ITR फाइलिंग बनी और भी आसान: 'कर साथी' समझाएगा मुश्किल नियम और फॉर्म, करदाताओं के लिए निजी सलाहकार की तरह करेगा काम।
आयकर विभाग द्वारा विकसित 'कर साथी' चैटबॉट को विशेष रूप से उन करदाताओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की
- आयकर विभाग की डिजिटल छलांग: 'कर साथी' AI चैटबॉट लॉन्च, अब 24 घंटे मिलेगा टैक्स संबंधी हर उलझन का समाधान।
- तकनीक से सुधरेगा टैक्स सिस्टम: आयकर विभाग ने पेश किया अपना पहला एआई सहायक, बिना किसी फीस के घर बैठे सुलझाएं अपनी टैक्स क्वेरी।
आयकर विभाग द्वारा विकसित 'कर साथी' चैटबॉट को विशेष रूप से उन करदाताओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की भारी-भरकम फीस या जटिल कानूनी शब्दावली के कारण परेशान रहते हैं। यह चैटबॉट विभाग के आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है, जहाँ कोई भी यूजर बिना लॉगिन किए भी सामान्य प्रश्न पूछ सकता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह 'जेनरेटिव एआई' तकनीक पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि यह केवल पहले से फीड किए गए जवाब नहीं देता, बल्कि यूजर के विशिष्ट प्रश्न के संदर्भ को समझकर उसे आसान भाषा में जवाब देता है। यह टूल 24x7 उपलब्ध रहेगा, जिससे रात के समय या छुट्टियों के दौरान भी करदाताओं को सहायता मिल सकेगी।
विस्तृत कार्यक्षमता की बात करें तो 'कर साथी' विभिन्न श्रेणियों के करदाताओं, जैसे वेतनभोगी व्यक्ति, वरिष्ठ नागरिक, और छोटे व्यापारियों के लिए अलग-अलग मार्गदर्शन प्रदान करता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी करदाता को यह समझ नहीं आ रहा है कि उसे 'पुरानी टैक्स व्यवस्था' (Old Tax Regime) चुननी चाहिए या 'नई टैक्स व्यवस्था' (New Tax Regime), तो यह चैटबॉट उनकी आय और निवेश के विवरण के आधार पर एक तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत कर सकता है। इसके अलावा, यह धारा 80C, 80D और अन्य कटौती के प्रावधानों को विस्तार से स्पष्ट करता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य करदाताओं को विभाग के करीब लाना और उनके मन से टैक्स फाइलिंग के प्रति बैठे डर को दूर करना है।
आयकर विभाग ने 'कर साथी' में बहुभाषी सहायता (Multilingual Support) का फीचर भी जोड़ा है। वर्तमान में यह हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ कई क्षेत्रीय भाषाओं में संवाद करने में सक्षम है, जिससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के करदाताओं को अपनी मातृभाषा में जानकारी प्राप्त करने में आसानी होगी। यह चैटबॉट न केवल कर गणना में मदद करता है, बल्कि यह रिफंड की स्थिति, पैन-आधार लिंकिंग, और ई-वेरिफिकेशन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के लिए सीधे लिंक भी प्रदान करता है। तकनीकी रूप से इसे इस तरह सुरक्षित बनाया गया है कि उपयोगकर्ता की गोपनीयता और डेटा सुरक्षा से कोई समझौता न हो। विभाग ने इसे लगातार अपडेट करने की योजना बनाई है ताकि नए कर संशोधनों को तुरंत इसके डेटाबेस में शामिल किया जा सके। 'कर साथी' एक सूचनात्मक टूल है। हालांकि यह सटीक गणना और नियम बताता है, लेकिन अंतिम फाइलिंग की जिम्मेदारी करदाता की स्वयं की होगी। विभाग का कहना है कि यह चैटबॉट केवल मार्गदर्शन के लिए है और कानूनी विवाद की स्थिति में आयकर अधिनियम के मूल दस्तावेज ही मान्य होंगे।
प्रक्रियागत सरलता को बढ़ावा देने के लिए यह एआई टूल अब सीधे ई-फाइलिंग फॉर्म के साथ भी एकीकृत किया जा रहा है। यानी जब आप ऑनलाइन फॉर्म भर रहे होंगे, तो 'कर साथी' एक विंडो के रूप में आपके साथ रहेगा। यदि आपको किसी विशिष्ट कॉलम या शब्द जैसे 'एग्जेंप्शन' या 'कैपिटल गेन्स' का अर्थ समझ नहीं आता, तो आप तुरंत चैट बॉक्स में पूछ सकते हैं। विभाग ने इस प्रणाली को इस तरह से प्रशिक्षित किया है कि यह पिछले कुछ वर्षों में करदाताओं द्वारा पूछे गए लाखों सामान्य प्रश्नों के आधार पर सबसे सटीक और आधिकारिक जानकारी प्रदान करे। इससे हेल्पलाइन नंबरों पर लगने वाली लंबी कतारों और कॉल वेटिंग की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सुरक्षा और डेटा गोपनीयता के मोर्चे पर आयकर विभाग ने कड़े मानक अपनाए हैं। 'कर साथी' के साथ की गई बातचीत पूरी तरह से एन्क्रिप्टेड है और विभाग ने आश्वस्त किया है कि इस डेटा का उपयोग किसी भी प्रकार के निगरानी उद्देश्य के लिए नहीं किया जाएगा। चैटबॉट का उपयोग करते समय करदाताओं को अपने निजी बैंक विवरण या पासवर्ड साझा करने की आवश्यकता नहीं होती है। यह केवल नियमों और प्रक्रियाओं से संबंधित जानकारी साझा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। डिजिटल साक्षरता को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग सोशल मीडिया और मोबाइल संदेशों के माध्यम से भी इस एआई टूल के प्रति जागरूकता फैला रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
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