मॉर्गन स्टेनली की 'ओवरवेट' रेटिंग से पीएफसी और आरईसी शेयरों में 3% उछाल, निवेशकों में बढ़ा उत्साह। 

Stock Market: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने भारत की दो प्रमुख सरकारी बिजली वित्त कंपनियों, पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (पीएफसी) और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन...

Jul 11, 2025 - 13:31
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मॉर्गन स्टेनली की 'ओवरवेट' रेटिंग से पीएफसी और आरईसी शेयरों में 3% उछाल, निवेशकों में बढ़ा उत्साह। 
मॉर्गन स्टेनली की 'ओवरवेट' रेटिंग से पीएफसी और आरईसी शेयरों में 3% उछाल, निवेशकों में बढ़ा उत्साह। 

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने भारत की दो प्रमुख सरकारी बिजली वित्त कंपनियों, पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (पीएफसी) और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन (आरईसी), पर कवरेज शुरू किया। दोनों कंपनियों को 'ओवरवेट' रेटिंग दी गई, जिसमें पीएफसी के लिए ₹508 और आरईसी के लिए ₹485 का लक्ष्य मूल्य निर्धारित किया गया। इस सकारात्मक रेटिंग के बाद 10 जुलाई को दोनों कंपनियों के शेयरों में 2-3% की तेजी देखी गई। पीएफसी का शेयर 3.12% बढ़कर ₹430.75 और आरईसी का शेयर 2.58% बढ़कर ₹401.45 पर पहुंच गया। मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट में भारत के बिजली क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं, मजबूत ऋण वृद्धि, और स्थिर परिसंपत्ति गुणवत्ता को इस तेजी का कारण बताया गया है।

  • मॉर्गन स्टेनली की 'ओवरवेट' रेटिंग

मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में पीएफसी और आरईसी को 'ओवरवेट' रेटिंग दी, जो यह दर्शाता है कि ये शेयर अन्य गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करेंगे। पीएफसी के लिए ₹508 का लक्ष्य मूल्य 21% की संभावित वृद्धि और आरईसी के लिए ₹485 का लक्ष्य मूल्य 23% की वृद्धि का संकेत देता है। मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि दोनों कंपनियां भारत के बिजली क्षेत्र में चल रहे बड़े निवेश चक्र से लाभ उठाएंगी, जिसमें 2032 तक ₹35 लाख करोड़ की पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) की योजना है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पीएफसी और आरईसी 2025 से 2028 तक अपने ऋण पोर्टफोलियो में 12% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) हासिल करेंगी। इसके साथ ही, दोनों कंपनियां 17-19% की औसत निवेश पर रिटर्न (आरओआई) प्रदान करेंगी। मॉर्गन स्टेनली ने इन कंपनियों को आकर्षक मूल्यांकन, कम जोखिम, और उच्च रिटर्न की संभावना के आधार पर निवेश के लिए आकर्षक बताया है।

मॉर्गन स्टेनली की इस बुलिश रिपोर्ट के बाद 10 जुलाई 2025 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर पीएफसी और आरईसी के शेयरों में तेजी देखी गई। पीएफसी का शेयर 3.12% बढ़कर ₹430.75 पर बंद हुआ, जबकि आरईसी का शेयर 2.58% बढ़कर ₹401.45 पर पहुंचा। इस तेजी ने निवेशकों में उत्साह पैदा किया, जो पिछले नौ महीनों से इन शेयरों में रुचि कम होने के कारण निराश थे। 2023 और 2024 में ये शेयर निवेशकों के बीच लोकप्रिय थे, लेकिन हाल के महीनों में इनमें सुस्ती थी। मॉर्गन स्टेनली की सकारात्मक रेटिंग ने इन शेयरों को फिर से निवेशकों के रडार पर ला दिया।

पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (पीएफसी) और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन (आरईसी) भारत के बिजली क्षेत्र में वित्तीय सहायता प्रदान करने वाली प्रमुख सरकारी कंपनियां हैं। पीएफसी मुख्य रूप से बिजली उत्पादन, पारेषण, और वितरण परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण करती है, जबकि आरईसी ग्रामीण विद्युतीकरण और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं पर ध्यान देती है। दोनों कंपनियां भारत सरकार की महत्वाकांक्षी बिजली क्षेत्र योजनाओं, जैसे 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य (2030 तक) और स्मार्ट ग्रिड परियोजनाओं, में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में इन कंपनियों की स्थिर परिसंपत्ति गुणवत्ता और मजबूत वित्तीय स्थिति की सराहना की। दोनों कंपनियां कम गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) और स्थिर लाभांश नीति के लिए जानी जाती हैं, जो निवेशकों के लिए आकर्षक हैं।

