Sitapur : श्रम कानूनों के खिलाफ रेलकर्मियों का प्रदर्शन, काली पट्टी बांधकर जताई नाराजगी
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में चारों नए श्रम कानूनों को वापस लेना और निजीकरण पर पूरी तरह रोक लगाना शामिल है। कर्मचारियों ने नई पेंशन योजनाओं को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल करने की पुरजोर
सीतापुर जिले के बिसवां रेलवे स्टेशन पर पूर्वोत्तर रेलवे मेंस कांग्रेस के नेतृत्व में कर्मचारियों ने श्रम कानूनों के विरोध में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अपनी बाहों पर काली पट्टी बांधकर सरकार की नीतियों के प्रति अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस दौरान रेलकर्मियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और वर्तमान कानूनों को मजदूर हितों के विपरीत बताया।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में चारों नए श्रम कानूनों को वापस लेना और निजीकरण पर पूरी तरह रोक लगाना शामिल है। कर्मचारियों ने नई पेंशन योजनाओं को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल करने की पुरजोर मांग की। इसके साथ ही रेलवे और अन्य सरकारी संस्थानों में खाली पड़े पदों पर तुरंत नई भर्ती शुरू करने पर जोर दिया गया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की नीतियां मजदूरों और कर्मचारियों के भविष्य को असुरक्षित बना रही हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में शिवपाल सिंह, शतेंद्र सिंह, गनी खान, हनीफ, सी.एल. वर्मा और भागीरथी समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन को और तेज करेंगे।
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