Lucknow : उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 की प्रगति पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी की प्रेस वार्ता आयोजित

नो मैपिंग वाले मतदाताओं या उनके अधिकृत व्यक्ति को जन्म तिथि या जन्म स्थान प्रमाणित करने वाले दस्तावेज दिखाने होंगे। तार्किक विसंगतियों में प्रक्रिया सरल की गई है और दस्तावे

Feb 18, 2026 - 22:44
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Lucknow : उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 की प्रगति पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी की प्रेस वार्ता आयोजित
Lucknow : उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 की प्रगति पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी की प्रेस वार्ता आयोजित

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने लोक भवन के मीडिया सेंटर में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 अभियान की प्रगति पर प्रेस वार्ता की। उन्होंने नो मैपिंग और तार्किक विसंगतियों से जुड़े नोटिसों की सुनवाई तथा फॉर्म-6 और फॉर्म-7 की प्राप्ति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची में नो मैपिंग से जुड़े 1.04 करोड़ और तार्किक विसंगतियों से जुड़े 2.22 करोड़ सहित कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी करने हैं। अब तक 3.25 करोड़ नोटिस जारी हो चुके हैं। इनमें से 1.85 करोड़ से अधिक नोटिस बूथ लेवल अधिकारियों ने मतदाताओं तक पहुंचाए हैं। प्राप्त नोटिसों में से 1.15 करोड़ पर सुनवाई हो चुकी है।

सुनवाई की प्रगति पर उन्होंने कहा कि 5 फरवरी तक 30 लाख, 9 फरवरी को 37.19 लाख, 13 फरवरी को 60 लाख, 14 फरवरी को 69.17 लाख, 15 फरवरी को 79.75 लाख और 18 फरवरी को 1.15 करोड़ नोटिसों पर सुनवाई पूरी हुई। पिछले तीन दिनों में 35 लाख से अधिक नोटिसों की सुनवाई हुई। इस गति से निर्धारित समय में सुनवाई पूरी हो जाएगी। अभियान शुरू होने पर 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और 2042 सहायक अधिकारी थे, जो अब 13,161 हो गए हैं। सुनवाई केंद्र पहले 3,984 थे, जो 9 फरवरी को बढ़कर 4,635 हो गए। अधिकारियों को मतदान केंद्रों पर जाकर सुनवाई करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मतदाताओं को कम दूरी तय करनी पड़े।

नो मैपिंग वाले मतदाताओं या उनके अधिकृत व्यक्ति को जन्म तिथि या जन्म स्थान प्रमाणित करने वाले दस्तावेज दिखाने होंगे। तार्किक विसंगतियों में प्रक्रिया सरल की गई है और दस्तावेजों की बाध्यता कम है। तार्किक विसंगति में नाम में गड़बड़ी, माता-पिता से आयु अंतर 15 वर्ष से कम या 50 वर्ष से अधिक, दादा-दादी से 40 वर्ष से कम अंतर या एक पिता से 6 से अधिक मैपिंग शामिल है। बूथ लेवल अधिकारी नोटिस मतदाता या निकट संबंधी को देंगे और पावती बीएलओ ऐप पर अपलोड करेंगे। ऐप में पिछले पुनरीक्षण की सूची का अंश, संबंध प्रमाणित दस्तावेज और घोषणा अपलोड होगी। मतदाता या संबंधी का हस्ताक्षर और फोटो भी अपलोड किया जाएगा।फॉर्म-6 के बारे में बताया कि 6 जनवरी से 17 फरवरी तक 54.40 लाख फॉर्म प्राप्त हुए, जिनमें महिलाएं 27.20 लाख, पुरुष 27.19 लाख और तृतीय लिंग 222 हैं। 18-29 आयु वर्ग के 36.76 लाख युवाओं के फॉर्म आए। 27 अक्टूबर 2025 से अब तक 70 लाख से अधिक नए फॉर्म-6 प्राप्त हुए। फॉर्म-7 पर भ्रांतियां दूर करते हुए कहा कि 6 जनवरी से 17 फरवरी तक 1.40 लाख फॉर्म प्राप्त हुए, जिसमें महिलाएं 55,752, पुरुष 84,667 और तृतीय लिंग 6 हैं। 27 अक्टूबर 2025 से अब तक 1.89 लाख फॉर्म-7 आए। 6 जनवरी से 16 फरवरी तक प्राप्त 1.35 लाख फॉर्म-7 में 70,865 स्वयं मतदाताओं द्वारा, 16,863 फॉर्म-8 से स्वतः जनरेट और अन्य द्वारा मात्र 47,684 हैं।

12.55 करोड़ मतदाताओं में अब तक 23,935 नाम हटे, जिसमें फॉर्म-8 से 14,388, स्वयं स्थानांतरण से 5,211 और अन्य द्वारा 4,336 हैं। फॉर्म-10 रोज बूथवार चस्पा और जिला वेबसाइट पर प्रकाशित हो रहा है। प्रशिक्षण से वंचित अधिकारियों को 17 फरवरी को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। सभी को बीएलओ को प्रक्रिया स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए। यह वैधानिक प्रक्रिया लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 और नियम-1960 के अनुसार चल रही है। नागरिकों और राजनीतिक दलों से तथ्यों पर सहयोग की अपील की गई।

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