डोनाल्ड को चुप कराओ, उसका मुंह बंद कराओ, नहीं तो हिंदुस्तान में.... कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने लोकसभा में कह दी बड़ी बात
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी इस चर्चा में हिस्सा लिया और सरकार से सवाल किया कि अगर पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दबाव में था, तो सरकार ने इसे
ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में दीपेंद्र हुड्डा का सरकार पर हमला, ट्रंप के दावों पर जवाब मांगा
नई दिल्ली : हरियाणा के रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता के दावों पर सरकार की चुप्पी की आलोचना की। हुड्डा ने कहा कि सरकार को ट्रंप को जवाब देना चाहिए या फिर भारत में मैकडॉनल्ड्स को बंद करना चाहिए। उनके इस बयान ने सदन में हलचल मचा दी और सोशल मीडिया पर भी यह चर्चा का विषय बन गया।
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले पर चर्चा 28 जुलाई 2025 को शुरू हुई। यह चर्चा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुरू की, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को ऐतिहासिक बताया और भारतीय सैनिकों की बहादुरी की सराहना की। इस चर्चा में दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि ट्रंप ने 28 बार दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम करवाया। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब ट्रंप बार-बार ऐसे दावे कर रहे हैं, तो सरकार ने इसका खंडन क्यों नहीं किया। हुड्डा ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "या तो डोनाल्ड को चुप कराओ, उसका मुंह बंद कराओ, या फिर भारत में मैकडॉनल्ड्स को बंद कराओ।" इस बयान पर सदन में मौजूद कुछ सांसद हंस पड़े, जिसमें कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल थीं।
हुड्डा ने यह भी कहा कि अमेरिका को यह चुनना होगा कि वह भारत के साथ कैसा रिश्ता चाहता है। उन्होंने तर्क दिया कि जब तुर्की ने पाकिस्तान का समर्थन किया, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साइप्रस गए, जिससे अच्छा संदेश गया। लेकिन अगर असली चुनौती चीन से थी, तो सरकार को ताइवान जाकर संदेश देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान की बराबरी नहीं की जा सकती, और सरकार को ट्रंप के दावों पर कड़ा रुख अपनाना चाहिए।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी इस चर्चा में हिस्सा लिया और सरकार से सवाल किया कि अगर पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दबाव में था, तो सरकार ने इसे क्यों रोका और किसके सामने झुका। गोगोई ने कहा कि 10 मई को अचानक युद्धविराम की घोषणा हुई, जिसके पीछे का कारण स्पष्ट नहीं है। उन्होंने पूछा कि अगर पाकिस्तान हार मानने को तैयार था, तो सरकार ने आगे बढ़कर अवैध कब्जे वाली जमीन को वापस लेने की कोशिश क्यों नहीं की।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इन दावों का जवाब देते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच कोई व्यापारिक दबाव नहीं था। उन्होंने बताया कि 9 मई को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री को फोन कर पाकिस्तान से हमले की चेतावनी दी थी। भारत ने इसका जवाब दिया और 9-10 मई को हमला नाकाम कर दिया गया। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि 22 अप्रैल से 17 जून तक प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप के बीच कोई बातचीत नहीं हुई। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है और ऑपरेशन सिंदूर इसका उदाहरण है।
ऑपरेशन सिंदूर का यह मुद्दा 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। इस हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की, जिसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की निर्णायक कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे उनकी हवाई ताकत को काफी नुकसान पहुंचा।
हुड्डा ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर में रणनीतिक गलती की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पाकिस्तान की सेना या नागरिक ढांचे को निशाना नहीं बनाया, जिससे पाकिस्तानी सेना को क्लीन चिट मिल गई। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप के दावों ने भारत की सेना की बहादुरी और देश की गरिमा पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर उनके इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ लोगों ने इसे मजेदार और सटीक व्यंग्य बताया, जबकि कुछ ने इसे अनुचित माना। एक यूजर ने लिखा, "हुड्डा ने सरकार की चुप्पी को उजागर किया। ट्रंप के दावों का जवाब देना जरूरी है।" वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा, "मैकडॉनल्ड्स को बंद करने की बात कहना हास्यास्पद है।"
दीपेंद्र हुड्डा रोहतक से पांच बार के सांसद हैं और हरियाणा में कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में से एक हैं। वे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे हैं और रोहतक को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के अरविंद शर्मा को 3,45,298 वोटों से हराया था। हुड्डा ने अपनी राजनीतिक यात्रा 2005 में शुरू की थी, जब वे 27 साल की उम्र में रोहतक से लोकसभा सांसद बने। 2019 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 2024 में उन्होंने शानदार वापसी की।
इस चर्चा में विपक्ष ने सरकार पर कई सवाल उठाए। गौरव गोगोई ने कहा कि पूरा देश और विपक्ष प्रधानमंत्री का समर्थन कर रहा था, लेकिन अचानक युद्धविराम की घोषणा ने सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि अगर पाकिस्तान दबाव में था, तो सरकार ने ऑपरेशन को क्यों रोका। विपक्ष ने यह भी मांग की कि पहलगाम हमले में सुरक्षा चूक पर जवाब दिया जाए। जवाब में, गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर विदेशी स्रोतों पर भरोसा करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
सोशल मीडिया पर हुड्डा के बयान को लेकर कई प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ यूजर्स ने उनकी तारीफ की और कहा कि उन्होंने सरकार की चुप्पी को सही तरीके से उठाया। एक यूजर ने लिखा, "हुड्डा ने बिना डरे सच्चाई सामने रखी।" वहीं, कुछ ने इसे तमाशा करार दिया। इस विवाद ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संबंधों और विदेश नीति पर चर्चा को तेज कर दिया है।
हुड्डा का यह बयान न केवल ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा को लेकर महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि विपक्ष सरकार की विदेश नीति और आतंकवाद के मुद्दे पर कितना आक्रामक है। यह चर्चा 16 घंटे तक चली, जिसमें दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी। सरकार ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा था और इसमें किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं थी।
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