कोलंबिया भाषण पर राहुल गांधी का खुलकर बचाव- अधीर रंजन चौधरी बोले- वे निडर नेता हैं, देश की सच्चाई बता रहे हैं

राहुल गांधी का अमेरिका दौरा 29 सितंबर 2025 को शुरू हुआ था। वे जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी और कोलंबिया यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में व्याख्यान देने गए। कोलंबिया में 'द फ्यूचर इज टुडे' सेमिना

Oct 3, 2025 - 13:45
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कोलंबिया भाषण पर राहुल गांधी का खुलकर बचाव- अधीर रंजन चौधरी बोले- वे निडर नेता हैं, देश की सच्चाई बता रहे हैं
कोलंबिया भाषण पर राहुल गांधी का खुलकर बचाव- अधीर रंजन चौधरी बोले- वे निडर नेता हैं, देश की सच्चाई बता रहे हैं

भारतीय राजनीति में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का अमेरिका दौरा एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है। कोलंबिया के ईआईए यूनिवर्सिटी में दिए गए उनके भाषण पर भाजपा ने तीखे हमले किए, तो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने उनका जोरदार समर्थन किया। 2 अक्टूबर 2025 को पत्रकारों से बातचीत में चौधरी ने राहुल गांधी को निडर और साहसी नेता बताया। उन्होंने कहा कि राहुल जो बोल रहे हैं, वह देश में हो रही घटनाओं की सच्चाई है। यह बयान न केवल पार्टी में एकजुटता दिखाता है, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा पर कांग्रेस की प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है। भाजपा के आरोपों के बीच यह प्रतिक्रिया राजनीतिक हलकों में बहस छेड़ रही है।

राहुल गांधी का अमेरिका दौरा 29 सितंबर 2025 को शुरू हुआ था। वे जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी और कोलंबिया यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में व्याख्यान देने गए। कोलंबिया में 'द फ्यूचर इज टुडे' सेमिनार के दौरान उन्होंने भारत के लोकतंत्र पर चिंता जताई। राहुल ने कहा कि भारत में संस्थाओं को धीरे-धीरे कमजोर किया जा रहा है, जो एक खतरनाक प्रवृत्ति है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया जाता है, मीडिया पर दबाव डाला जाता है और न्यायपालिका को प्रभावित करने की कोशिशें हो रही हैं। अमेरिका के संदर्भ में उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के ध्रुवीकरण अभियान का जिक्र किया, लेकिन जोर दिया कि भारत में यह समस्या और गंभीर है। राहुल ने कहा कि अगर संस्थाएं कमजोर हुईं, तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जाता है। उन्होंने संविधान बचाओ यात्रा का उल्लेख किया, जो इसी उद्देश्य से शुरू की गई थी।

इस भाषण पर भाजपा ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि राहुल विदेशी मंचों से भारत को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने इसे 'देशद्रोही' करार दिया और पूछा कि क्या राहुल अमेरिका को भारत का सच्चा चेहरा बता रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट किया कि कांग्रेस हमेशा से ही देश को कमजोर करने वाली पार्टी रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में कहा कि राहुल के बयान से भारत की छवि खराब हो रही है। यह हमला कांग्रेस पर केंद्रित हो गया, जहां भाजपा ने आरोप लगाया कि राहुल अपनी हार को छिपाने के लिए विदेशी धरती का सहारा ले रहे हैं।

ऐसे में अधीर रंजन चौधरी ने राहुल का बचाव किया। बहरामपुर से सांसद चौधरी ने कहा, "राहुल गांधी निडर होकर अपनी बात रखते हैं। वे एक साहसी नेता हैं।" उन्होंने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि राहुल जो कह रहे हैं, वह देश में हो रही सच्चाई पर आधारित है। चौधरी ने कहा, "राहुल गांधी सच बोलने वाले नेता हैं। उन्हें किसी से डर नहीं लगता। वे जो बोल रहे हैं, वह हमारे देश में एक के बाद एक हो रही घटनाओं के बारे में है।" उन्होंने संविधान बचाओ यात्रा का जिक्र किया, जिसकी शुरुआत राहुल ने ही की थी। चौधरी ने कहा, "यह यात्रा इसलिए शुरू की गई थी ताकि भारत चीन या रूस जैसे देश न बने। एक लोकतांत्रिक देश में ऐसा होना चाहिए।" उन्होंने जोर देकर कहा कि राहुल का बयान पार्टी की नीति से मेल खाता है और यह लोकतंत्र की रक्षा के लिए जरूरी है।

