Sitapur : नाराज प्रधानाध्यापक ने बीएसए पर बेल्ट से हमला किया, मोबाइल तोड़ा व दस्तावेज फाड़े; वीडियो वायरल, निलंबन की कार्रवाई शुरू

कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि हंगामा इतना तेज था कि सब डर गए। वर्मा ने चिल्लाते हुए कहा कि आप मुझे फंसाने की कोशिश कर रहे हो। फिर बेल्ट से दो-तीन वार

Sep 24, 2025 - 00:30
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Sitapur : नाराज प्रधानाध्यापक ने बीएसए पर बेल्ट से हमला किया, मोबाइल तोड़ा व दस्तावेज फाड़े; वीडियो वायरल, निलंबन की कार्रवाई शुरू
नाराज प्रधानाध्यापक ने बीएसए पर बेल्ट से हमला किया

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में मंगलवार शाम एक सरकारी कार्यालय में हंगामा मच गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अखिलेश प्रताप सिंह के कार्यालय में महमूदाबाद ब्लॉक के नदवा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक बृजेंद्र कुमार वर्मा ने नाराजगी में बीएसए पर बेल्ट से हमला कर दिया। आरोपी ने बीएसए का मोबाइल फोन तोड़ दिया और महत्वपूर्ण दस्तावेज फाड़ दिए। पूरा वाकया कार्यालय के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे प्रधानाध्यापक बेल्ट लहराता हुआ बीएसए की ओर बढ़ रहा है। घटना के बाद बीएसए ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। बीएसए ने कहा कि आरोपी का तत्काल निलंबन होगा और विभागीय स्तर पर सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह घटना शिक्षा विभाग में अनुशासनहीनता का गंभीर उदाहरण बन गई है।

घटना मंगलवार शाम करीब चार बजे की है। बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि नदवा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक बृजेंद्र कुमार वर्मा के खिलाफ कुछ शिकायतें मिली थीं। शिकायतों में स्कूल के प्रबंधन, बच्चों की उपस्थिति और सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में लापरवाही का आरोप था। बीएसए ने आरोपी को स्पष्टीकरण के लिए कार्यालय बुलाया था। शाम चार बजे के करीब वर्मा कार्यालय पहुंचे। बीएसए ने शिकायतों पर सवाल किए। आरोपी ने पहले तो सामान्य जवाब दिए, लेकिन जैसे-जैसे सवाल गंभीर होते गए, उनकी नाराजगी बढ़ गई। बीएसए ने कहा कि उन्होंने आरोपी को पहले भी चेतावनी दी थी कि ऐसी शिकायतें न आएं। लेकिन मंगलवार को बातचीत के दौरान वर्मा बेकाबू हो गए। अचानक उन्होंने अपनी बेल्ट निकाली और बीएसए पर हमला बोल दिया।

कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि हंगामा इतना तेज था कि सब डर गए। वर्मा ने चिल्लाते हुए कहा कि आप मुझे फंसाने की कोशिश कर रहे हो। फिर बेल्ट से दो-तीन वार किए। बीएसए ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन हमले में उनके हाथ और कंधे पर चोटें आईं। इसके बाद वर्मा ने बीएसए का मोबाइल फोन छीन लिया और दीवार पर पटक दिया। फोन टूट गया। फिर उन्होंने टेबल पर रखे दस्तावेज उठाए और फाड़ दिए। ये दस्तावेज स्कूलों के निरीक्षण और योजनाओं से जुड़े थे। कर्मचारियों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन वर्मा नहीं रुके। पूरा वाकया करीब दो मिनट चला। सीसीटीवी फुटेज में बेल्ट का वार साफ दिख रहा है। वर्मा के चेहरे पर गुस्सा साफ झलक रहा है। घटना के बाद वे कार्यालय से बाहर भागने लगे, लेकिन स्टाफ ने उन्हें रोक लिया।

