सरायकेला-खरसावां के चांडिल में ममता शर्मसार: कलयुगी मां ने अपनी ही 4 साल की मासूम बेटी की गला दबाकर ली जान।
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने मानवता और मां-बेटी के पवित्र रिश्ते को झकझोर कर
- घोड़ानेगी की चांडिल डैम कॉलोनी में सनसनीखेज वारदात, मासूम रीति की हत्या के बाद पूरे जगजीवन इलाके में फैला मातम
- पति के घर से बाहर जाते ही रूह कंपा देने वाली घटना को दिया अंजाम, पुलिस ने आरोपी मां लक्ष्मी कुमारी को लिया हिरासत में
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने मानवता और मां-बेटी के पवित्र रिश्ते को झकझोर कर रख दिया है। जिले के चांडिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घोड़ानेगी स्थित चांडिल डैम कॉलोनी, जिसे जगजीवन कॉलोनी के नाम से भी जाना जाता है, वहां एक मां ने अपनी ही चार वर्षीय मासूम बेटी की निर्मम हत्या कर दी। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि कोई मां अपनी ही कोख से जन्मी संतान के साथ ऐसा खौफनाक कदम कैसे उठा सकती है। मृतका की पहचान चार वर्षीय रीति कुमारी के रूप में हुई है, जिसकी चंचल मुस्कान अब हमेशा के लिए खामोश हो गई है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
वारदात के समय घर की स्थिति और घटनाक्रम के बारे में मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला लक्ष्मी कुमारी अपनी बेटी रीति के साथ घर पर अकेली मौजूद थी। लक्ष्मी के पति सोनाराम लोहार किसी व्यक्तिगत कार्य से घर से बाहर गए हुए थे, और इसी एकांत का लाभ उठाते हुए लक्ष्मी ने कथित रूप से इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि दोपहर के समय जब आसपास के लोग अपने कार्यों में व्यस्त थे, तब घर के भीतर इस दर्दनाक खेल को खेला गया। जब सोनाराम वापस लौटे, तो घर का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनकी नन्हीं बेटी बेजान पड़ी थी और उसकी सांसें थम चुकी थीं। पिता की चीख सुनकर आसपास के पड़ोसी वहां जमा हो गए और तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी गई।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मासूम रीति की हत्या गला दबाकर की गई है। जब पुलिस की टीम जगजीवन कॉलोनी स्थित उनके आवास पर पहुंची, तो उन्होंने देखा कि बच्ची के गले पर दबाव के गहरे निशान थे, जो इस बात की पुष्टि कर रहे थे कि उसे बेरहमी से मौत के घाट उतारा गया है। पुलिस ने आरोपी मां लक्ष्मी कुमारी को तुरंत हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ शुरू की। हालांकि, अभी तक हत्या के पीछे के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन पुलिस विभिन्न कोणों से मामले की तफ्तीश कर रही है। स्थानीय लोगों और परिजनों से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या लक्ष्मी की मानसिक स्थिति ठीक थी या घर में किसी प्रकार का पारिवारिक कलह चल रहा था, जिसने उसे इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं के पीछे अक्सर गंभीर मानसिक अवसाद (Depression) या 'पोस्टपार्टम साइकोसिस' जैसे विकार हो सकते हैं। हालांकि रीति चार साल की थी, लेकिन परिवार में चल रहा लंबे समय का तनाव या अचानक उत्पन्न हुआ कोई मानसिक दौरा किसी व्यक्ति को अपनों के ही खिलाफ हिंसक बना सकता है। चांडिल पुलिस इस मनोवैज्ञानिक पक्ष की भी जांच कर रही है।
इस घटना ने चांडिल डैम कॉलोनी के निवासियों को गहरे सदमे में डाल दिया है। पड़ोसियों का कहना है कि सोनाराम लोहार एक मेहनती व्यक्ति हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए कड़ी मेहनत करते थे। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके पीछे उनके अपने ही घर में ऐसा अनर्थ हो जाएगा। मासूम रीति के शव को पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया गया है, ताकि मौत के समय और तरीके के बारे में तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा सकें। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि कानून की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी और दोषी को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इस घटना के बाद से कॉलोनी के बच्चों और महिलाओं में एक डर का माहौल बना हुआ है।
क्षेत्रीय सूत्रों के अनुसार, आरोपी महिला लक्ष्मी कुमारी का व्यवहार पिछले कुछ समय से कुछ बदला-बदला सा था, लेकिन किसी ने भी यह कल्पना नहीं की थी कि यह बदलाव एक मासूम की जान ले लेगा। पुलिस अब लक्ष्मी के मोबाइल रिकॉर्ड्स और उसके पिछले कुछ दिनों की गतिविधियों की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि वह किसी बाहरी व्यक्ति के संपर्क में तो नहीं थी या उसे किसी बात का डर तो नहीं सता रहा था। पति सोनाराम की स्थिति अत्यंत दयनीय है; वह अपनी इकलौती बेटी को खोने के गम में सुध-बुध खो बैठे हैं। उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं और वे बार-बार बस यही पूछ रहे हैं कि आखिर उनकी बेटी का कसूर क्या था।
जैसे-जैसे इस मामले की जांच आगे बढ़ रही है, सरायकेला-खरसावां जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने चांडिल थाना प्रभारी को निर्देश दिया है कि मामले की चार्जशीट जल्द से जल्द तैयार की जाए ताकि न्यायिक प्रक्रिया में देरी न हो। इस दुखद समाचार ने सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा बटोरी है, जहां लोग मासूम के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। समाज शास्त्रियों का कहना है कि ऐसी घटनाएं समाज में बढ़ती सहनशीलता की कमी और एकाकीपन को भी दर्शाती हैं, जहां लोग अपनी समस्याओं का हल हिंसा में खोजने लगते हैं। चांडिल डैम कॉलोनी में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहे।
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