वक़्फ़ का समर्थन करना नीतीश को पढ़ रहा महंगा, 5 नेताओं के बाद 15 मुस्लिम पदाधिकारी ने पार्टी से दिया इस्तीफा। 

वक़्फ़ संशोधन अधिनियम पहले लोकसभा में पास हुआ फिर राज्यसभा में इस पर मोहर लग गई। इस वक़्फ़ संशोधन अधिनियम में अगर ...

Apr 5, 2025 - 11:22
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वक़्फ़ का समर्थन करना नीतीश को पढ़ रहा महंगा, 5 नेताओं के बाद 15 मुस्लिम पदाधिकारी ने पार्टी से दिया इस्तीफा। 

वक़्फ़ का समर्थन करना जदयू को महंगा पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। पहले पांच नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दिया और अब 15 मुस्लिम पदाधिकारी ने पार्टी से सामूहिक इस्तीफा दे दिया।

  • जेडीयू में इस्तीफा का दौर हुआ शुरू

वक़्फ़ संशोधन अधिनियम पहले लोकसभा में पास हुआ फिर राज्यसभा में इस पर मोहर लग गई। इस वक़्फ़ संशोधन अधिनियम में अगर किसी ने अहम भूमिका निभाई है तो चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार की पार्टी ने निभाई है जिसकी वजह से बीजेपी इस अधिनियम को लोकसभा और राज्यसभा में पास करवा सकी है। लेकिन अब इसका खामियाजा जनता दल यूनाइटेड और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उठाना पड़ रहा है। यहां पार्टी के पांच नेताओं ने पहले इस्तीफा दिया फिर बाद में 15 मुस्लिम नेताओं ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफा दिए जाने से आगामी विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार को एक बड़ा नुकसान हो सकता है।

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  • इस्तीफा देने के बाद क्या बोले नेता जानिए

राजू नैयर और तबरेज हसन का जेडी(यू) से इस्तीफा देने का कारण वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन था, जिसे दोनों ने मुसलमानों पर अत्याचार करने वाला "काला कानून" करार दिया। राजू नैयर ने अपनी इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि वह इस विधेयक के समर्थन से बहुत आहत हैं और इसे मुसलमानों के खिलाफ एक कदम मानते हैं। उन्होंने पार्टी से सभी जिम्मेदारियों से मुक्त होने का अनुरोध भी किया।

तबरेज हसन ने भी इस मुद्दे पर अपनी असहमति व्यक्त की और कहा कि इस विधेयक के समर्थन ने मुसलमानों का विश्वास तोड़ दिया है, जो पहले इस पार्टी को धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के प्रतीक के रूप में देखते थे। वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भाजपा के सहयोगियों और सांसदों सहित सभी धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दलों से वक्फ संशोधन विधेयक को अस्वीकार करने का आह्वान किया था।

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