UGC के नए इक्विटी नियमों पर देशभर में बवाल, यूपी से दिल्ली तक प्रदर्शन और कुमार विश्वास की आपत्ति।

UGC ने 13 जनवरी को Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations 2026 अधिसूचित किए हैं जो उच्च शिक्षण संस्थानों

Jan 27, 2026 - 16:36
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UGC के नए इक्विटी नियमों पर देशभर में बवाल, यूपी से दिल्ली तक प्रदर्शन और कुमार विश्वास की आपत्ति।
UGC के नए इक्विटी नियमों पर देशभर में बवाल, यूपी से दिल्ली तक प्रदर्शन और कुमार विश्वास की आपत्ति।
  • जनरल कैटेगरी छात्रों ने UGC नियमों को भेदभावपूर्ण बताया, 27 जनवरी को दिल्ली मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन
  • कुमार विश्वास ने UGC संशोधनों पर कविता शेयर कर जताई नाराजगी, सुप्रीम कोर्ट में PIL दाखिल

UGC ने 13 जनवरी को Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations 2026 अधिसूचित किए हैं जो उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव को रोकने के उद्देश्य से हैं और इनमें इक्वल ऑपर्च्युनिटी सेंटर इक्विटी कमेटी तथा 24 घंटे हेल्पलाइन स्थापित करने के प्रावधान हैं जो SC ST OBC तथा अन्य पिछड़े वर्गों के छात्रों की शिकायतों पर कार्रवाई करेंगे। ये नियम 2012 के नियमों का स्थान लेते हैं और इनमें जातिगत धर्म लिंग विकलांगता तथा जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव की परिभाषा को विस्तार दिया गया है जो मानव गरिमा या शिक्षा में समानता को प्रभावित करने वाले किसी भी कार्य को शामिल करता है। नियमों में संस्थानों को इक्विटी कमेटी गठित करने का दायित्व दिया गया है जिसकी अध्यक्षता संस्थान प्रमुख करेंगे और यह कमेटी शिकायतों की जांच करेगी जबकि संस्थान प्रमुखों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा। नियमों में झूठी शिकायतों के लिए दंड का प्रावधान नहीं है जिससे जनरल कैटेगरी छात्रों में मिसयूज की आशंका पैदा हुई है और वे इसे एकतरफा मानते हैं। नियमों में कैंपस पर जातिगत भेदभाव की शिकायतों के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन और इक्वल ऑपर्च्युनिटी सेंटर स्थापित करने का निर्देश है जो वंचित छात्रों की सहायता करेगा। नियमों का उद्देश्य कैंपस पर जातिगत पूर्वाग्रह को रोकना है जहां शिकायतें 2019-20 में 173 से बढ़कर 2023-24 में 378 हो गई हैं जो 118.4 प्रतिशत वृद्धि दर्शाती है। नियमों में संस्थानों को समावेशिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश है और भेदभाव की घटनाओं पर समयबद्ध कार्रवाई करनी होगी। नियमों में जातिगत भेदभाव की शिकायतों पर जांच के लिए कमेटी गठन और रिपोर्टिंग सिस्टम स्थापित करने का प्रावधान है जो संस्थान प्रमुख की जिम्मेदारी बढ़ाता है। नियमों को जातिगत भेदभाव की शिकायतों की संख्या बढ़ने के संदर्भ में लाया गया है और यह न्यायिक जांच के बाद तैयार किए गए हैं। नियमों में भेदभाव की परिभाषा में SC ST OBC को शामिल किया गया है जो ड्राफ्ट में नहीं था और यह बदलाव अंतिम संस्करण में किया गया। नियमों में इक्विटी को बढ़ावा देने के लिए संस्थानों को नीतियां अपनाने का निर्देश है और भेदभाव रोकने के लिए कदम उठाने होंगे।

ये नियम जनरल कैटेगरी छात्रों में विवादास्पद साबित हुए हैं जो इसे भेदभावपूर्ण मानते हैं और कहते हैं कि यह जनरल कैटेगरी छात्रों को अपराधी की तरह देखता है जबकि झूठी शिकायतों पर दंड नहीं है। नियमों में इक्विटी कमेटी में जनरल कैटेगरी का प्रतिनिधित्व न होने से इसे एकतरफा कहा जा रहा है और मिसयूज की आशंका जताई जा रही है। नियमों को लेकर यूपी दिल्ली और अन्य राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और छात्रों ने 27 जनवरी को दिल्ली में UGC मुख्यालय पर प्रदर्शन की योजना बनाई है। प्रदर्शनकारी नियमों को कैंपस पर अराजकता पैदा करने वाला बताते हैं और कहते हैं कि यह समानता के बजाय विभाजन बढ़ाएगा। नियमों के विरोध में छात्रों शिक्षकों और सामाजिक समूहों ने प्रदर्शन किया है और कई जगहों पर कैंपस स्तर पर विरोध हुआ है। विरोध में लखनऊ में एक राजनीतिक दल की इकाई के 10 पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया है और सीनियर डिविजनल मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने भी विरोध में इस्तीफा दिया है। नियमों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है जहां PIL दाखिल की गई है जो नियमों को संवैधानिक समानता के विरुद्ध बताती है। PIL में कहा गया है कि नियम जनरल कैटेगरी छात्रों के अधिकारों का उल्लंघन करते हैं और प्रक्रियागत निष्पक्षता की कमी है। नियमों पर शिक्षा मंत्रालय कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रहा है और मिसइंफॉर्मेशन को दूर करने के लिए विस्तृत स्पष्टीकरण जारी कर सकता है। मंत्रालय ने कहा है कि नियमों में कोई भेदभाव नहीं है और इनका मिसयूज नहीं हो सकता है जबकि नियमों को जातिगत पूर्वाग्रह रोकने के लिए लाया गया है। विरोध प्रदर्शन मेरठ हापुड़ सहारनपुर अलवर मधुबनी और अन्य क्षेत्रों में रिपोर्ट किए गए हैं।

