Rajasthani News: चिता में लगने वाली थी आग तभी जिंदा हो गया मुर्दा, डॉक्टर ने बताई ये वजह।

राजस्थान के झुंझुनूं इलाके में हैरान और परेशान कर देने वाला एक अजीबोगरीब मामला देखने को मिला। यहां पर कुछ लोग एक व्यक्ति को उसके अंतिम ...

Nov 22, 2024 - 13:17
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Rajasthani News: चिता में लगने वाली थी आग तभी जिंदा हो गया मुर्दा, डॉक्टर ने बताई ये वजह।

अशरफ अंसारी की रिपोर्ट-

राजस्थान में अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। यहां पर एक शख्स को अंतिम संस्कार के लिए चिता पर लिटाया गया तभी उसकी चिता में आग लगाने का काम किया जा रहा था तभी अचानक से मुर्दा जिंदा हो गया जिसके बाद परिवार के लोग तुरंत मुर्दे को अस्पताल लेकर पहुंचे।

  • चिता पर जिंदा हुआ मुर्दा डर गए लोग

राजस्थान के झुंझुनूं इलाके में हैरान और परेशान कर देने वाला एक अजीबोगरीब मामला देखने को मिला। यहां पर कुछ लोग एक व्यक्ति को उसके अंतिम संस्कार के लिए शमशान घाट पर लेकर पहुंचे। तभी अचानक से मुर्दा जिंदा हो गया और लोग डर गए। बताया गया कि बीडीके अस्पताल के डॉक्टरों ने व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद बॉडी को मोर्चरी में शिफ्ट कर दिया गया। दो ढाई घंटे तक बॉडी को डी फ्रीज में भी रखा गया। इसके बाद बॉडी को परिजनों को सौंप दिया गया था।

मुर्दे को उसके परिवार के लोग श्मशान घाट पर लेकर पहुंचे थे। यहां अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया की जा रही थी। पूरी प्रक्रिया होने के बाद चुनाव में आग लगाने का काम किया जा रहा था तभी अचानक से अर्थी पर लेटी लाश में हलचल पैदा हो गई। ऐसा देखा अंतिम संस्कार में शामिल होने आए लोग काफी डर गए। वही इस मामले की जानकारी तुरंत एंबुलेंस को दी गई। उसके बाद परिवार के लोग व्यक्ति को बीड़ीके के अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर उसका डॉक्टर की टीम इलाज कर रही।

  • जाने क्या था पूरा मामला

झुंझुनूं के बगड़ मां सेवा संस्थान के आश्रय गृह में रहने वाला 45 वर्षीय रोहिताश, जो कि मूक बधीर और अनाथ था, गुरुवार को अचानक बीमार हो गया। उसकी हालत बिगड़ी और उसे झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके बाद, शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया और डी फ्रीज में रखा गया, जहां वह दो से ढाई घंटे तक रखा रहा।

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लेकिन चमत्कारिक रूप से, जब शव को श्मशान घाट ले जाया गया और चिता पर रखा गया, तो रोहिताश की सांस वापस चलने लगी। यह घटना सभी के लिए एक चौंकाने वाला अनुभव बन गई, क्योंकि उसे मृत समझा जा चुका था। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया और पंचनामा बनाया गया, और शव को बगड़ मां सेवा संस्थान के पदाधिकारियों के सुपुर्द किया गया। घटना ने एक बार फिर से शख्स को एक नया जीवन देने का काम किया।

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