जया बच्चन ने राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर उठाए सवाल, प्रियंका चतुर्वेदी से बोलीं- मुझे कंट्रोल मत कीजिए। 

राज्यसभा में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद और अनुभवी अभिनेत्री जया बच्चन...

By INA News Desk
Jul 31, 2025 - 16:03
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जया बच्चन ने राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर उठाए सवाल, प्रियंका चतुर्वेदी से बोलीं- मुझे कंट्रोल मत कीजिए। 
जया बच्चन ने राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर उठाए सवाल, प्रियंका चतुर्वेदी से बोलीं- मुझे कंट्रोल मत कीजिए। 
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राज्यसभा में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी की सांसद और अनुभवी अभिनेत्री जया बच्चन ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पहलगाम हमले में कई महिलाओं का सिंदूर उजड़ गया, तो इस जवाबी कार्रवाई का नाम सिंदूर रखना असंवेदनशील है। चर्चा के दौरान जब सत्ता पक्ष के सांसदों ने उन्हें टोकने की कोशिश की, तो जया बच्चन ने कहा, “या तो आप बोलिए या मैं बोलूंगी। जब आप बोलते हैं, मैं टोकती नहीं। जब कोई महिला बोलती है, मैं कभी नहीं टोकती। अपनी भाषा संभालिए।” इस बीच, पास बैठीं शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने उन्हें शांत करने की कोशिश की, तो जया बच्चन ने कहा, “प्रियंका, मुझे कंट्रोल मत कीजिए।” इस घटना ने सदन में हल्का तनाव पैदा किया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बाइसारन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर हिंदू पर्यटक थे। इस हमले की जिम्मेदारी द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली, जिसे भारत ने लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी संगठन बताया। भारत ने इस हमले को पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद से जोड़ा, जिसे पाकिस्तान ने खारिज किया। जवाब में, भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के नौ ठिकानों पर हवाई हमले किए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे सटीक और गैर-वृद्धि वाला ऑपरेशन बताया।

पाकिस्तान ने दावा किया कि इन हमलों में 26 नागरिक मारे गए, जबकि भारत ने कहा कि कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ। भारत ने स्वीकार किया कि ऑपरेशन में तीन विमान खो गए, जिनमें संभवतः एक राफेल शामिल था। इस हमले और ऑपरेशन ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को बढ़ा दिया, जिसके बाद विपक्षी नेताओं ने सरकार की नीतियों और ऑपरेशन के नाम पर सवाल उठाए।

  • जया बच्चन का भाषण

30 जुलाई 2025 को राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान जया बच्चन ने अपनी बात रखी। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए की। उन्होंने कहा, “यह घटना किसी काल्पनिक कहानी जैसी लगती है। आतंकवादी आए, इतने लोगों को मार डाला, और कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह अवास्तविक है।” इसके बाद, उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर सवाल उठाए। उन्होंने सत्ता पक्ष से कहा, “मैं आपको बधाई देती हूं कि आपने इतने अच्छे लेखक नियुक्त किए हैं, जो इतने भव्य नाम रखते हैं। लेकिन इस ऑपरेशन का नाम सिंदूर क्यों रखा? उन महिलाओं का सिंदूर तो उजड़ गया, जिनके पति मारे गए।”

जया बच्चन ने सरकार पर खुफिया विफलता का आरोप लगाया और कहा कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद सरकार ने दावा किया था कि कश्मीर में आतंकवाद खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा, “आपने लोगों का विश्वास तोड़ा है। पीड़ित परिवार आपको कभी माफ नहीं करेंगे।” उन्होंने सरकार से संवेदनशीलता और विनम्रता दिखाने की अपील की और कहा, “लोगों ने आपको यह जिम्मेदारी दी है कि आप उनकी रक्षा करें। उनकी रक्षा कीजिए।”

  • प्रियंका चतुर्वेदी के साथ तीखी नोकझोंक

चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष के सांसदों ने जया बच्चन को बार-बार टोका, जिससे वे नाराज हो गईं। उन्होंने कहा, “मेरे कान तेज हैं। मुझे सब सुनाई देता है। या तो आप बोलिए या मैं बोलूंगी। जब आप बोलते हैं, मैं टोकती नहीं।” इस बीच, पास बैठीं शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने उन्हें शांत करने की कोशिश की। प्रियंका ने हल्के से उनका हाथ पकड़कर या इशारा करके उन्हें शांत करने का प्रयास किया, लेकिन जया बच्चन ने तुरंत जवाब दिया, “प्रियंका, मुझे कंट्रोल मत कीजिए।” इस टिप्पणी पर प्रियंका हंस पड़ीं, और सदन में मौजूद अन्य सांसदों ने भी हल्की हंसी के साथ इस पल को लिया। यह वाकया सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, और कई लोगों ने इसे मजेदार बताया।

