Sitapur : साइबर ठगी में म्यूल खातों का इस्तेमाल करने वाले छह अपराधी गिरफ्तार, 12 करोड़ से अधिक का लेन-देन
जांच में अब तक 11 करोड़ 95 लाख 40 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। इनके पास 45 से अधिक बैंक खाते और 20 जनसेवा केंद्र आईडी का इस्तेमाल धोखाधड़ी के
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
सीतापुर। खैराबाद थाना क्षेत्र में पुरानी स्टेशन रोड के पास पुलिस ने छह अंतरराज्यीय अपराधियों को गिरफ्तार किया। ये अपराधी म्यूल खातों के जरिए अवैध क्रिप्टोकरेंसी व्यापार से कमीशन कमाते थे। इनके जरिए करीब 11 करोड़ 95 लाख 40 हजार रुपये का लेन-देन हुआ। गिरफ्तार अपराधी हैं- शुभम तिवारी पुत्र उमाशंकर तिवारी निवासी ग्राम मधवापुर थाना कमलापुर जनपद सीतापुर हाल पता श्रीनगर कालोनी मडियांव जनपद लखनऊ, रघुराज सिंह उर्फ चमन पुत्र जितेंद्र सिंह निवासी ग्राम पसनैका थाना इमेलिया सुल्तानपुर जनपद सीतापुर हाल पता गोल्डन सिटी कालोनी मिश्रा हॉस्टल थाना सैरपुर जनपद लखनऊ, आशीष कुमार शुक्ला उर्फ अंशू पुत्र उत्तम शुक्ला निवासी ग्राम फत्तेपुर थाना महमदगंज जनपद खीरी, मोहम्मद अरमान पुत्र मोहम्मद शाहरुख निवासी हबीब अशरफ मंजिल मोहल्ला सिविल लाइन थाना कोतवाली, साबेज पुत्र शुऐब खां निवासी मोहल्ला कोर्ट पुराना सीतापुर थाना कोतवाली, विनय कुमार पुत्र सुरेश चंद्र निवासी ग्राम पंडरवा थाना पिहानी जनपद हरदोई।
पकड़े गए अपराधियों के कब्जे से 11 एटीएम कार्ड, सात मोबाइल फोन, 14 सिम कार्ड, चार पासबुक, एक चेकबुक, एक पैन कार्ड, एक आधार कार्ड और एक लग्जरी कार मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा (नंबर यूपी32पीएल2617) बरामद हुई। ये सभी घटना में इस्तेमाल होने वाले उपकरण थे। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने इस सफल कार्रवाई के लिए खैराबाद थाने और एसओजी टीम को 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की। पूछताछ में अपराधियों ने बताया कि वे अलग-अलग शहरों में जाकर लोगों को निवेश व्यापार में लाभ का लालच देकर उनके बैंक खाते, पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल सिम ले लेते थे। इन म्यूल खातों से यूपीआई और अन्य तरीकों से पैसे का लेन-देन करते थे। बदले में खाता मालिक को पांच से दस प्रतिशत कमीशन देते थे। वे जनसेवा केंद्रों से आईडी और पासवर्ड लेकर बिल भुगतान और अन्य लेन-देन करते थे। अपराध की योजना टेलीग्राम ग्रुपों से बनाते थे।
जांच में अब तक 11 करोड़ 95 लाख 40 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। इनके पास 45 से अधिक बैंक खाते और 20 जनसेवा केंद्र आईडी का इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए हो रहा था। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अलग-अलग राज्यों और जिलों में शिकायतें दर्ज हैं। संबंधित खातों को फ्रीज कराने की कार्रवाई चल रही है। आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि लाभ के लालच में किसी को अपना बैंक खाता, जनसेवा केंद्र आईडी, लॉगिन पासवर्ड या ओटीपी न दें। बिल जमा या पैसे भेजने के बहाने कोई गोपनीय जानकारी न साझा करें। साइबर संबंधी मदद के लिए 1930 पर कॉल करें।
एसओजी टीम में प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र विक्रम सिंह, उप निरीक्षक अरविंद शुक्ला, मुख्य आरक्षक शराफत अली, रोहित कुमार, गुरुपाल, आरक्षक भूपेंद्र राणा, दीपक रंजन, अंकुर बालियान, विनय सिंह, सोहनपाल, राहुल कुमार, प्रशांत शेखर सिंह, आरक्षी दानवीर चड्ढा, शैंकी यादव, चंद्र प्रकाश वर्मा और महिला आरक्षक डॉली रानी शामिल थे। खैराबाद थाने से थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, उप निरीक्षक अवधेश यादव, आरक्षक पीयूष, कर्मवीर, योगराज और कपिल कुमार मौजूद रहे।
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