सोशल मीडिया पर वीडियो मंगलवार रात से ही वायरल होने लगा। ट्विटर और फेसबुक पर हजारों यूजर्स ने इसे शेयर किया। #SitapurBSAAttack और #TeacherViolence जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। एक यूजर ने लिखा कि सरकारी कार्यालय में ऐसी गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं। शिक्षक का यह व्यवहार शर्मनाक है। दूसरा यूजर बोला कि बीएसए ने सही किया, जो शिकायत पर कार्रवाई की। वीडियो देखने वालों की संख्या लाखों में पहुंच गई। कई शिक्षक संगठनों ने भी प्रतिक्रिया दी। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने कहा कि एक व्यक्ति की गलती पर पूरे विभाग को बदनाम न करें, लेकिन अनुशासन जरूरी है। वीडियो में बीएसए की डायरी और फाइलें भी बिखरी हुई दिख रही हैं। इससे विभाग के कामकाज पर असर पड़ा।

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस तुरंत पहुंच गई। थाना प्रभारी अनूप शुक्ला ने बताया कि बीएसए की तहरीर पर आईपीसी की धारा 323 (मारपीट), 504 (अपमान) और 506 (धमकी) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी बृजेंद्र कुमार वर्मा को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में उन्होंने कहा कि बीएसए ने अपमानित किया, इसलिए गुस्से में आ गया। लेकिन पुलिस ने इसे बहाना बताया। सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया गया। बीएसए ने देर शाम जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। डॉक्टरों ने मामूली चोटें होने की पुष्टि की। बीएसए ने कहा कि यह मेरी ड्यूटी का हिस्सा था। शिकायत पर जांच जरूरी है। आरोपी को पहले भी चेतावनी दी गई थी। अब विभागीय कार्रवाई होगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने आरोपी का तत्काल निलंबन कर दिया। सेवा समाप्ति के लिए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई।

सीतापुर जिला शिक्षा का केंद्र है। यहां सैकड़ों प्राथमिक विद्यालय हैं। लेकिन शिकायतों के कारण अधिकारी-कर्मचारी के बीच तनाव आम है। एक शिक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि बीएसए सख्त हैं। छोटी-मोटी शिकायत पर नोटिस दे देते हैं। लेकिन वर्मा का व्यवहार गलत था। कार्यालय में मारपीट का कोई स्थान नहीं। नदवा स्कूल के ग्रामीणों ने बताया कि वर्मा का व्यवहार पहले से ही आक्रामक था। लेकिन अप्रत्याशित था कि वे बीएसए पर हाथ उठाएंगे। जिला मजिस्ट्रेट ने भी घटना पर संज्ञान लिया। उन्होंने बीएसए से बात की और कहा कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों। कार्यालयों में सीसीटीवी तो हैं, लेकिन स्टाफ को प्रशिक्षण दें। एसएसपी ने पुलिस को निर्देश दिए कि जांच तेज करें। अगर और साक्ष्य मिले तो धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।

यह घटना उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग के लिए सबक है। शिक्षक और अधिकारी के बीच संवाद की कमी से ऐसे विवाद बढ़ते हैं। पिछले साल लखनऊ में एक समान घटना हुई थी, जहां एक शिक्षक ने निरीक्षक पर हमला किया था। तब भी निलंबन हुआ। विशेषज्ञ कहते हैं कि शिकायत निपटान के लिए मध्यस्थता समिति बनानी चाहिए। ताकि बातचीत से समाधान हो। बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह बस्ती के मूल निवासी हैं। वे पीसीएस के जरिए पद पर आए। उनकी सख्ती की सराहना होती है, लेकिन इस घटना से उनकी सुरक्षा पर सवाल उठे। परिवार ने कहा कि वे ड्यूटी निभा रहे थे, फिर भी हमला झेला। आरोपी के परिवार ने माफी मांगी, लेकिन देर हो चुकी। वर्मा के दो बच्चे हैं। वे सदमे में हैं।

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