UP सरकार ने अनुशासनहीनता के आरोप में अलंकार अग्निहोत्री को सस्पेंड किया, DM ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे पूर्व मजिस्ट्रेट ने राष्ट्रपति शासन की मांग की।
बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने UGC के नए Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations 2026 के विरोध में इस्तीफा
- 'UGC है Black Law', DM आवास पर 45 मिनट तक बंधक रखे जाने और गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए अलंकार अग्निहोत्री ने मांगी SIT जांच, ब्राह्मणों की सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल
- बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने UGC नए इक्विटी नियमों के विरोध में दिया इस्तीफा, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के अपमान पर जताई गहरी असहमति
बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने UGC के नए Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations 2026 के विरोध में इस्तीफा दे दिया जो 13 जनवरी को अधिसूचित हुए थे और उन्होंने इन नियमों को ब्लैक लॉ बताते हुए कहा कि ये सामान्य श्रेणी के छात्रों के खिलाफ भेदभावपूर्ण हैं तथा इनसे झूठी शिकायतों के माध्यम से सामान्य श्रेणी के छात्रों का उत्पीड़न बढ़ेगा। अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफे में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ प्रयागराज माघ मेला में हुई घटना का जिक्र किया जहां माघ मेला में मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को संगम पर स्नान करने से रोका गया और उनके शिष्यों के साथ दुर्व्यवहार किया गया जिसमें शिष्यों को बाल पकड़कर घसीटा गया तथा बुजुर्ग संतों पर लाठीचार्ज किया गया। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि यह घटना सनातन परंपरा पर हमला है और ब्राह्मणों का अपमान है तथा उन्होंने पूछा कि क्या सरकार ब्राह्मणों का नरसंहार करने की तैयारी कर रही है।
अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा गणतंत्र दिवस पर दिया और इस्तीफे की प्रति राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तथा जिला मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह को ईमेल से भेजी। अलंकार अग्निहोत्री 2019 बैच के PCS अधिकारी हैं और उन्होंने इस्तीफे से पहले फेसबुक पर पोस्ट करके नियमों को वापस लेने की मांग की तथा प्लेकार्ड्स के साथ संदेश दिए जैसे टेक बैक द ब्लैक लॉ तथा बॉयकॉट भाजपा। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि ये नियम कॉलेजों में अकादमिक माहौल को खराब करेंगे और सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए हानिकारक हैं तथा उन्होंने ब्राह्मण सांसदों और विधायकों से अपील की कि वे विरोध में इस्तीफा दें। ADM देश दीपक सिंह ने आरोपों को निराधार बताया और कहा कि कोई बंधक स्थिति नहीं थी तथा अलंकार अग्निहोत्री खुद चर्चा के लिए आए थे और मानसिक कठिनाइयों पर छुट्टी लेने का सुझाव दिया गया लेकिन वे तैयार नहीं थे तथा सौहार्दपूर्ण चर्चा के बाद उन्हें वापस भेजा गया। अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफे में कहा कि लोकतांत्रिक और गणतांत्रिक मूल्यों का पूर्ण क्षरण हो गया है तथा सरकार में न लोकतंत्र बचा है न गणतंत्र तथा यह भ्रमतंत्र बन गया है। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि देश में अब स्वदेशी सरकार नहीं है बल्कि विदेशी पब्लिक पार्टी द्वारा नियंत्रित है तथा उन्होंने चुनाव आयोग और राज्य चुनाव आयुक्त को भी इस्तीफा भेजा। अलंकार अग्निहोत्री ने ब्राह्मणों पर चुनिंदा हमलों का आरोप लगाया और कहा कि ब्राह्मणों को निशाना बनाया जा रहा है तथा सरकार की नीतियां समाज को बांट रही हैं। अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफे के बाद DM आवास पर जाकर मिलने गए जहां उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें 45 मिनट तक बंधक रखा गया और लखनऊ से फोन आने के बाद गाली-गलौज की गई तथा उन्हें पागल करार दिया गया। