Sitapur News: डंका बजते ही पहले पड़ाव के लिए कूच करेगा रामादल,1 मार्च को प्रातः 4:00 बजे अपने गंतव्य की ओर चल पड़ेगा लाखों श्रद्धालुओं का हुजूम।
नैमिषारण्य (Naimisharanya) का विश्वप्रसिद्ध तीर्थ 84 कोशीय परिक्रमा जो कि रामादल के नाम से विख्यात है। भोर होते ही डंका बजते ही अपने पहले
रिपोर्ट- सुरेंद्र कुमार INA न्यूज़ नीमसर
नैमिषारण्य\ सीतापुर। शनिवार से तीर्थ नैमिषारण्य का विश्वप्रसिद्ध तीर्थ 84 कोशीय परिक्रमा जो कि रामादल के नाम से विख्यात है। भोर होते ही डंका बजते ही अपने पहले पड़ाव कोरोना के लिए कूच कर देगा। मेले को भव्य और सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। परिक्रमार्थियों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए सैकड़ों पुलिस कर्मियों के साथ पीएसी बल लगाया गया है।
तीर्थ नैमिषारण्य धर्मनगरी में चौरासी कोसीय परिक्रमा मेला विश्व प्रसिद्ध है। देश और दुनिया के कोने कोने से लाखों श्रद्धालु, साधू संत नैमिष में 84 कोसी परिक्रमा करने के लिए आते हैं। चौरासी कोसीय परिक्रमा मेला नैमिष में नेपाल, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, दिल्ली, आंध्र प्रदेश सहित अन्य राज्यों से पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालु तीर्थ नैमिषारण्य से पहले पड़ाव कोरोना के लिए भैरमपुर ,परसपुर औरंगाबाद गांव से होते हुए श्रद्धालु निकलेंगें। आज की रात श्रद्धालु नैमिष मैं अपना डेरा दल कर रात्रि विश्राम करेंगे सुबह ब्रम्हमुहर्त मैं उठा कर अपने प्रथम पड़ाव को प्रस्थान करेंगे।
- श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार हो रहा है स्वागत द्वारा
विश्व प्रसिद्ध 84 कोसीय परिक्रमा मेले में सम्मिलित होने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी 84 कोसीय परिक्रमा के प्रवेश द्वारा को आकर्षक एवं सुंदर ढंग से सजाया जा रहा है बताया जा रहा है कि प्रशासन के द्वारा श्रद्धालुओं के ऊपर पुष्प वर्षा कर एवं माला पहनाकर उनका स्वागत किया जाएगा ।
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