Political News: संभल में जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर नाराज ओवैसी-मदनी, कोर्ट से की अपील।
असदुद्दीन ओवैसी ने अपने बयान में बाबरी मस्जिद फैसले और हालिया शाही जामा मस्जिद के मामले का जिक्र करते हुए यह आरोप लगाया कि हिंदू संगठनों को....
अशरफ अंसारी की रिपोर्ट-
संभल में बनी जामा मस्जिद में जिलाकोर्ट के आदेश के बाद सर्वे कराए जाने के मामले को लेकर असदुद्दीन ओवैसी और जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष मोहम्मद असद मदनी ने कोर्ट के इस फैसले पर अपनी नाराजगी जाहिर की।
- ओवैसी ने सर्वे को लेकर कही बात
असदुद्दीन ओवैसी ने अपने बयान में बाबरी मस्जिद फैसले और हालिया शाही जामा मस्जिद के मामले का जिक्र करते हुए यह आरोप लगाया कि हिंदू संगठनों को मुस्लिम पूजा स्थलों को निशाना बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। उनका कहना था कि यह घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि अदालतें ऐसे मामलों में तीव्र गति से कार्रवाई कर रही हैं, जिससे यह संदेह उत्पन्न होता है कि अदालतों द्वारा दिए गए आदेश कहीं न कहीं पक्षपाती हो सकते हैं।
उनका यह भी कहना था कि पूजा स्थल अधिनियम (Places of Worship Act) का उद्देश्य था कि धार्मिक स्थल के विवादों को अदालतों तक न पहुँचने दिया जाए और इस तरह के मामलों को सांप्रदायिक नहीं बनने दिया जाए। ओवैसी ने यह सवाल उठाया कि अगर अदालतें इसी तरह तेजी से और बिना सभी पक्षों को सुने आदेश देती रहेंगी, तो इस अधिनियम का कोई महत्व नहीं रह जाएगा।
- मदनी ने उठाए सवाल
जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंताएँ व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि कुछ सांप्रदायिक तत्व इतिहास के झूठ और सच को मिलाकर देश में शांति और व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। उनका मानना था कि इस तरह से पुराने विवादों और गड़े मुर्दों को उखाड़ने की कोशिशों से देश की धर्मनिरपेक्ष बुनियादों पर खतरा मंडरा रहा है।
मौलाना मदनी ने यह भी कहा कि ऐतिहासिक संदर्भों को पुनः वर्णित करने की कोशिशें राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए खतरनाक हो सकती हैं। उनका तर्क था कि इस तरह के कदम समाज में और अधिक विभाजन पैदा कर सकते हैं, जो अंततः देश के सामूहिक ताने-बाने को कमजोर कर सकता है।
- हिंदू पक्ष ने मंदिर का किया दावा
इस मामले में हिंदू पक्ष ने जामा मस्जिद के परिसर को श्रीहरिहर मंदिर होने का दावा किया है, जिसके चलते यह मामला कोर्ट में पहुँच गया। कोर्ट ने आदेश दिया है कि परिसर का सर्वे किया जाए और 29 नवंबर तक इस सर्वे की रिपोर्ट पेश की जाए। मंगलवार को इस सर्वे की शुरुआत हुई, जिसमें पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मस्जिद के अंदर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की गई।
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सर्वे के दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण रही, और जैसे ही यह जानकारी मुस्लिम पक्ष तक पहुँची, वहां नाराजगी फैल गई। मस्जिद के आसपास और छतों पर लोग जमा हो गए, और प्रशासन ने वादी महंत ऋषिराज को मस्जिद के पास से हटा दिया। पूरे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई। वही मुस्लिम समुदाय के लोग इस सर्वे पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए दिखाई दे रहे।
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