Sambhal : सांसद के विरोध पर बालयोगी दीनानाथ का पलटवार, कहा – सम्भल का सच सामने लाएगी फिल्म, सेंसर बोर्ड पर रखें भरोसा
बालयोगी दीनानाथ ने कहा कि सम्भल में दंगों के दौरान जो कुछ भी घटा, वह किसी से छुपा नहीं है। ऐसे में फिल्म के जरिए उस सत्य को सामने लाना आवश्यक है। उन्होंने
Report : उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल के दंगों में हिंदुओं की हत्याओं और पलायन पर बनने वाली प्रस्तावित फिल्म "सम्भल फाइल्स" को लेकर मचा राजनीतिक घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। उदयपुर फाइल्स के प्रोड्यूसर अमित जानी द्वारा सम्भल की आपबीती को पर्दे पर लाने के ऐलान के बाद क्षेत्र के सांसद ने इसका विरोध किया था। अब सांसद के इस विरोध पर बालयोगी दीनानाथ ने जोरदार पलटवार किया है और फिल्म का समर्थन करते हुए इसे सम्भल के इतिहास का सच्चा दर्पण बताया है।
बालयोगी दीनानाथ ने कहा कि सम्भल में दंगों के दौरान जो कुछ भी घटा, वह किसी से छुपा नहीं है। ऐसे में फिल्म के जरिए उस सत्य को सामने लाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि फिल्म केवल मनोरंजन का साधन नहीं होती, बल्कि समाज को दिशा दिखाने का एक मजबूत माध्यम होती है। सम्भल पर बनने वाली फिल्म यहां के लोगों की आपबीती का दर्शन कराएगी। यह सम्भल की सच्चाई को सामने लाएगी और आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से रूबरू कराएगी। सांसद द्वारा जताए गए विरोध पर तंज कसते हुए बालयोगी दीनानाथ ने कहा कि सांसद को सेंसर बोर्ड पर भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि कोई भी फिल्म तभी रिलीज होती है जब उसे सेंसर बोर्ड की मंजूरी मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर फिल्म में कोई आपत्तिजनक सामग्री होगी तो सेंसर बोर्ड उसे रोक सकता है। प्रोड्यूसर अमित जानी ने हाल ही में ऐलान किया था कि उनकी अगली फिल्म सम्भल के दंगों में हिंदुओं की हत्याओं और पलायन पर आधारित होगी। इस घोषणा के बाद सांसद ने इसे क्षेत्र की शांति भंग करने वाला कदम बताते हुए विरोध जताया था। लेकिन अब बालयोगी दीनानाथ के बयान के बाद यह मामला और गर्मा गया है। दीनानाथ ने सम्भल की जनता की ओर से इस फिल्म का खुले तौर पर स्वागत करते हुए कहा कि सम्भल में कब-कब, क्या-क्या हुआ, यह सब देश के सामने आना चाहिए। सच से डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सच ही समाज को सही दिशा देता है। फिल्म निर्माण को लेकर क्षेत्र में समर्थक और विरोधी गुट आमने-सामने आ गए हैं, जिससे सम्भल का यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
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