अजब गजब: टीवी कवर में छिपाए 3 करोड़ रुपये के हाथी दांत, पकड़ने में हुयी बड़ी मशक्कत, अब जिन्दगी कटेगी...

हैदराबाद में वन्यजीव अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में, राचकोंडा पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस टीम (SOT) और हायतनगर वन विभाग ने मिलकर ....

Jun 26, 2025 - 15:05
 0  193
अजब गजब: टीवी कवर में छिपाए 3 करोड़ रुपये के हाथी दांत, पकड़ने में हुयी बड़ी मशक्कत, अब जिन्दगी कटेगी...

हैदराबाद में वन्यजीव अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में, राचकोंडा पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस टीम (SOT) और हायतनगर वन विभाग ने मिलकर 3 करोड़ रुपये कीमत के हाथी दांत की तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई 25 जून 2025 को एलबी नगर क्षेत्र में खुफिया सूचना के आधार पर की गई, जिसमें दो हाथी दांत (लगभग 5.62 किलोग्राम) और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई। इस मामले में एक आरोपी, रेकुलकुंटा प्रसाद (32 वर्ष), को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरा मुख्य आरोपी, लोकेश्वर रेड्डी, फरार है। राचकोंडा पुलिस आयुक्त जी. सुधीर बाबू के नेतृत्व में, SOT और हायतनगर वन विभाग ने एक विश्वसनीय सूचना के आधार पर यह ऑपरेशन शुरू किया। जानकारी मिली थी कि दो व्यक्ति, रेकुलकुंटा प्रसाद और लोकेश्वर रेड्डी, आंध्र प्रदेश के शेषाचलम जंगलों से अवैध रूप से प्राप्त किए गए हाथी दांत को हैदराबाद में बेचने की योजना बना रहे थे। इन दोनों ने दांतों को एक टीवी कवर में छिपाकर एक निजी बस के जरिए हैदराबाद पहुंचाया। 25 जून 2025 की सुबह, जब ये आरोपी एलबी नगर में संभावित खरीदारों से मिलने पहुंचे, SOT और वन विभाग की संयुक्त टीम ने छापा मारा।

छापेमारी के दौरान, पुलिस ने रेकुलकुंटा प्रसाद को हिरासत में लिया और उसके कब्जे से दो हाथी दांत (वजन 5.62 किलोग्राम) और एक मोबाइल फोन जब्त किया। इन दांतों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये आंकी गई है। हालांकि, दूसरा आरोपी, लोकेश्वर रेड्डी, मौके से फरार हो गया, और उसकी तलाश में पुलिस ने व्यापक अभियान शुरू किया है। इस कार्रवाई की निगरानी राचकोंडा पुलिस आयुक्त जी. सुधीर बाबू, अतिरिक्त डीसीपी (SOT) मो. शाकिर हुसैन, और वन रेंज अधिकारी साई प्रकाश ने की।

  • आरोपियों का आपराधिक इतिहास

पुलिस जांच में पता चला कि रेकुलकुंटा प्रसाद, जो आंध्र प्रदेश के अन्नमय्या जिले का निवासी है, और लोकेश्वर रेड्डी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। दोनों को पहले आंध्र प्रदेश में लाल चंदन (रेड सैंडलवुड) की तस्करी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और वे जेल में बंद थे। जेल से रिहा होने के बाद, उन्होंने वन्यजीव तस्करी की ओर रुख किया और शेषाचलम जंगलों में यनादी आदिवासी समुदायों के माध्यम से हाथी दांत प्राप्त किए। पुलिस आयुक्त सुधीर बाबू ने बताया कि यह एक अंतर-राज्यीय तस्करी गिरोह का हिस्सा है, जो संगठित तरीके से वन्यजीव उत्पादों की तस्करी करता है। उन्होंने कहा, "आरोपियों ने शेषाचलम जंगलों से दांत प्राप्त किए और उन्हें हैदराबाद में बेचने की योजना बनाई। हम इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने के लिए जांच को और गहरा कर रहे हैं।"

