‘मरकज सुभान अल्लाह’: बहावलपुर में जैश का आतंकी गढ़ ध्वस्त, भारत ने ऑपरेशन सिंदूर से तोड़ी हमलों की साजिश
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित बहावलपुर का मरकज सुभान अल्लाह जैश-ए-मोहम्मद का सबसे बड़ा प्रशिक्षण और भर्ती केंद्र था। यह परिसर आतंकवाद का ऐसा अड्डा था, जहां से भारत पर कई बड़े हमलों की ...
7 मई 2025 की रात भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले कर आतंकवाद के खिलाफ अपनी दृढ़ता का परिचय दिया। इस ऑपरेशन का सबसे बड़ा निशाना था बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का कुख्यात मुख्यालय मरकज सुभान अल्लाह (Markaz Subhan Allah), जहां से भारत पर बड़े आतंकी हमलों की साजिश रची जाती थी। इस हमले में जैश के सरगना मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य और 4 सहयोगी मारे गए, जिसने आतंकी संगठन की कमर तोड़ दी। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए क्रूर आतंकी हमले का जवाब थी, जिसमें 26 लोग शहीद हुए थे। आइए, मरकज सुभान अल्लाह (Markaz Subhan Allah) के आतंकी इतिहास, ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) की रणनीति और इसके प्रभावों को विस्तार से जानते हैं।
मरकज सुभान अल्लाह (Markaz Subhan Allah): आतंक का काला गढ़
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित बहावलपुर का मरकज सुभान अल्लाह (Markaz Subhan Allah) जैश-ए-मोहम्मद का सबसे बड़ा प्रशिक्षण और भर्ती केंद्र था। यह परिसर आतंकवाद का ऐसा अड्डा था, जहां से भारत पर कई बड़े हमलों की साजिश रची गई।
- स्थापना और संरचना:
- 2000 में मसूद अजहर ने जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना की, और मरकज सुभान अल्लाह (Markaz Subhan Allah) इसका केंद्रीय मुख्यालय बना। यह 10 एकड़ में फैला एक किलेनुमा परिसर है, जिसमें मस्जिद, मदरसा, हॉस्टल, हथियार गोदाम और प्रशिक्षण मैदान शामिल हैं।
- मसूद अजहर और उसके परिवार के कई सदस्य यहां रहते थे, और यह परिसर उनकी गतिविधियों का केंद्र था।
- आतंकी गतिविधियां:
- 2001 संसद हमला: दिल्ली में भारतीय संसद पर हमले की योजना मरकज सुभान अल्लाह (Markaz Subhan Allah) में रची गई।
- 2016 पठानकोट हमला: वायुसेना अड्डे पर हमले के लिए आतंकियों को यहीं प्रशिक्षित किया गया।
- 2019 पुलवामा हमला: CRPF काफिले पर हमले की साजिश में मरकज का इस्तेमाल हुआ।
- 2025 पहलगाम हमला: खुफिया सूत्रों के अनुसार, पहलगाम हमले के लिए आतंकियों को मरकज में प्रशिक्षण और निर्देश दिए गए थे।
- पाकिस्तान की मिलीभगत: मरकज को पाकिस्तानी सेना और ISI का संरक्षण प्राप्त था। यह परिसर रिहायशी इलाके में होने के बावजूद खुलेआम आतंकी गतिविधियों का केंद्र बना रहा।
ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor): मरकज पर सटीक प्रहार
‘ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)’ 7 मई 2025 को रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच अंजाम दिया गया, जिसमें भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। मरकज सुभान अल्लाह (Markaz Subhan Allah) इस ऑपरेशन का प्राथमिक निशाना था।
- रणनीति:
- लॉइटरिंग म्यूनिशन: भारत ने पहली बार आत्मघाती ड्रोन का उपयोग किया, जो आसमान में मंडराते हुए सटीक निशाना लगाते हैं। इनकी 1-10 मीटर की सटीकता ने मरकज के हथियार गोदाम और कमांड सेंटर को नष्ट किया।
- SCALP मिसाइल और HAMMER बम: 250 किमी रेंज वाली मिसाइलों और बमों ने मरकज की इमारतों को राख में मिला दिया।
- खुफिया इनपुट: रॉ और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने मरकज में आतंकी गतिविधियों और मसूद के परिवार की मौजूदगी की पुष्टि की, जिसके आधार पर हमला किया गया।
- परिणाम:
- मसूद अजहर ने स्वीकार किया कि उनके परिवार के 10 सदस्य (बड़ी बहन, बहनोई, भतीजा, भतीजी, पांच बच्चे) और 4 सहयोगी मारे गए।
- मरकज की मुख्य इमारतें, हथियार गोदाम और प्रशिक्षण मैदान पूरी तरह नष्ट हो गए।
- कुल 70-90 आतंकी मारे गए, जिनमें जैश के कई वरिष्ठ कमांडर शामिल थे।
- सटीकता: कर्नल सोफिया कुरैशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वीडियो और नक्शों के साथ साबित किया कि किसी भी नागरिक या पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को नुकसान नहीं पहुंचा।
