Sitapur News: महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर बाबा देव देवेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की उमडी भीड़, दर्शन के लिए लगी लंबी कतारें

भगवान शिव को चतुर्दशी तिथि का स्वामी माना जाता है। ईशान संहिता में कहा गया है कि भगवान् शिव फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि वाले दिन ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए..

By INA News Desk
Feb 26, 2025 - 23:05
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Sitapur News: महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर बाबा देव देवेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की उमडी भीड़, दर्शन के लिए लगी लंबी कतारें

By INA News Sitapur.

रिपोर्ट: सुरेंद्र कुमार INA न्यूज़

नैमिषारण्य(सीतापुर) विश्व विख्यात तीर्थ नैमिषारण्य मे महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर बाबा देव देवेश्वर धाम में नीमसार के अनेको शिवालय मंदिरों में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया। महाशिवरात्रि को लेकर मान्‍यता है कि इस दिन शिव और शक्ति का मिलन हुआ था। यानी कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्‍न हुआ था, इसलिए इस दिन व्रत किया जाता है और शिवजी के साथ गौरा यानी कि मां पार्वती की पूजा होती है।भगवान शिव को चतुर्दशी तिथि का स्वामी माना जाता है। ईशान संहिता में कहा गया है कि भगवान् शिव फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि वाले दिन ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। इसलिए इस तिथि वाले दिन महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाने लगा। लेकिन इसके अलावा भी महाशिवरात्रि के विषय में मान्यताएं हैं।

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विष्णु पुराण कथा के अनुसार, इस दिन सागर मंथन हुआ था और जिसमें से कालकेतु विष निकला था। उस समय भगवान शिव ने संपूर्ण ब्रह्मांड की रक्षा करने के लिये स्वयं ही पूरा विष पी लिया था।जिस कारण उनका पूरा कंठ नीला हो गया था। विषपान के बाद से ही उन्हें नीलकंठ की संज्ञा दी गई। अन्य मान्यताओं में इस दिन को इस तरह से मनाया जाता है और भक्तों की काफी चहल- पहल बनी रही और पुलिस प्रशासन नैमिषारण्य थाना प्रभारी (पंकज तिवारी) की मौजूदगी में मेला और दर्शन आदि सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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