  • कानूनी कार्रवाई और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम

इस मामले में आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह अधिनियम हाथी दांत जैसे वन्यजीव उत्पादों की तस्करी को गंभीर अपराध मानता है, जिसमें सात साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। हाथी, जो भारत में अनुसूची-I प्रजाति के तहत संरक्षित हैं, की हत्या और उनके दांतों की तस्करी वन्यजीव संरक्षण के लिए एक गंभीर खतरा है। पुलिस ने जब्त किए गए दांतों को वन विभाग को सौंप दिया है, जो उनकी प्रामाणिकता और मूल की जांच करेगा। वन रेंज अधिकारी साई प्रकाश ने बताया कि यह तस्करी न केवल भारत में वन्यजीवों के लिए खतरा है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध नेटवर्क का हिस्सा भी हो सकता है।

  • वन्यजीव तस्करी: एक वैश्विक चुनौती

हाथी दांत की तस्करी वैश्विक स्तर पर एक गंभीर समस्या है, और भारत, जो एशियाई हाथियों का प्राकृतिक आवास है, इस अपराध का प्रमुख केंद्र रहा है। CITES (कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल ट्रेड इन एंडेंजर्ड स्पीसीज) के अनुसार, हाथी दांत का व्यापार 1989 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित है, फिर भी काला बाजार में इसकी मांग बनी हुई है। हैदराबाद, जो एक प्रमुख मेट्रो शहर और अंतरराष्ट्रीय हब है, तस्करों के लिए आकर्षक बाजार बन गया है। हाल के वर्षों में, भारत में वन्यजीव तस्करी के कई मामले सामने आए हैं। उदाहरण के लिए, 22 जून 2025 को कोयंबटूर में पांच लोगों को हाथी दांत बेचने की कोशिश में गिरफ्तार किया गया था। इस तरह की घटनाएं वन्यजीव संरक्षण के लिए भारत की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाती हैं और अधिक सख्त निगरानी और कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।

इस घटना ने न केवल वन्यजीव संरक्षण पर बल्कि सामाजिक स्तर पर भी गहरी चर्चा छेड़ दी है। X पर कई यूजर्स ने इस कार्रवाई की सराहना की, लेकिन साथ ही वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए और सख्त कदम उठाने की मांग की। एक यूजर ने लिखा, "हाथियों को बचाना हमारी जिम्मेदारी है। तस्करों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।" पर्यावरणविदों ने इस घटना को भारत में वन्यजीवों की स्थिति पर एक चेतावनी के रूप में देखा है। शेषाचलम जंगल, जो तिरुपति के पास स्थित हैं, पहले से ही अवैध कटाई और तस्करी की समस्याओं से जूझ रहे हैं। हाथियों की आबादी पहले ही खतरे में है, और ऐसी तस्करी उनकी प्रजाति के लिए और बड़ा खतरा बन रही है।

राचकोंडा पुलिस और हायतनगर वन विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई को एक मील का पत्थर माना जा रहा है। SOT की त्वरित कार्रवाई और वन विभाग के सहयोग ने न केवल तस्करी को रोका, बल्कि एक बड़े नेटवर्क को उजागर करने में भी मदद की। आयुक्त सुधीर बाबू ने कहा, "हमारी टीमें वन्यजीव अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के साथ काम कर रही हैं। यह ऑपरेशन हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।" हैदराबाद में 3 करोड़ रुपये के हाथी दांत की तस्करी का भंडाफोड़ वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्रवाई न केवल तस्करों के लिए एक चेतावनी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे पुलिस और वन विभाग का सहयोग बड़े अपराध नेटवर्क को तोड़ सकता है। हालांकि, लोकेश्वर रेड्डी की गिरफ्तारी और इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान अभी बाकी है।

Also Read- अजब गजब: अचानक एटीएम से निकलने लगे 1100 रूपये, लूटने को मची होड़, पुलिस ने जल्दी पहुंचकर मामला संभाला।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

INA News_Admin आई.एन. ए. न्यूज़ (INA NEWS) initiate news agency भारत में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार एजेंसी है, 2017 से एक बड़ा सफर तय करके आज आप सभी के बीच एक पहचान बना सकी है| हमारा प्रयास यही है कि अपने पाठक तक सच और सही जानकारी पहुंचाएं जिसमें सही और समय का ख़ास महत्व है।