Sitapur : नैमिषारण्य में विवेक भाई शास्त्री बने महाकाली महाकाल मंशा देवी मंदिर के महंत
महंती परंपरा के अनुसार पहले विवेक भाई शास्त्री को साफा पहनाया गया, फिर तिलक लगाकर और शाल ओढ़ाकर मंदिर का महंत घोषित किया गया। नव-नियुक्त महंत विवे
नैमिषारण्य (सीतापुर) स्थित महाकाली महाकाल मंशा देवी मंदिर परिसर में ब्रह्मलीन महंत बिहारी लाल की जगह प्रसिद्ध कथाव्यास विवेक भाई शास्त्री को सनातन रीति-रिवाजों के अनुसार महंत पद पर अभिषेक किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संत-महंतों की मौजूदगी में यह समारोह संपन्न हुआ।
इस अवसर पर चौरासी कोस परिक्रमा अध्यक्ष एवं पहला आश्रम महंत नारायण दास की अध्यक्षता में महंत संतोष दास खाकी, महंत बजरंग दास, महंत राजनारायण पांडेय, काली पीठाधीश गोपाल शास्त्री, ब्रह्म ऋषि स्वामी विमलानंद सरस्वती, महंत प्रह्लाद दास, महंत सरोज दास, महंत रामकुमार दास, महंत प्रीतम दास, महंत हरिदास, श्री 1008 पवन दास, भास्कर शास्त्री, विजय बाबा, महंत बालकराम दास, सूत गद्दी मंदिर प्रबंधक मनीष शास्त्री तथा काशी विश्वनाथ मंदिर प्रमुख पुरुषोत्तम शास्त्री समेत अन्य संत उपस्थित रहे।
महंती परंपरा के अनुसार पहले विवेक भाई शास्त्री को साफा पहनाया गया, फिर तिलक लगाकर और शाल ओढ़ाकर मंदिर का महंत घोषित किया गया। नव-नियुक्त महंत विवेक भाई शास्त्री ने सभी संतों का वंदन कर आभार जताया और सनातन धर्म के मार्ग पर चलने की प्रतिबद्धता दोहराई। इसके बाद सभी संत-महंतों को भोजन कराया गया तथा अंगवस्त्र और दक्षिणा देकर आशीर्वाद लिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संत और स्थानीय श्रद्धालु मौजूद रहे।
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