुजुर्गों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।

शुभांशु ने यह भी बताया कि ISS पर उनके साथी अंतरिक्ष यात्रियों ने भारतीय भोजन का स्वागत किया। मिशन कमांडर पैगी व्हिटसन, जो पहले भी नासा के लिए कई मिशन में हिस्सा ले चुकी हैं, ने भारतीय व्यंजनों की तारीफ की। यह मिशन न केवल भारत की वैज्ञानिक प्रगति को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक सहयोग का भी प्रतीक है।

  • परिवार और देश का गर्व

शुभांशु की इस उपलब्धि पर उनका परिवार और पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है। लखनऊ में उनके परिवार ने इस बातचीत को टीवी पर देखा और उनकी मां भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, "मेरे बेटे ने देश का नाम रोशन किया है। PM मोदी के साथ उसकी बातचीत देखकर मुझे बहुत गर्व हुआ।" शुभांशु के पिता ने भी कहा कि यह उनके लिए गर्व का पल है, और वे चाहते हैं कि शुभांशु भविष्य में और उपलब्धियां हासिल करें।

सोशल मीडिया पर भी इस बातचीत ने खूब सुर्खियां बटोरीं। @AIRNewsHindi ने लिखा, "PM मोदी ने शुभांशु से पूछा, 'आप जो गाजर का हलवा ले गए हैं, क्या उसे अपने साथियों को खिलाया?'" @TV9Bharatvarsh ने भी इस पल को साझा करते हुए इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया। कुछ यूजर्स ने इस मजेदार बातचीत को "भारतीय संस्कृति का अंतरिक्ष में स्वाद" करार दिया।

  • गगनयान मिशन

PM मोदी ने इस बातचीत में गगनयान मिशन का जिक्र किया, जो भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन है। शुभांशु उन चार अंतरिक्ष यात्रियों में से एक हैं, जिन्हें इस मिशन के लिए चुना गया है। उन्होंने रूस में एक साल तक प्रशिक्षण लिया और अब ISS पर अपने अनुभवों को गगनयान मिशन के लिए उपयोग करेंगे। PM मोदी ने कहा कि शुभांशु का यह अनुभव भारत के अंतरिक्ष स्टेशन और चंद्रमा पर कदम रखने के सपने को पूरा करने में मदद करेगा। PM मोदी और शुभांशु शुक्ला की यह बातचीत न केवल एक ऐतिहासिक पल थी, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, विज्ञान और महत्वाकांक्षा का संगम थी। गाजर का हलवा, मूंग दाल का हलवा और आम रस जैसे साधारण व्यंजनों ने अंतरिक्ष में भारतीय आतिथ्य की छाप छोड़ी। शुभांशु की यह यात्रा भारत के युवाओं के लिए प्रेरणा है और गगनयान मिशन की नींव मजबूत करती है। जैसा कि शुभांशु ने कहा, "स्काई इज नेवर द लिमिट," यह बातचीत भारत के अंतरिक्ष सपनों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रतीक है।

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