गुरुग्राम में टेनिस खिलाड़ी Radhika Yadav की हत्या, पिता की गोलियों ने छीना एक उभरता सितारा।

Gurugram Murder News: गुरुग्राम के सेक्टर 57 में 10 जुलाई 2025 को एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया। 25 वर्षीय राज्य स्तरीय टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव ....

Jul 11, 2025 - 14:02
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गुरुग्राम में टेनिस खिलाड़ी Radhika Yadav की हत्या, पिता की गोलियों ने छीना एक उभरता सितारा।
गुरुग्राम में टेनिस खिलाड़ी Radhika Yadav की हत्या, पिता की गोलियों ने छीना एक उभरता सितारा।

Gurugram Murder News: गुरुग्राम के सेक्टर 57 में 10 जुलाई 2025 को एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया। 25 वर्षीय राज्य स्तरीय टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की उनके पिता दीपक यादव ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना सुशांत लोक फेज-2 में उनके दो मंजिला घर की पहली मंजिल पर सुबह करीब 10:30 बजे हुई, जब राधिका रसोई में खाना बना रही थीं। पुलिस ने दीपक यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने पूछताछ में अपराध कबूल किया। हत्या का मकसद राधिका की टेनिस अकादमी और सामाजिक तानों से जुड़ा बताया जा रहा है।

10 जुलाई 2025 को सुबह करीब 10:30 बजे, गुरुग्राम के सेक्टर 57 में स्थित सुशांत लोक फेज-2 के एक घर में दीपक यादव ने अपनी लाइसेंसी .32 बोर रिवॉल्वर से अपनी बेटी राधिका यादव पर पांच गोलियां दागीं, जिनमें से तीन उनकी पीठ और कमर पर लगीं। उस समय राधिका रसोई में अपनी बीमार मां के लिए खाना बना रही थीं। गोली चलने की आवाज सुनकर दीपक के भाई कुलदीप यादव और उनके बेटे पीयूष, जो भूतल पर रहते थे, तुरंत पहली मंजिल पर पहुंचे। उन्होंने राधिका को खून से लथपथ पाया और ड्राइंग रूम में रिवॉल्वर पड़ी हुई देखी।

कुलदीप और पीयूष ने राधिका को तुरंत सेक्टर 56 के एशिया मारिंगो अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सेक्टर 56 पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर विनोद कुमार और उनकी टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने रिवॉल्वर, एक जिंदा कारतूस, और घटनास्थल से खून के नमूने और स्वाब जब्त किए। फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों को भी बुलाया गया। कुलदीप की शिकायत पर दीपक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया।

  • हत्या का मकसद

पुलिस पूछताछ में दीपक यादव ने बताया कि वह राधिका की टेनिस अकादमी और सामाजिक तानों से परेशान थे। राधिका ने एक कंधे की चोट के बाद पेशेवर टेनिस छोड़ दिया था और बच्चों को प्रशिक्षित करने के लिए गुरुग्राम में एक टेनिस अकादमी शुरू की थी। यह अकादमी सफलतापूर्वक चल रही थी, लेकिन दीपक को यह पसंद नहीं था। वह मूल रूप से वजीराबाद गांव के रहने वाले थे और किराये के मकान का व्यवसाय करते थे। दीपक ने पुलिस को बताया कि गांव के लोग उन्हें ताना मारते थे कि वह अपनी बेटी की कमाई पर जी रहे हैं। कुछ लोगों ने राधिका के चरित्र पर भी सवाल उठाए, जिससे उनकी "इज्जत" को ठेस पहुंची।

दीपक ने कई बार राधिका से अकादमी बंद करने को कहा, लेकिन राधिका ने इनकार कर दिया। उनकी जिद और सामाजिक तानों ने दीपक को इतना गुस्सा दिलाया कि उन्होंने यह भयानक कदम उठाया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि दीपक को राधिका का सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम पर रील्स बनाना, पसंद नहीं था। वह इसे परिवार की बदनामी से जोड़ते थे। हालांकि, पुलिस ने प्राथमिक जांच में टेनिस अकादमी को मुख्य विवाद का कारण बताया है।