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि उन्हें रात भर रखने की धमकी दी गई लेकिन SSP को पहले सूचित करने के कारण फोन आने पर छोड़ा गया। अलंकार अग्निहोत्री ने SIT जांच की मांग की और कहा कि यह साजिश थी तथा उन्होंने राष्ट्रपति शासन की मांग की। UP सरकार ने अलंकार अग्निहोत्री को अनुशासनहीनता के आरोप में सस्पेंड कर दिया और विभागीय जांच का आदेश दिया जिसमें बरेली डिवीजन कमिश्नर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। अलंकार अग्निहोत्री ने DM ऑफिस के बाहर धरना दिया और ब्राह्मण नेताओं ने राज्य गेस्ट हाउस में विरोध प्रदर्शन किया। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि जब प्रशासन इस तरह पीटता है तो लोगों को क्या संदेश देना चाहते हैं और क्या ब्राह्मणों का नरसंहार चाहते हैं।
बरेली में अलंकार अग्निहोत्री ने UGC के Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations 2026 को ब्लैक लॉ बताते हुए कहा कि ये नियम उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर सामान्य श्रेणी के छात्रों के खिलाफ हैं और इनसे झूठी शिकायतों से उत्पीड़न बढ़ेगा तथा उन्होंने नियमों की तत्काल वापसी की मांग की। अलंकार अग्निहोत्री ने प्रयागराज माघ मेला में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों पर लाठीचार्ज और बाल पकड़कर घसीटने की घटना को ब्राह्मणों का अपमान बताया और कहा कि यह सनातन परंपरा पर आघात है तथा बुजुर्ग संतों का अपमान है। अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा गणतंत्र दिवस पर दिया और कहा कि सरकार की नीतियां समाज को बांट रही हैं तथा ब्राह्मणों को चुनिंदा रूप से निशाना बनाया जा रहा है। अलंकार अग्निहोत्री ने ब्राह्मण सांसदों और विधायकों से कहा कि वे चुप्पी तोड़ें और विरोध में इस्तीफा दें क्योंकि वे समाज के प्रतिनिधि हैं। अलंकार अग्निहोत्री ने DM अविनाश सिंह के आवास पर मिलने गए जहां उन्होंने आरोप लगाया कि लखनऊ से फोन आने के बाद उन्हें गाली दी गई जैसे पंडित पागल हो गया है और उन्हें रात भर बंधक रखने की कोशिश की गई लेकिन मीडिया और SSP को सूचित करने के कारण छोड़ा गया। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि यह घटना प्रशासन की दबाव वाली रणनीति दर्शाती है और उन्होंने SIT से जांच की मांग की। DM अविनाश सिंह ने आरोपों का खंडन किया और कहा कि कोई दुर्व्यवहार नहीं हुआ तथा कई अधिकारी मौजूद थे। UP सरकार ने अलंकार अग्निहोत्री को प्रथम दृष्ट्या दोषी मानते हुए सस्पेंड कर दिया और Uttar Pradesh Government Servants (Discipline and Appeal) Rules 1999 के तहत जांच का आदेश दिया। अलंकार अग्निहोत्री ने DM ऑफिस के बाहर धरना दिया और कहा कि ब्राह्मणों पर अत्याचार हो रहा है तथा क्या सरकार ब्राह्मणों का नरसंहार करने की तैयारी कर रही है। अलंकार अग्निहोत्री ने राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की और कहा कि जिला प्रशासन ने जाति आधारित गाली-गलौज की तथा उत्पीड़न किया। अलंकार अग्निहोत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि UGC नियम कॉलेजों में माहौल खराब करेंगे और सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए हानिकारक हैं। अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफे से पहले फेसबुक पर प्लेकार्ड्स के साथ पोस्ट किया जैसे हिंदू शंकराचार्य और संतों का यह अपमान सहन नहीं करेंगे और बॉयकॉट ब्राह्मण MP MLA। ADM देश दीपक सिंह ने कहा कि अलंकार अग्निहोत्री खुद आए थे और छुट्टी लेने का सुझाव दिया गया लेकिन वे सहमत नहीं हुए तथा कोई बंधक स्थिति नहीं थी। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि देश में अब लोकतंत्र नहीं बचा है और सरकार विदेशी पब्लिक पार्टी द्वारा नियंत्रित है। अलंकार अग्निहोत्री ने ब्राह्मण समुदाय के नेताओं को चुप्पी तोड़ने की अपील की और कहा कि वे साइलेंट स्पेक्टेटर बने हुए हैं।
