Mau News: डीएम की अध्यक्षता में श्रम विभाग में संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक संपन्न।
लंबित मामलों के दृष्टिगत जताई कड़ी नाराजगी,शीघ्र निस्तारण न होने पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी...
मऊ। डीएम प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में श्रम विभाग में संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कन्या विवाह सहायता योजना एवं निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना में बड़ी संख्या में लंबित मामलों के दृष्टिगत कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सहायक श्रमायुक्त को शीघ्र ही समस्त मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए।
अन्यथा की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। उन्होंने मजदूरों से जुड़ी योजनाओं से संबंधित समस्त आवेदनों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए, इसके अलावा कन्या विवाह सहायता योजना के तहत सामूहिक विवाह कराने के भी निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। उन्होंने इस योजना का विशेष प्रचार प्रसार करने को भी कहा जिससे अधिक से अधिक लोग इस योजना से लाभान्वित हो सके। जिलाधिकारी ने सहायक श्रम आयुक्त को पोर्टल पर प्रतिदिन निस्तारित मामलों की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने को कहा जिससे लंबित आवेदनों की नियमित समीक्षा भी हो सके। उन्होंने श्रम विभाग से जुड़े समस्त कर्मचारियों को ईमानदारी से विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के लंबित प्रकरणों को तत्काल निपटाने के निर्देश दिए।
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जिला अधिकारी ने टीमवर्क की भावना से काम करने को कहा, इसके अलावा निर्माण कामगारों से संबंधित आवेदनों के निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। ज्ञातव्य है कि कन्या विवाह सहायता योजना के तहत निर्माण श्रमिक को समस्त अर्हता पूरी करने पर उसकी पुत्री अथवा पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिक के स्वयं के विवाह हेतु रूपए 55 000 तथा अंतर्जातीय विवाह हेतु 61000 की धनराशि आर्थिक सहायता के रूप में दी जाती है। सामूहिक विवाह की स्थिति में न्यूनतम 11 जोड़ों के विवाह एक स्थल पर कराए जाने पर पुत्री विवाह हेतु 65000 की धनराशि प्रदान की जाती है।
इसी प्रकार निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिक की दुर्घटना के फल स्वरुप मृत्यु की स्थिति में अंत्येष्टि व्यय के रूप में 25000 तथा 5 लाख दुर्घटना मृत्यु पर 2 लाख सामान्य तथा मृत्यु पर प्रतिमाह किस्तों में पांच व 2 वर्षों तक स्वतः हस्तांतरित की जाती है। श्रम विभाग द्वारा मातृत्व,शिशु एवं बालिका मदद योजना, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना,कौशल विकास तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाण योजना, महात्मा गांधी पेंशन योजना, गंभीर बीमारी सहायता योजना, अटल आवासीय विद्यालय योजना, शौचालय सहायता योजना सहित अन्य योजनाएं संचालित की जाती है।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने गंभीर बीमारी सहायता योजना, निर्माण कामगार मृत्यु दिव्यांगता सहायता योजना तथा कन्या विवाह सहायता योजना सहित अन्य योजनाओं से संबंधित लंबित आवेदनों को तत्काल निस्तारित करते हुए लाभार्थियों को इस योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। इस दौरान सहायक श्रम आयुक्त प्रभात कुमार सिंह सहित श्रम विभाग से जुड़े अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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