23 मार्च 2000 को जन्मी राधिका यादव हरियाणा की एक उभरती टेनिस खिलाड़ी थीं। उन्होंने कई राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और कई पदक जीते। नवंबर 2024 तक उनकी इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन (ITF) डबल्स रैंकिंग 113 थी, और वह हरियाणा की महिला डबल्स रैंकिंग में पांचवें स्थान पर थीं। उनकी चपलता, रणनीतिक बुद्धिमत्ता, और कड़ी मेहनत ने उन्हें टेनिस सर्किट में एक होनहार खिलाड़ी बनाया था।

कंधे की चोट के कारण राधिका को पेशेवर टेनिस छोड़ना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपनी जुनून को जीवित रखा और गुरुग्राम में एक टेनिस अकादमी शुरू की। इस अकादमी में वह युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रही थीं। उनके पूर्व कोच मनोज भारद्वाज ने उनकी मृत्यु को एक बड़ा नुकसान बताया। उन्होंने कहा, "राधिका केंद्रित, अनुशासित, और बेहद प्रतिभाशाली थीं।"

राधिका की मां मंजू यादव ने पुलिस को बताया कि वह उस समय बुखार के कारण अपने कमरे में थीं और केवल गोलियों की आवाज सुनी। उन्होंने किसी बड़े विवाद की जानकारी से इनकार किया और कहा कि राधिका का चरित्र अच्छा था, और उसने कभी परिवार की बदनामी नहीं की। कुलदीप यादव ने अपनी शिकायत में कहा, "मेरी भतीजी एक प्रमुख टेनिस खिलाड़ी थी, जिसने कई ट्रॉफी जीती थीं। उसकी मौत से मैं स्तब्ध हूं और समझ नहीं पा रहा कि उसकी हत्या क्यों की गई।"

यह घटना समाज में गहरे बैठे लैंगिक और सामाजिक दबावों को उजागर करती है। राधिका की सफलता और आत्मनिर्भरता, जो एक प्रेरणा होनी चाहिए थी, उनके पिता के लिए "शर्मिंदगी" का कारण बनी। यह मामला बताता है कि कैसे कुछ लोग आज भी बेटियों की स्वतंत्रता और उनकी उपलब्धियों को सामाजिक मानदंडों के खिलाफ देखते हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस घटना पर दुख और गुस्सा जाहिर किया। एक यूजर ने लिखा, "गोलियों से नहीं, सोच से हत्या हुई है। राधिका की आजादी और सपने पहले ही मार दिए गए थे।"

राधिका की मृत्यु ने भारतीय टेनिस समुदाय को गहरा आघात पहुंचाया है। उनके साथी खिलाड़ियों और कोचों ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया। एक टेनिस प्रोफेशनल ने कहा, "राधिका की मुस्कान सबसे खूबसूरत थी। उनकी हत्या ने हमें स्तब्ध कर दिया है।" राधिका ने न केवल अपने खेल से, बल्कि अपनी अकादमी के जरिए अगली पीढ़ी को प्रेरित किया था।

राधिका यादव की हत्या एक ऐसी त्रासदी है जो समाज में व्याप्त रूढ़ियों और दबावों को उजागर करती है। एक उभरती टेनिस खिलाड़ी, जो अपनी चोट के बावजूद दूसरों को प्रेरित कर रही थी, को अपने ही पिता की गोलियों का शिकार होना पड़ा। यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि यह समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि हमारी मानसिकता कब बदलेगी। राधिका की कहानी हमें याद दिलाती है कि बेटियों की आजादी और सपनों को सम्मान देना कितना जरूरी है। पुलिस जांच से उम्मीद है कि इस मामले में पूर्ण न्याय होगा, लेकिन राधिका की कमी को कभी भरा नहीं जा सकता। गुरुग्राम पुलिस ने दीपक यादव को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 103(1) और 27(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने कहा, "आरोपी ने अपराध कबूल किया है। रिवॉल्वर और अन्य सबूत जब्त किए गए हैं। जांच जारी है, और जल्द ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।" पुलिस परिवार के अन्य सदस्यों से भी पूछताछ कर रही है ताकि घटना के सभी पहलुओं को समझा जा सके।

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