Sitapur : मिश्रिख में मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने के विरोध में कांग्रेस का एक दिवसीय उपवास सत्याग्रह

सुनीता चौधरी ने कहा कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं है, बल्कि ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के लिए जीवन का सहारा है। इस योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाना देश की आ

Jan 8, 2026 - 21:32
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Sitapur : मिश्रिख में मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने के विरोध में कांग्रेस का एक दिवसीय उपवास सत्याग्रह
Sitapur : मिश्रिख में मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने के विरोध में कांग्रेस का एक दिवसीय उपवास सत्याग्रह

Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर

सीतापुर जिले के मिश्रिख तहसील परिसर में मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने के विरोध में कांग्रेस ने एक दिवसीय उपवास सत्याग्रह आयोजित किया। इस शांतिपूर्ण कार्यक्रम में सैकड़ों किसान, मजदूर, महिलाएं, युवा और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम की अगुवाई जिला पंचायत सदस्य और कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष सुनीता चौधरी ने की। सांसद राकेश राठौर विशेष रूप से मौजूद रहे। उनके साथ डॉ. ब्रजबिहारी, शिवप्रकाश सिंह समेत कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।

सुनीता चौधरी ने कहा कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं है, बल्कि ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के लिए जीवन का सहारा है। इस योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाना देश की आत्मा, संविधान की भावना और गरीबों के अधिकारों पर हमला है। कांग्रेस इस फैसले को कभी स्वीकार नहीं करेगी। डॉ. ब्रजबिहारी ने कहा कि महात्मा गांधी सत्य, अहिंसा और सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं। उनके नाम को योजनाओं से हटाना दिखाता है कि केंद्र सरकार गांधीवादी विचारधारा से डरती है। यह फैसला लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

शिवप्रकाश सिंह ने कहा कि मनरेगा से गांधी का नाम हटाने का निर्णय जनविरोधी है। कांग्रेस गरीब, किसान और मजदूरों के हक की लड़ाई हर स्तर पर लड़ेगी। जरूरत पड़ी तो आंदोलन और तेज होगा। शिखा वर्मा और सरोजनी चौधरी ने बड़ी संख्या में आई महिलाओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी दिखाती है कि यह आंदोलन सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि जनभावनाओं से जुड़ा है।

सांसद राकेश राठौर ने कहा कि केंद्र सरकार योजनाबद्ध तरीके से महात्मा गांधी के नाम, विचार और विरासत को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस इस साजिश को कभी सफल नहीं होने देगी। अगर सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन सड़क से संसद तक फैलेगा। सभी वक्ताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि मनरेगा योजना में महात्मा गांधी का नाम दोबारा जोड़ा जाए। अन्यथा आंदोलन और तेज होगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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