अधीर रंजन चौधरी का यह बयान महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और पश्चिम बंगाल से मजबूत पकड़ रखते हैं। 1956 में जन्मे चौधरी ने 1999 से बहरामपुर लोकसभा सीट जीतते आ रहे हैं। वे 2019 से 2023 तक लोकसभा में कांग्रेस के नेता रहे। हाल ही में वे पार्टी से अलग-थलग पड़े थे, लेकिन राहुल के समर्थन में उतरकर उन्होंने एकजुटता दिखाई। चौधरी ने कहा कि भाजपा राहुल को निशाना बना रही है, क्योंकि वे सच्चाई उजागर कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष की भूमिका पर जोर दिया कि लोकतंत्र में विपक्ष को बोलना चाहिए, चाहे वह कहीं भी हो। यह बयान अमर उजाला, एबीपी न्यूज और टीवी9 हिंदी जैसे मीडिया में प्रमुखता से छपा।

राहुल गांधी का भाषण विस्तार से देखें तो इसमें कई बिंदु थे। उन्होंने कहा कि भारत में एक व्यक्ति की ताकत बढ़ रही है, जबकि संस्थाओं को तोड़ा जा रहा है। उदाहरण के तौर पर उन्होंने अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन जैसे नेताओं का जिक्र किया, जो जेल में हैं। राहुल ने अमेरिका को सलाह दी कि वे अपनी संस्थाओं को मजबूत रखें, वरना भारत जैसी स्थिति हो जाएगी। उन्होंने ट्रंप के बयानों पर सरकार की चुप्पी का भी जिक्र किया। "ट्रंप कहते हैं कि उन्होंने सात युद्धों से दुनिया को बचाया, जिसमें भारत-पाकिस्तान का परमाणु संकट भी शामिल है, लेकिन हमारी सरकार चुप है।" यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां RahulGandhi और AdhirRanjanChowdhury ट्रेंड करने लगे।

कांग्रेस पार्टी ने भी चौधरी के बयान का समर्थन किया। पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि राहुल गांधी लोकतंत्र के सच्चे सिपाही हैं। उन्होंने भाजपा पर पलटवार किया कि वे बहुमत के नशे में संस्थाओं को कुचल रही है। विपक्षी दलों ने भी राहुल का साथ दिया। समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि सच्चाई बोलना अपराध नहीं है। लेकिन भाजपा ने हमला जारी रखा। अमित मालवीय ने कहा कि राहुल का अमेरिका दौरा कांग्रेस की हार का रोना रोने का बहाना है।

यह विवाद बिहार और पश्चिम बंगाल चुनावों के मद्देनजर महत्वपूर्ण है। राहुल की संविधान बचाओ यात्रा ने कांग्रेस को नई ऊर्जा दी है। अधीर चौधरी का समर्थन पश्चिम बंगाल यूनिट को मजबूत कर सकता है। चौधरी ने कहा कि राहुल का भाषण हिंडनबर्ग रिपोर्ट जैसे मुद्दों से प्रेरित है, लेकिन कोलंबिया में यह लोकतंत्र पर केंद्रित था। उन्होंने जोर दिया कि कांग्रेस बदले की राजनीति नहीं करती, बल्कि सच्चाई के लिए लड़ती है।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं। कई यूजर्स ने राहुल को साहसी बताया, तो कुछ ने भाजपा के हमलों को सही ठहराया। एक यूजर ने लिखा, "राहुल साहसी हैं, लेकिन विदेश में बोलना ठीक नहीं।" दूसरे ने कहा, "अधीर जी ने सही कहा, सच्चाई तो सच्चाई है।" यह बहस लोकतंत्र की मजबूती पर केंद्रित हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि राहुल का दौरा कांग्रेस की वैश्विक छवि मजबूत करेगा।

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