अलंकार अग्निहोत्री ने UGC के नए नियमों को सामान्य श्रेणी के छात्रों के खिलाफ बताते हुए कहा कि ये नियम उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर भेदभाव बढ़ाएंगे और झूठी शिकायतों से उत्पीड़न होगा तथा उन्होंने नियमों को तुरंत वापस लेने की मांग की। अलंकार अग्निहोत्री ने प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों पर हुए दुर्व्यवहार को ब्राह्मणों का अपमान बताया और कहा कि शिष्यों को शिखा पकड़कर घसीटा गया जो ब्राह्मणों की गरिमा का उल्लंघन है। अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा देते हुए कहा कि सरकार की नीतियां समाज को विभाजित कर रही हैं और ब्राह्मणों को टारगेट किया जा रहा है। अलंकार अग्निहोत्री ने ब्राह्मण सांसदों और विधायकों से इस्तीफा देने की अपील की और कहा कि अगर उनका विवेक जीवित है तो वे सामान्य श्रेणी के विरोध में खड़े हों। अलंकार अग्निहोत्री ने DM आवास पर 45 मिनट तक बंधक रखे जाने का आरोप लगाया और कहा कि लखनऊ से फोन आने के बाद गाली-गलौज की गई तथा उन्हें पागल कहा गया। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि उन्हें रात भर रखने की धमकी दी गई लेकिन SSP के हस्तक्षेप से छोड़ा गया। DM अविनाश सिंह ने आरोपों को आधारहीन बताया और कहा कि बैठक में कई अधिकारी मौजूद थे तथा कोई दुर्व्यवहार नहीं हुआ। UP सरकार ने अलंकार अग्निहोत्री को सस्पेंड कर दिया और जांच अधिकारी नियुक्त किया जो बरेली डिवीजन कमिश्नर हैं। अलंकार अग्निहोत्री ने DM ऑफिस के बाहर धरना दिया और ब्राह्मणों पर अत्याचार का आरोप लगाया तथा कहा कि क्या सरकार ब्राह्मणों का नरसंहार चाहती है। अलंकार अग्निहोत्री ने राष्ट्रपति शासन की मांग की और कहा कि जिला प्रशासन ने जातिगत गाली दी तथा उत्पीड़न किया। अलंकार अग्निहोत्री ने मीडिया से कहा कि UGC नियम अकादमिक माहौल खराब करेंगे और सामान्य श्रेणी के लिए हानिकारक हैं। अलंकार अग्निहोत्री ने फेसबुक पर पोस्ट करके नियमों का विरोध किया और प्लेकार्ड्स दिखाए। ADM देश दीपक सिंह ने कहा कि अलंकार अग्निहोत्री को छुट्टी का सुझाव दिया गया लेकिन वे तैयार नहीं थे तथा कोई बंधक स्थिति नहीं थी। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि लोकतंत्र का क्षरण हो रहा है और सरकार भ्रमतंत्र बन गई है। अलंकार अग्निहोत्री ने ब्राह्मण नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाया और कहा कि वे साइलेंट स्पेक्टेटर हैं।
अलंकार अग्निहोत्री ने UGC नियमों को ब्लैक लॉ बताते हुए कहा कि ये नियम OBC SC ST के नाम पर सामान्य श्रेणी के छात्रों का उत्पीड़न बढ़ाएंगे और झूठी शिकायतों से परेशानी होगी तथा नियमों की वापसी की मांग की। अलंकार अग्निहोत्री ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों पर प्रयागराज में दुर्व्यवहार को अपमानजनक बताया और कहा कि संतों पर लाठीचार्ज हुआ जो सनातन परंपरा पर हमला है। अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा देते हुए कहा कि सरकार की नीतियां विभाजनकारी हैं और ब्राह्मणों को निशाना बनाया जा रहा है। अलंकार अग्निहोत्री ने ब्राह्मण प्रतिनिधियों से इस्तीफा देने की अपील की और कहा कि वे समाज के साथ खड़े हों। अलंकार अग्निहोत्री ने DM आवास पर बंधक होने का आरोप लगाया और कहा कि 45 मिनट रखा गया तथा गाली दी गई। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि लखनऊ से फोन पर दुर्व्यवहार हुआ और उन्हें पागल कहा गया। DM ने आरोपों का खंडन किया और कहा कि बैठक सौहार्दपूर्ण थी। UP सरकार ने सस्पेंड किया और जांच का आदेश दिया। अलंकार अग्निहोत्री ने DM ऑफिस बाहर धरना दिया और ब्राह्मण नरसंहार की आशंका जताई। अलंकार अग्निहोत्री ने राष्ट्रपति शासन मांगा और उत्पीड़न का आरोप लगाया। अलंकार अग्निहोत्री ने मीडिया से कहा कि UGC नियम कॉलेज माहौल खराब करेंगे। अलंकार अग्निहोत्री ने फेसबुक पर विरोध पोस्ट किया। ADM ने कहा कि छुट्टी सुझाव दिया गया लेकिन सहमत नहीं हुए। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि लोकतंत्र नहीं बचा है। अलंकार अग्निहोत्री ने ब्राह्मण नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाया।
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