Hardoi News: कार्य पालिका, विधायिका और न्यायपालिका को उनका कर्तव्य बोध संविधान ही कराता है- अजीत सिंह बब्बन

देश का शासन चलाने वाले कार्य पालिका, विधायिका और न्यायपालिका को भी उनका कर्तव्य बोध संविधान ही कराता है। उन्होंने कहा कि नेट की उपलब्धता ....

Nov 26, 2024 - 17:40
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Hardoi News: कार्य पालिका, विधायिका और न्यायपालिका को उनका कर्तव्य बोध संविधान ही कराता है- अजीत सिंह बब्बन

अम्बरीष कुमार सक्सेना

हरदोई। भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ संविधान दिवस के अवसर पर भारतीय संविधान के निर्माता भारत रत्न डा.भीमराव आंबेडकर के छाया चित्र व भारतीय संविधान पर माल्यार्पण किया।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने कहा कि  भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा और लिखित संविधान हैं, जो नागरिक को संवैधानिक अधिकार के साथ ही उनके कर्तव्यों की व्याख्या कर उनको एक सशक्त नागरिक बनाता है। संविधान नागरिकों को मौलिक कर्तव्यों के माध्यम से उनके कर्तव्यों का बोध कराता है। देश में बनाए जाने वाले कानून का उद्देश्य भी आम जनता के मौलिक अधिकारों की रक्षा करना है। संविधान कानून की उत्पत्ति का स्रोत है,।

देश का शासन चलाने वाले कार्य पालिका, विधायिका और न्यायपालिका को भी उनका कर्तव्य बोध संविधान ही कराता है। उन्होंने कहा कि नेट की उपलब्धता और डिजिटलीकरण से आज ज्ञान हर व्यक्ति तक आसानी से पहुंच गया है। इसका लाभ उठते हुए हम सभी भारतीय नागरिकों को संविधान का अध्ययन अवश्य करना चाहिए। जिससे कि हमें कोई भ्रामक तथ्यों से बहका न सके। इससे हमें अपने संवैधानिक अधिकारों की जानकारी होगी और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझेंगे जब संविधान पढ़ेंगे।

कहा कि देश चलाने के लिए संविधान को सबसे पवित्र ग्रंथ माना जाता है। मोदी और योगी नेतृत्व की भाजपा सरकार बाबा साहब आंबेडकर के पवित्र ग्रंथ के दिखाए रास्तों पर चलते हुए देश को एक सूत्र में बांधकर आगे बढ़ रही है। कहा कि कांग्रेस के शासनकाल के दौरान संविधानिक मूल्यों को दरकिनार करते हुए गांधी परिवार ने सत्ता में बने रहने का प्रयास किया। 1975 में लगाया गया आपातकाल देश के इतिहास का एक बदनुमा दाग है।

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कहा कि धारा 356 के तहत राष्ट्रपति शासन संवैधानिक अधिकारों के दायरे में आता है, लेकिन कांग्रेस ने इसका भी बेजा इस्तेमाल किया। कांग्रेस के शासनकाल में 124 बार राष्ट्रपति शासन लगाए गए हैं, इनमें से आठ बार जवाहरलाल नेहरू के प्रधानमंत्री काल में लगाया गया तो इंदिरा गांधी के कार्यकाल में 50 बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया. 1980 में केवल तीन दिनों के भीतर ही नौ राज्यों में बहुमत वाली सरकारों को बर्खास्त किया गया था। यह दिखाता है कि कांग्रेस ने लोकतंत्र को कुचलने के लिए बाबा साहब के बनाए संविधान की कैसी धज्जियां उड़ाई। आज  उसी परिवार के सांसद राहुल गांधी अपने राजनैतिक वजूद को बचाने के लिए संविधान खतरे में है का झूठा प्रचार करते फिर रहे है। लेकिन इतिहास भुलाया नहीं जा सकता, जनता हकीकत जान गई। जिसका नतीजा चुनावों में आए जनमत ने दे दिया।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से पूर्व जिला अध्यक्ष राम बहादुर सिंह जिला उपाध्यक्ष प्रीतेश दीक्षित जिला महामंत्री अनुराग मिश्रा ओम वर्मा आजाद भदौरिया जिला मीडिया प्रभारी गांगेश पाठक प्रचार मंत्री संदीप अवस्थी कार्यालय मंत्री अतुल सिंह सह मीडिया प्रभारी परेश लोहिया सत्यम शुक्ला मुकुल सिंह आशा गगन द्विवेदी अनुराग श्रीवास्तव आशुतोष आजाद मौजूद रहे।

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