Varanasi : काशी में गंगा किनारे 60 घाटों के नाम पर आकार ले रहा ढाई लाख पौधों का विशाल वन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सराहना पा चुके इस प्रोजेक्ट के तहत लगाए गए पौधों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं। महापौर ने निर्देश दिए कि बढ़ते तापमान को देखते हुए पौधों के ऊपर ग्रीन नेट का सुरक्षा कवच लगाया जाए ताकि वे सीधी धू

By INA News Desk
Apr 1, 2026 - 23:06
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Varanasi : काशी में गंगा किनारे 60 घाटों के नाम पर आकार ले रहा ढाई लाख पौधों का विशाल वन
Varanasi : काशी में गंगा किनारे 60 घाटों के नाम पर आकार ले रहा ढाई लाख पौधों का विशाल वन

वाराणसी के सुजाबाद स्थित डोमरी में नगर निगम की अनूठी पहल अब धरातल पर दिखने लगी है। लगभग 350 बीघा क्षेत्र में फैला मियावाकी वन 'ग्रीन काशी' के रूप में अपनी नई पहचान बना रहा है। इस विशाल वन की प्रगति देखने के लिए महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां रोपे गए 2.51 लाख पौधों की सेहत और उनके बढ़ने की रफ्तार पर संतोष जताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सराहना पा चुके इस प्रोजेक्ट के तहत लगाए गए पौधों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं। महापौर ने निर्देश दिए कि बढ़ते तापमान को देखते हुए पौधों के ऊपर ग्रीन नेट का सुरक्षा कवच लगाया जाए ताकि वे सीधी धूप से झुलसने न पाएं। सिंचाई को हाईटेक बनाने के लिए रेनगन सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही पौधों को सही पोषण देने के लिए समय पर खाद और निराई-गुड़ाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

इस वन की सबसे खास बात इसका काशी की संस्कृति से जुड़ाव है। पूरे जंगल को गंगा के 60 ऐतिहासिक घाटों के नाम पर अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है। इसमें दशाश्वमेध, मणिकर्णिका और अस्सी जैसे पौराणिक घाटों के नाम पर सेक्टर बनाए गए हैं। यहां शीशम, सागौन और अर्जुन जैसी 27 देसी प्रजातियों के साथ-साथ अश्वगंधा और गिलोय जैसे औषधीय पौधे भी लहलहा रहे हैं। यह क्षेत्र भविष्य में न केवल ऑक्सीजन का भंडार बनेगा, बल्कि काशी की हरियाली को भी बढ़ाएगा।

नगर निगम ने एक घंटे में 2.51 लाख से ज्यादा पौधे लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इस वन की सुरक्षा के लिए 25 सीसीटीवी कैमरे और 20 हाईमास्क लाइटें लगाई गई हैं। पौधों की देखभाल के लिए 24 घंटे सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। प्रशासन का यह प्रयास पर्यावरण को संतुलित करने के साथ ही आने वाले समय में आय बढ़ाने का भी एक बड़ा जरिया बनेगा।

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