  • बीजेपी की प्रतिक्रिया

जया बच्चन के बयान पर बीजेपी ने कड़ा ऐतराज जताया। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, “जया बच्चन जी, आतंकवादियों ने सिंदूर उजाड़ा, लेकिन सिंदूर केवल सजावट का प्रतीक नहीं है; यह ताकत और क्षमता का भी प्रतीक है। ऑपरेशन सिंदूर का नाम इसलिए चुना गया ताकि यह संदेश जाए कि अगर तुम सिंदूर उजाड़ोगे, तो हम तुम्हें नष्ट कर देंगे। यह लक्ष्य हासिल किया गया।” उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर सशस्त्र बलों का मनोबल कम करने का आरोप लगाया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुना था, क्योंकि पहलगाम हमले में आतंकवादियों ने हिंदू पुरुषों को उनकी पत्नियों और बच्चों के सामने गोली मारी थी। सिंदूर, जो हिंदू संस्कृति में विवाह का प्रतीक है, इस ऑपरेशन के नाम के रूप में चुना गया ताकि यह दर्शाया जाए कि भारत उन लोगों का बदला लेगा, जिन्होंने महिलाओं की मांग का सिंदूर उजाड़ा।

जया बच्चन के बयान ने विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तनाव को और बढ़ा दिया। विपक्षी सांसदों ने सरकार पर आतंकवाद से निपटने में विफलता का आरोप लगाया। तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन के बयान का हवाला देते हुए जया बच्चन ने कहा, “डेरेक ने कल एक अच्छी बात कही थी- तर्क जितना कमजोर, शारीरिक हाव-भाव उतना आक्रामक।” उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अगर रक्षा मंत्रालय इतना आत्मनिर्भर है, तो 26 लोगों की जान क्यों नहीं बचा सकी।

सत्ता पक्ष ने जवाब में विपक्ष पर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। बीजेपी सांसद सुरेंद्र सिंह नागर, जो उस समय सभापति की भूमिका में थे, ने जया बच्चन से कहा, “जया जी, आप सभापति को संबोधित करें। आप जो कहेंगी, वह रिकॉर्ड में जाएगा।”

जया बच्चन और प्रियंका चतुर्वेदी के बीच इस नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कई यूजर्स ने इसे मजेदार बताया, जबकि कुछ ने जया बच्चन की गंभीरता और बेबाकी की सराहना की। एक यूजर ने X पर लिखा, “जया बच्चन ने प्रियंका चतुर्वेदी को डांटकर सदन में हल्का-फुल्का पल दे दिया, लेकिन उनकी बात में दम था।” वहीं, कुछ यूजर्स ने बीजेपी की प्रतिक्रिया का समर्थन करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का नाम सही था, क्योंकि यह शक्ति और बदले का प्रतीक था।

जया बच्चन का यह बयान और प्रियंका चतुर्वेदी को उनकी टिप्पणी संसद में मर्यादा और व्यवहार के मुद्दे को सामने लाती है। जया बच्चन पहले भी अपने बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने कई बार सत्ता पक्ष और मीडिया पर तीखे हमले किए हैं। इस घटना ने उनके तेज-तर्रार स्वभाव को फिर से उजागर किया। हालांकि, प्रियंका चतुर्वेदी ने इस टिप्पणी को हल्के में लिया और हंसकर जवाब दिया, जिससे सदन का माहौल तनावपूर्ण होने से बच गया।

जया बच्चन अकेली नहीं थीं, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाए। कांग्रेस सांसद प्रणति शिंदे ने ऑपरेशन की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि कितने आतंकवादी मारे गए और भारत ने क्या हासिल किया। उन्होंने कहा, “हम पीड़ित परिवारों से हजार बार माफी मांगेंगे, लेकिन बीजेपी के समर्थकों को कभी नहीं।” वहीं, शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच रद्द करने की मांग की, जिसका उल्लेख उन्होंने उसी दिन सदन में किया। जया बच्चन का राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर सवाल उठाना और प्रियंका चतुर्वेदी को “मुझे कंट्रोल मत कीजिए” कहना संसद में एक चर्चित पल बन गया।

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