कुमार विश्वास ने UGC नियमों पर आपत्ति जताई है और X पर दिवंगत कवि रमेश रंजन की कविता शेयर की है जो "चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा, राई लो या पहाड़ लो राजा, मैं अभागा सवर्ण हूं मेरा, रौन्या रौन्या उखाड़ लो राजा" है और यह नियमों से सवर्णों की स्थिति पर इंगित करती है। कुमार विश्वास ने कविता शेयर कर नियमों को लेकर भावनात्मक पीड़ा व्यक्त की है और प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है। कुमार विश्वास ने नियमों की आलोचना की है और झूठी शिकायतों पर जवाबदेही की मांग की है। कुमार विश्वास ने X पर पोस्ट कर नियमों को लेकर नाराजगी जाहिर की है और कविता के माध्यम से सवर्णों की स्थिति पर ध्यान दिलाया है। कुमार विश्वास ने नियमों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस में शामिल होकर प्रदर्शनकारियों के साथ आवाज मिलाई है। कुमार विश्वास की पोस्ट में कविता शेयर कर नियमों से उत्पन्न तनाव को व्यक्त किया गया है। कुमार विश्वास ने नियमों पर खुलकर विरोध दर्ज कराया है और इसे शिक्षा समुदाय के लिए नुकसानदेह बताया है। कुमार विश्वास ने कविता के जरिए सवर्णों की भावनाओं को व्यक्त किया है और नियमों के प्रभाव पर सवाल उठाया है। कुमार विश्वास ने नियमों को लेकर अपनी पोस्ट में कविता का उपयोग कर विरोध जताया है। कुमार विश्वास की भागीदारी से नियमों पर बहस तेज हुई है और प्रदर्शन को बल मिला है।

UGC नियमों पर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और जनरल कैटेगरी छात्र उन्हें रिवर्स बायस का कारण मानते हैं जबकि नियमों में इक्विटी कमेटी का गठन अनिवार्य है जो शिकायतों की जांच करेगी। नियमों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है जहां PIL में नियमों को संवैधानिक समानता के विरुद्ध बताया गया है। शिक्षा मंत्रालय नियमों पर कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रहा है और स्पष्टीकरण जारी कर सकता है। मंत्रालय ने कहा है कि नियमों में कोई भेदभाव नहीं है और मिसयूज नहीं होगा। प्रदर्शन दिल्ली UGC मुख्यालय पर 27 जनवरी को होंगे और कई राज्यों में विरोध हो रहा है। नियमों में हेल्पलाइन और सेंटर स्थापित करने का प्रावधान है जो वंचित छात्रों की मदद करेगा। नियमों की आलोचना हो रही है कि वे जनरल कैटेगरी छात्रों के लिए अनुचित हैं और कैंपस पर तनाव बढ़ाएंगे। नियमों को जातिगत शिकायतों की संख्या बढ़ने से लाया गया है। नियमों में संस्थान प्रमुखों को जिम्मेदार बनाया गया है। विरोध में इस्तीफे दिए गए हैं और बहस तेज हो गई है।

UGC नियमों को लेकर कुमार विश्वास ने विरोध जताया है और कविता शेयर की है जो सवर्णों की पीड़ा व्यक्त करती है। कुमार विश्वास ने नियमों पर नाराजगी जाहिर की है और झूठी शिकायतों पर जवाबदेही मांगी है। कुमार विश्वास की पोस्ट ने नियमों पर बहस को बढ़ावा दिया है। कुमार विश्वास ने कविता के माध्यम से नियमों से उत्पन्न असंतोष को व्यक्त किया है। कुमार विश्वास ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है। कुमार विश्वास की भागीदारी से विरोध को बल मिला है। कुमार विश्वास ने नियमों को शिक्षा के लिए हानिकारक बताया है। कुमार विश्वास ने X पर कविता शेयर की है। कुमार विश्वास ने सवर्णों की स्थिति पर ध्यान दिलाया है। कुमार विश्वास की पोस्ट में नियमों पर आपत्ति दर्ज की गई है।

UGC नियमों पर विरोध देशभर में फैल रहा है और जनरल कैटेगरी छात्र नियमों को रिवर्स डिस्क्रिमिनेशन का कारण मानते हैं। नियमों में जनरल कैटेगरी का प्रतिनिधित्व न होने से आशंका है। प्रदर्शन दिल्ली में 27 जनवरी को होंगे। नियमों को कैंपस पर अराजकता पैदा करने वाला कहा जा रहा है। विरोध में कैंपस स्तर पर प्रदर्शन हुए हैं। नियमों को सुप्रीम कोर्ट में PIL से चुनौती दी गई है। मंत्रालय स्पष्टीकरण जारी कर सकता है। नियमों में कोई भेदभाव नहीं है। विरोध मेरठ हापुड़ आदि में रिपोर्ट हुआ है। नियमों का उद्देश्य भेदभाव रोकना है।

UGC नियमों को लेकर कुमार विश्वास ने आपत्ति जताई है। कुमार विश्वास ने कविता शेयर की है। कुमार विश्वास ने झूठी शिकायतों पर जवाबदेही मांगी है। कुमार विश्वास की पोस्ट ने बहस तेज की है। कुमार विश्वास ने सवर्णों की पीड़ा व्यक्त की है। कुमार विश्वास ने समर्थन किया है। कुमार विश्वास की भागीदारी से बल मिला है। कुमार विश्वास ने हानिकारक बताया है। कुमार विश्वास ने X पर शेयर किया है। कुमार विश्वास ने ध्यान दिलाया है।

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