Sitapur : तीन माह से बन्द सामुदायिक शौचालय ने खोला समूह का राज, समूह अध्यक्षा ने बीडीओ ऐलिया कार्यालय को सौंपा शिकायती पत्र

ग्रामीण विकास से जुड़े अधिकारी हवा में तीर चलाकर सरकार को गुमराह कर वाह वाही लूट रहे हैं। चूंकि गरीबी के सही मानक तय नहीं हैं। इसलिए उसका लाभ सरकारी विभागों से जुड़े लो

Sep 19, 2025 - 20:13
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Sitapur : तीन माह से बन्द सामुदायिक शौचालय ने खोला समूह का राज, समूह अध्यक्षा ने बीडीओ ऐलिया कार्यालय को सौंपा शिकायती पत्र
तीन माह से बन्द सामुदायिक शौचालय ने खोला समूह का राज, समूह अध्यक्षा ने बीडीओ ऐलिया कार्यालय को सौंपा शिकायती पत्र

Report : संदीप चौरसिया INA NEWS ब्यूरो Sitapur

इमलिया सुल्तानपुर- सीतापुर : विकास खण्ड ऐलिया की ग्राम पंचायत पसनैका में स्थित सामुदायिक शौचालय तीन माह से बन्द पड़ा था। जिसकी शिकायत जब बीडीओ ऐलिया से की गई। तो उन्होने त्वरित कार्यवाही करते हुये एडीओ पंचायत व ब्लाक समन्यवक को जांच के लिये भेजा। तो शिकायत सही पाई गई। अपनी कमी को छिपाते हुये एडीओ व समन्यवक ने सचिव, प्रधान व केयर टेकर को कारण बताओ नोटिस जारी कर दी। नोटिस की जानकारी मिलते ही केयरटेकर का पति वास्तविक समूह की महिलाओं के परिजनो से गिड़गड़ाने पहुंचा। तो समूह का राज खुल गया।

समूह अध्यक्षा ने बिना देर किये अपनी महिला सदस्यों के साथ ब्लाक मुख्यालय जा पहुंची। जहां बीडीओ ऐलिया की नामौजूदगी में शिकायत पत्र कार्यालय में रिसीव करा दिया। अब सवाल उठता है कि जब समूह की महिलाओं को शौचालय केयर टेकर की जानकारी ही नहीं है। तो चार वर्षों से केयर टेकर भुगतान कौन ले रहा है। प्रकरण गम्भीर है यदि ईमानदारी से मामले की जांच हो गई तो सचिव, प्रधान, केयर टेकर भुगतान लेने वाली महिला, एनआरएलएम से जुड़े कर्मी व बैंक कर्मी भी फंसेंगे। विदित हो कि देश व प्रदेश की डबल इंजन सरकार गरीब परिवार की महिलाओं के उत्थान हेतु स्वयं सहायता समूह गठन कराकर उन्हे ना-ना प्रकार की योजनाओं से लाभान्वित कर रही है।

परन्तु ग्रामीण विकास से जुड़े अधिकारी हवा में तीर चलाकर सरकार को गुमराह कर वाह वाही लूट रहे हैं। चूंकि गरीबी के सही मानक तय नहीं हैं। इसलिए उसका लाभ सरकारी विभागों से जुड़े लोग, ग्राम प्रधान गरीब महिलाओं के साथ अपने परिवार की महिलाओं को जोड़कर अध्यक्ष व वीसी सखी बनवाकर केयर टेकर जैसे लाभ खुद उठा रहे हैं। जिसमें शिक्षा मित्र, रोजगार सेवक भी अछूते नहीं हैं। लेकिन महिला उत्थान से जुड़ी इस योजना में फैले भ्रष्टाचार पर किसी की नजर नहीं पड़ रही है। कुछ ऐसा ही मामला पसनैका ग्राम पंचायत से उजागर हुआ है। जिससे पूरे महकमें में खलबली मची हुई है।

  • क्या हैं समूह के नियम

इमलिया सुल्तानपुर- सीतापुर

ग्रामीण अंचल में एक ही गाँव की 10 से 12 गरीब महिलाओं का समूह बनाया जाता है। इन्ही महिलाओं में से अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष व सचिव को चुना जाता है। जो हर महीने अपने द्वारा निर्धारित बचत को एकत्र कर अपनी क्षेत्रीय बैंक में खाता खोलवाकर बचत रूपया जमा करती हैं। जमा धन अवश्यकता पड़ने पर समूह की महिलाएं निर्धारित ब्याज पर लेती हैं। और समयानुसार जमा करती हैं। सक्रिय समूह होने पर उन्हे बैंक सीसीएल श्रेणी में लेकर आर्थिक सहायता हेतु धन मुहैया कराता है। सक्रिय समूह को ही केयर टेकर का लाभ देने का प्राविधान है। ऐलिया ब्लाक की 83 ग्राम पंचायतों में संचालित एसएचजी यदि जांच लिये जांय तो शायद ही कोई सक्रिय मिल सके। जबकि ब्लाक परिसर में समूह महिलाओं का जमावड़ा देखा जा सकता है।

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