Sitapur : काकोरी पंचायत का भ्रष्टाचार उजागर, जांच टीम को कई मिली खामियां, पंचायत भवन व आर. आर. सेंटर में मिली भारी अनियमिताएं
राजाराम के नल का 2022 में रिबोरिंग कर विजय पाल के घर के पास लगाया गया था, लेकिन अब उसका पानी गंदा हो चुका है। टीम ने आगे बताया कि गांव की गलियां और नालि
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS ब्यूरो Sitapur
मछरेहटा/सीतापुर। विकास खंड मछरेहटा की ग्राम पंचायत काकोरी में फैले भ्रष्टाचार के मामले अब प्रशासनिक जांच में सामने आने लगे हैं। जिलाधिकारी को मिली शिकायतों के आधार पर गठित जांच टीम ने गांव पहुंचकर कई गंभीर अनियमितताएं पाईं। इससे साफ पता चलता है कि पंचायत स्तर पर सरकारी धन का बड़े पैमाने पर गलत इस्तेमाल हुआ है। जांच टीम ने पाया कि नल मरम्मत और रिबोरिंग के नाम पर पैसे निकाले गए, लेकिन जमीन पर हालात अलग हैं। ग्रामीण संजय ने दो महीने पहले खुद के पैसे से नल लगवाया था, लेकिन रिबोरिंग के नाम पर ग्राम प्रधान और सचिव ने सरकारी कोष से उसका भुगतान कर दिया।
इसी तरह, राजाराम के नल का 2022 में रिबोरिंग कर विजय पाल के घर के पास लगाया गया था, लेकिन अब उसका पानी गंदा हो चुका है। टीम ने आगे बताया कि गांव की गलियां और नालियां जर्जर अवस्था में हैं। सफाई व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है। पुरैनी गांव में बना पंचायत भवन अब बेकार पड़ा है। भवन से कुर्सियां और लैपटॉप गायब हैं। दीवारें टूट चुकी हैं। पास ही बना आरआर सेंटर (कूड़ा घर) भी अधूरा है।
इससे जाहिर होता है कि योजनाओं का काम सिर्फ कागजों पर हुआ, जमीन पर नहीं। जांच के दौरान ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर अपनी शिकायतें बताईं। उनका कहना था कि शिकायतकर्ता रवि प्रकाश सिंह के लगाए गए आरोप ज्यादातर सही साबित हुए हैं।
रवि प्रकाश सिंह ने ग्राम पंचायत काकोरी में भ्रष्टाचार को लेकर तीन बार जिलाधिकारी को शिकायत दी थी। इन शिकायतों पर खंड विकास अधिकारी आरके तिवारी ने जांच टीम बनाई। टीम 25 सितंबर को सुबह 11 बजे गांव पहुंचने वाली थी, लेकिन दोपहर 1:15 बजे आई और शाम 3:30 बजे तक जांच चली। इस दौरान सचिव रणविजय सिंह, पूर्व सचिव सोमपाल और तकनीकी सहायक कन्हैया लाल जांच स्थल पर नहीं दिखे। उनकी अनुपस्थिति ने ग्रामीणों में और संदेह बढ़ा दिया कि भ्रष्टाचार में उनकी भूमिका गहरी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान और सचिव की सांठगांठ से योजनाओं का पैसा कागजों पर खर्च दिखाकर हड़प लिया गया। नल मरम्मत से लेकर पंचायत भवन और सफाई तक हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार दिखा। जांच अधिकारियों ने माना कि अनियमितताएं गंभीर हैं। रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी। अब देखना यह है कि इस रिपोर्ट पर प्रधान और सचिव के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती है या मामला दब जाता है।
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