Sambhal : हज 2026- सुविधाएँ बढ़ीं, खाने को लेकर बढ़ी हाजियों की चिंता, चार दिन के लिए खुली फ्लाइट बुकिंग
तकी अशरफ एडवोकेट के अनुसार, मक्का की अज़ीज़िया बिल्डिंग्स में ठहरने वाले हाजियों को इस बार खाना बनाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पहले हाजी अपने स्तर पर भोजन
Report : उवैस दानिश, सम्भल
हज 2026 की तैयारियों को लेकर हज कमेटी ऑफ इंडिया ने कई नई सुविधाएँ शुरू की हैं, लेकिन इस बार हाजियों को एक बड़ी दुविधा का सामना भी करना पड़ रहा है। सम्भल से हज ट्रेनर तकी अशरफ एडवोकेट ने बताया कि हज कमेटी की ओर से व्यवस्थाएँ बेहतर की गई हैं, मगर सबसे बड़ी परेशानी मक्का में खाने के इंतज़ाम को लेकर सामने आई है।
तकी अशरफ एडवोकेट के अनुसार, मक्का की अज़ीज़िया बिल्डिंग्स में ठहरने वाले हाजियों को इस बार खाना बनाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पहले हाजी अपने स्तर पर भोजन बना लेते थे, लेकिन अब यह सुविधा खत्म कर दी गई है। इससे हाजियों में बेचैनी है, क्योंकि भारत से लगभग 1 लाख 72 हजार हाजी जाएंगे और सभी के लिए होटल या कैटरिंग व्यवस्था में लाइन लगना बड़ी समस्या बन सकती है। हालांकि हज कमेटी ने स्पष्ट किया है कि कैटरिंग एजेंसियों से बातचीत जारी है और खाने का इंतज़ाम कराने की कोशिश की जा रही है।
इस बीच हज कमेटी ने हज 2026 के यात्रियों के लिए एक अहम सर्कुलर जारी किया है। पहली बार हाजियों को चार दिनों का विकल्प दिया गया है, जिसमें वे अपनी सुविधा के अनुसार फ्लाइट बुक कर सकते हैं। यह सुविधा 29 जनवरी से 1 फरवरी तक उपलब्ध रहेगी। इस दौरान हाजी अपनी जरूरत और कामकाज को देखते हुए शुरुआती, मध्य या अंतिम तारीख की फ्लाइट चुन सकते हैं। जो लोग इन चार दिनों में फ्लाइट बुक नहीं कर पाएंगे, उनके लिए हज कमेटी अपने स्तर पर फ्लाइट की व्यवस्था करेगी। हालांकि कुछ श्रेणियों जैसे बिना मेहरम जाने वाली महिलाएँ और शिया हजरात, जिनकी मीकात जुफा होती है, उनके लिए फ्लाइट की व्यवस्था हज कमेटी स्वयं करेगी।
सम्भल जिले से हज को लेकर भी स्थिति साफ की गई है। तकी अशरफ एडवोकेट ने बताया कि संभल से कुल 537 लोगों ने हज के लिए आवेदन किया था, जिनमें सभी का चयन हुआ। लेकिन ताज़ा सूची के अनुसार अब 504 हाजी ही शेष हैं। शेष लोगों ने आर्थिक कारणों, बीमारी या मृत्यु जैसी वजहों से अपना हज निरस्त करा दिया है। हज 2026 को लेकर जहां एक ओर नई सुविधाओं से हाजियों को राहत मिली है, वहीं खाने की व्यवस्था को लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है।
Also Click : Special : SC ने यूजीसी के नए समानता बढ़ाने वाले नियमों पर लगाई अंतरिम रोक, दुरुपयोग की आशंका जताई
What's Your Reaction?









