‘तुमको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं’: महायुति की 68 सीटों पर निर्विरोध जीत पर विपक्ष को फडणवीस का करारा तंज।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में आगामी नगर निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन की 68 सीटों पर निर्विरोध जीत को लेकर विपक्षी
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में आगामी नगर निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन की 68 सीटों पर निर्विरोध जीत को लेकर विपक्षी दलों की आलोचना पर मंगलवार को पलटवार किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि विपक्ष को इससे झटका लग रहा है तो वे क्या कर सकते हैं। धुले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रतिद्वंद्वियों पर निशाना साधा और कहा कि तुमको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं। यह रैली 15 जनवरी को होने वाले राज्य के 29 नगर निगमों के चुनावों के लिए आयोजित की गई थी। फडणवीस ने धुले में भारतीय जनता पार्टी के चार पार्षदों के निर्विरोध निर्वाचित होने पर मतदाताओं को धन्यवाद दिया और इस समर्थन को तहे दिल से स्वीकार करने की बात कही। उन्होंने धुले को महाराष्ट्र का प्रवेश द्वार बताया क्योंकि एक तरफ गुजरात और दूसरी तरफ मध्य प्रदेश है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2003 में नगर निगम बनने के बाद धुले का विकास तब तक नहीं हुआ जब तक भाजपा सत्ता में नहीं आई।
महायुति गठबंधन को विभिन्न नगर निगमों में 68 सीटें निर्विरोध मिली हैं जिसमें भाजपा के 44 उम्मीदवार, एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के 22 और अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दो उम्मीदवार शामिल हैं। इन निर्विरोध जीतों में कल्याण-डोंबिवली, पनवेल, धुले, पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, भिवंडी, जलगांव और अहमदनगर जैसे नगर निगम शामिल हैं। धुले में भाजपा के चार पार्षद निर्विरोध चुने गए। मुख्यमंत्री ने इन जीतों को जनता के मजबूत समर्थन का प्रमाण बताया। उन्होंने विपक्ष की आलोचना पर कहा कि यदि कांग्रेस के समय निर्विरोध चुनाव होते थे तो लोकतंत्र सुरक्षित रहता था लेकिन अब जब महायुति के उम्मीदवार निर्विरोध जीत रहे हैं तो लोकतंत्र खतरे में बताया जा रहा है। फडणवीस ने याद दिलाया कि अब तक 35 लोकसभा सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं जिनमें से 33 कांग्रेस शासन के दौरान हुए थे।
यह चुनावी रैली धुले में कमल विजयी संकल्प सभा के रूप में आयोजित की गई थी जहां मुख्यमंत्री ने महायुति उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार किया। उन्होंने कहा कि निर्विरोध जीत जनता की अदालत का फैसला है और यदि विपक्ष अदालत जाता है तो भी जनादेश ही कायम रहेगा। फडणवीस ने विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके समय निर्विरोध चुनाव लोकतंत्र का हिस्सा होते थे लेकिन अब इसे लोकतंत्र पर खतरा बताया जा रहा है। धुले में चार भाजपा पार्षदों के निर्विरोध चुने जाने पर उन्होंने मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने शहर के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा की सरकार आने के बाद ही बड़े स्तर पर विकास हुआ।
महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों के लिए 15 जनवरी को मतदान होगा और 16 जनवरी को मतगणना। इन चुनावों में महायुति गठबंधन भाजपा, शिंदे गुट की शिवसेना और अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी से मिलकर लड़ रहा है। निर्विरोध जीतों के बाद महायुति को शुरुआती बढ़त मिली है। धुले रैली में फडणवीस ने विपक्ष की आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि यदि उन्हें मिर्ची लग रही है तो इसके लिए वे कुछ नहीं कर सकते। उन्होंने जनता से महायुति को वोट देने की अपील की। रैली में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और मुख्यमंत्री ने विकास और पारदर्शी शासन का वादा किया।
निर्विरोध जीतों का मामला बॉम्बे हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है जहां एक याचिका में इनकी जांच की मांग की गई है। राज्य चुनाव आयोग ने भी नामांकन वापसी के बाद निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों की जांच के आदेश दिए थे। फडणवीस ने कहा कि ये जीत संगठनात्मक ताकत और रणनीति का नतीजा हैं। धुले में चार सीटें भाजपा को निर्विरोध मिलीं जिन पर मुख्यमंत्री ने मतदाताओं को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह समर्थन महायुति की लोकप्रियता दर्शाता है। रैली में फडणवीस ने विपक्ष पर तंज कसते हुए उनकी प्रतिक्रिया को अतिरंजित बताया।
यह रैली उत्तर महाराष्ट्र में चुनावी सरगर्मी का हिस्सा थी जहां मुख्यमंत्री ने महायुति उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया। उन्होंने धुले के विकास की योजनाओं का जिक्र किया और कहा कि भाजपा सत्ता में आने के बाद ही शहर आगे बढ़ा। निर्विरोध जीतों पर विपक्ष की प्रतिक्रिया को फडणवीस ने खारिज करते हुए कहा कि तुमको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं। उन्होंने कांग्रेस शासन के दौरान हुए निर्विरोध लोकसभा चुनावों का उदाहरण दिया। रैली में मौजूद लोगों से महायुति को मजबूत करने की अपील की गई। चुनावों में महायुति की स्थिति मजबूत दिख रही है क्योंकि कई सीटें पहले ही निर्विरोध जीत ली गई हैं।
धुले में आयोजित इस सभा में मुख्यमंत्री ने विपक्ष की आलोचना पर पलटवार किया और कहा कि जनता का फैसला सर्वोपरि है। उन्होंने निर्विरोध जीत को लोकतंत्र का हिस्सा बताया। रैली 6 जनवरी 2026 को हुई जहां फडणवीस ने धुले के मतदाताओं का आभार जताया। उन्होंने शहर को महाराष्ट्र का द्वार बताया और विकास कार्यों की चर्चा की। विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने दोहरे मापदंड की बात कही। चुनाव प्रचार के दौरान यह रैली महत्वपूर्ण रही जहां मुख्यमंत्री ने महायुति की ताकत दिखाई।
महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों में महायुति को 68 सीटें निर्विरोध मिलने से गठबंधन की स्थिति मजबूत हुई है। धुले में चार भाजपा पार्षद निर्विरोध चुने गए। फडणवीस ने रैली में विपक्ष को चुनौती दी कि यदि उन्हें जलन हो रही है तो वे क्या कर सकते हैं। उन्होंने पुराने उदाहरण देकर विपक्ष की आलोचना को कमजोर बताया। रैली में विकास और समर्थन पर जोर दिया गया। चुनाव 15 जनवरी को हैं और महायुति शुरुआती बढ़त पर है।
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