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसारन घाटी में आतंकियों ने पर्यटकों पर गोलीबारी की, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक मारे गए। आतंकियों ने गैर-मुस्लिम पुरुषों को निशाना बनाया, जिससे कई महिलाएं विधवा हो गईं। इस क्रूरता ने ‘ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)’ का नाम प्रेरित किया, जो पीड़ित महिलाओं के मांग के सिंदूर और उनके दर्द का प्रतीक है।
- प्रधानमंत्री का वादा: पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था, “आतंकियों को ढूंढकर सजा दी जाएगी।” उन्होंने ऑपरेशन की रातभर निगरानी की और सेना को खुली छूट दी।
- नामकरण का भाव: पीएम मोदी ने स्वयं ‘सिंदूर’ नाम सुझाया। बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा, “हमारी बहनों के सामने उनके पतियों को मारा गया। ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) उस दर्द का जवाब है।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन को “निर्दोष भाइयों की नृशंस हत्या का जवाब” करार दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “हमें अपने सशस्त्र बलों पर गर्व है। ‘ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)’ पहलगाम हमले का जवाब है। मोदी सरकार भारत पर किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देगी। भारत आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।”
- सुरक्षा उपाय: शाह ने पाकिस्तान और नेपाल से सटे राज्यों के साथ बैठक कर बीएसएफ को सीमा पर चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए।
- चेतावनी: शाह ने पाकिस्तान को साफ कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी हद तक जा सकता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने खुलासा किया कि खुफिया एजेंसियों ने भारत पर और आतंकी हमलों की आशंका जताई है।
- खुफिया इनपुट: ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) और लश्कर-ए-तैयबा की गतिविधियों पर नजर है। मिस्री ने कहा, “हमले रोकना और उनसे निपटना दोनों जरूरी हैं।”
- पाकिस्तान का दोगलापन: मिस्री ने बताया कि 25 अप्रैल 2025 को पाकिस्तान ने UNSC की रिलीज से TRF का उल्लेख हटाने का दबाव बनाया।
ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) ने पाकिस्तान को हक्का-बक्का कर दिया। पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि भारत ने “नागरिक क्षेत्रों” पर हमला किया, लेकिन कोई सबूत नहीं दिया।
- प्रचार युद्ध: पाकिस्तान ने “पांच भारतीय विमान मार गिराए” जैसे झूठे दावे किए। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने इन्हें खारिज किया।
- सीजफायर उल्लंघन: पाकिस्तान ने भिंबर गली में गोलीबारी की, जिसमें तीन नागरिक मारे गए। भारत ने “उपयुक्त जवाब” दिया।
- आर्थिक झटका: कराची शेयर बाजार 5000 अंक लुढ़का, हवाई क्षेत्र 48 घंटों के लिए बंद, और स्कूल-कॉलेज बंद किए गए।
पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे ने ट्वीट किया, “अभी पिक्चर बाकी है…,” जिसने पाकिस्तान में खलबली मचा दी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह PoK पर कार्रवाई या आतंकी नेतृत्व पर हमले का संकेत हो सकता है।
भारत ने ऑपरेशन के बाद अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, सऊदी अरब और यूएई को जानकारी दी। एनएसए अजीत डोभाल ने कई देशों के समकक्षों से बात की।
- समर्थन: अमेरिका, रूस और सऊदी अरब ने भारत के रुख का समर्थन किया। इजरायल ने कहा, “भारत को आत्मरक्षा का अधिकार है।”
- चीन का रुख: चीन ने “तनाव बढ़ने” पर चिंता जताई, लेकिन भारत की कूटनीति ने उसे अलग-थलग किया।
कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेतृत्व किया, जो पहली बार दो महिला अधिकारियों द्वारा ब्रीफिंग थी।
- सोफिया कुरैशी: उन्होंने मरकज के आतंकी इतिहास को बेनकाब किया।
- व्योमिका सिंह: 2500 घंटों की उड़ान अनुभव वाली पायलट ने तकनीकी जानकारी दी।
- सोशल मीडिया: एक्स पर यूजर्स ने लिखा, “सोफिया और व्योमिका ने नारी शक्ति दिखाई।”
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