Sitapur : सीतापुर के भरौना गांव में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ, दलित-पिछड़ा एकता पर जोर

मंच का संचालन सीतापुर जिले के कवि और वक्ता राम सागर धनगर ने किया। वे अपनी रचनाओं से बहुजन महापुरुषों के विचारों को लोगों तक पहुंचाते हैं। कार्यक्रम

Dec 15, 2025 - 21:12
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Sitapur : सीतापुर के भरौना गांव में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ, दलित-पिछड़ा एकता पर जोर
Sitapur : सीतापुर के भरौना गांव में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ, दलित-पिछड़ा एकता पर जोर

Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर

सीतापुर जिले के गोंदलामऊ विकास खंड के भरौना गांव में दलित पिछड़ा शोषित एकता समिति नाम के संगठन ने संविधान पाठ का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में गांव के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए और संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ किया। आयोजन की जिम्मेदारी ब्लॉक अध्यक्ष उमादत्त प्रजापति और संगठन के उपाध्यक्ष कपिल गौतम ने संभाली।

मंच का संचालन सीतापुर जिले के कवि और वक्ता राम सागर धनगर ने किया। वे अपनी रचनाओं से बहुजन महापुरुषों के विचारों को लोगों तक पहुंचाते हैं। कार्यक्रम में लखनऊ से कई विचारक और समाजसेवी पहुंचे। इनमें अर्जुन प्रसाद, अचल सिद्धार्थ यादव, अनिल असुर और अखंड भारत मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र यादव मुख्य थे।

देवेंद्र यादव ने अपनी बात रखते हुए कहा कि भारत को फिर से एक मजबूत और अखंड राष्ट्र बनाने का रास्ता सिर्फ संविधान से होकर जाता है। संविधान हर नागरिक को अधिकार देता है और सभी को आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक और राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने का आधार है। उन्होंने बताया कि संविधान कोई साधारण किताब नहीं है, बल्कि इसमें बुद्ध, ज्योतिबा फुले, साहू जी, पेरियार और डॉ. बी.आर. अंबेडकर जैसे महापुरुषों के विचार और वैज्ञानिक सोच शामिल है।

राम सागर धनगर ने कहा कि संविधान के साथ-साथ हर महिला और लड़की को सावित्री बाई फुले और अहिल्या बाई होलकर जैसे महान व्यक्तित्वों के विचार पढ़ने चाहिए। इससे समाज में महिलाओं की भूमिका और मजबूत होगी।

संगठन के अध्यक्ष रंजीत सिंह विद्रोही ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज सत्ता में बैठे कुछ लोग संविधान को कमजोर करना चाहते हैं और बाबा साहब अंबेडकर के विचारों को मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों पर जाति के नाम पर अत्याचार हो रहे हैं। न्याय व्यवस्था में भी मनमानी चल रही है। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि कई बार न्याय मांगने गए लोगों का स्वागत गाली और डंडों से किया जाता है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि सब मिलकर एकता की भावना को मजबूत करें। हम आपके हैं और आप हमारे हैं, इसी सोच से आगे बढ़ें तो जाति, धर्म और मजहब की दीवारें गिरेंगी। आपसी भाईचारा बढ़ेगा और एकजुट होकर अन्याय के खिलाफ मजबूत आवाज उठाई जा सकती है।

कार्यक्रम में राम प्रताप गौतम, गोकरन विश्वकर्मा, बृज कुमार भारती, एडवोकेट संदीप यादव, विधान सभा अध्यक्ष शिवसागर पाल, संगठन उपाध्यक्ष यशवंत सिंह, अनिल असुर, होरी लाल पाल और मौलाना इसरार समेत कई लोग मौजूद रहे।

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