हरदोई के बाल चिकित्सालय में भीषण आग, जान बचाकर सीढ़ियों से उतरे लोग, अग्नि सुरक्षा उपायों की कमी पर उठे सवाल।
Hardoi News: हरदोई जिले में बुधवार की दोपहर एक भयावह घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया, जब शहर के बीचों-बीच स्थित डॉ. सी के गुप्ता के कीर्ति कृष्ण बाल चिकित्सालय...
Hardoi News: हरदोई जिले में बुधवार की दोपहर एक भयावह घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया, जब शहर के बीचों-बीच स्थित डॉ. सी के गुप्ता के कीर्ति कृष्ण बाल चिकित्सालय में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना से कीर्ति कृष्ण बाल चिकित्सालय के अंदर मौजूद मरीजों, कर्मचारियों और आगंतुकों में अफरातफरी मच गई। आग की लपटों और घने धुएं ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। चीख-पुकार और भगदड़ के बीच लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचाई।
जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय सड़क पर मौजूद कुछ लोगों ने नर्सिंग होम की इमारत से धुंआ उठता देखा। शुरुआत में किसी को समझ नहीं आया कि मामला क्या है, लेकिन जैसे ही धुंआ गहराने लगा और इमारत के अंदर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें बाहर तक आने लगीं, लोगों को स्थिति की गंभीरता का अंदाजा हुआ। बाल चिकित्सालय के अंदर मौजूद लोग जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागने लगे। स्थिति को भांपते हुए सड़क पर मौजूद कुछ लोगों ने तत्परता दिखाई और सीढ़ियां लगाकर इमारत के ऊपरी हिस्सों में फंसे लोगों को सुरक्षित नीचे उतारने में मदद की। इस दौरान कई लोग सीढ़ियों के सहारे उतरकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।
घटना के समय तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका था। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट, रसोई में आग, या किसी अन्य तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन कोई ठोस कारण सामने नहीं आया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और लोगों को सुरक्षित निकलने में सहायता प्रदान की।
सौभाग्यवश, इस घटना में किसी भी तरह की जनहानि की सूचना नहीं मिली। बाल चिकित्सालय में मौजूद सभी मरीजों और कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया। हालांकि, आग के कारण इमारत को काफी नुकसान पहुंचा और नर्सिंग होम का सामान जलकर राख हो गया। इस घटना ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी और बाल चिकित्सालय जैसे संवेदनशील स्थानों पर अग्नि सुरक्षा के उपायों की कमी को लेकर सवाल उठने लगे।
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम गठित की गई है। साथ ही, बाल चिकित्सालय के संचालकों से अग्नि सुरक्षा उपकरणों और नियमों के पालन के बारे में जानकारी मांगी गई है। स्थानीय लोग इस घटना से आहत हैं और मांग कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
यह घटना न केवल हरदोई के लिए, बल्कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए एक चेतावनी है कि अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन निकास जैसे उपायों को प्राथमिकता देना कितना आवश्यक है। फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने नर्सिंग होम और आसपास के इलाकों में रहने वालों के मन में एक डर जरूर पैदा कर दिया है।
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