भारत का बिजली क्षेत्र तेजी से बदल रहा है, जिसमें स्वच्छ ऊर्जा और बुनियादी ढांचे पर जोर दिया जा रहा है। मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, 2032 तक बिजली क्षेत्र में ₹35 लाख करोड़ का निवेश होने की उम्मीद है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट ग्रिड, और बिजली वितरण नेटवर्क का आधुनिकीकरण शामिल है। पीएफसी और आरईसी इस निवेश चक्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, क्योंकि ये कंपनियां बिजली परियोजनाओं के लिए दीर्घकालिक वित्तपोषण प्रदान करती हैं।

नवीकरणीय ऊर्जा में भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट क्षमता हासिल करना है, जिसमें सौर, पवन, और हाइड्रोजन ऊर्जा शामिल हैं। पीएफसी और आरईसी इस लक्ष्य को हासिल करने में वित्तीय सहायता प्रदान करेंगी। इसके अलावा, सरकार की 'रिवाइव्ड डिस्कॉम रिफॉर्म स्कीम' (आरडीएसएस) और स्मार्ट मीटरिंग परियोजनाएं इन कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा कर रही हैं। मॉर्गन स्टेनली ने इन कारकों को अपनी 'ओवरवेट' रेटिंग का आधार बताया है।

मॉर्गन स्टेनली की सकारात्मक रेटिंग के बाद निवेशकों में उत्साह देखा गया। सोशल मीडिया मंचों पर कई निवेशकों ने इस रेटिंग को एक मजबूत संकेत बताया। एक यूजर ने लिखा, "पीएफसी और आरईसी पिछले कुछ समय से कमजोर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन मॉर्गन स्टेनली की रेटिंग ने इन शेयरों में नई जान डाल दी है।" दूसरी ओर, कुछ निवेशकों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी, क्योंकि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं और ब्याज दरों में बदलाव इन कंपनियों की वित्तीय स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।

मॉर्गन स्टेनली के अलावा, अन्य ब्रोकरेज फर्मों ने भी पीएफसी और आरईसी पर सकारात्मक दृष्टिकोण जताया है। मई 2025 में मोतीलाल ओसवाल ने पीएफसी पर 'बाय' रेटिंग दी थी, जिसमें ₹485 का लक्ष्य मूल्य निर्धारित किया गया था। विश्लेषकों का मानना है कि पीएफसी और आरईसी की कम लागत वाली फंडिंग, सरकारी समर्थन, और बिजली क्षेत्र में बढ़ती मांग इन कंपनियों को दीर्घकालिक निवेश के लिए आकर्षक बनाती है।

हालांकि मॉर्गन स्टेनली की रेटिंग सकारात्मक है, लेकिन कुछ जोखिम भी हैं। वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में वृद्धि और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बिजली क्षेत्र की परियोजनाओं की लागत को बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में तकनीकी और नियामक चुनौतियां भी हैं। फिर भी, पीएफसी और आरईसी की मजबूत वित्तीय स्थिति और सरकारी समर्थन इन जोखिमों को कम करने में मदद कर सकते हैं।

मॉर्गन स्टेनली की 'ओवरवेट' रेटिंग ने पीएफसी और आरईसी के शेयरों में नई जान डाल दी है। 10 जुलाई 2025 को दोनों कंपनियों के शेयरों में 2-3% की तेजी देखी गई, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। मॉर्गन स्टेनली ने इन शेयरों के लिए ₹508 और ₹485 के लक्ष्य मूल्य निर्धारित किए हैं, जो 21-23% की संभावित वृद्धि का संकेत देते हैं। भारत के बिजली क्षेत्र में चल रहे बड़े निवेश चक्र, नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर, और इन कंपनियों की मजबूत वित्तीय स्थिति ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं और तकनीकी चुनौतियां कुछ जोखिम पैदा कर सकती हैं। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी जोखिम सहनशीलता और दीर्घकालिक लक्ष्यों को ध्यान में रखकर निवेश करें। पीएफसी और आरईसी भारत के बिजली क्षेत्र की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, और मॉर्गन स्टेनली की यह रेटिंग इन कंपनियों के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।

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