जेएनयू में मोदी-शाह के खिलाफ विवादास्पद नारे: तेज प्रताप यादव ने प्रदर्शनकारियों को बताया गुमराह, प्रधानमंत्री पद की मर्यादा बनाए रखने की अपील की। 

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ लगाए गए विवादास्पद नारों को लेकर राजनीतिक

Jan 7, 2026 - 15:13
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जेएनयू में मोदी-शाह के खिलाफ विवादास्पद नारे: तेज प्रताप यादव ने प्रदर्शनकारियों को बताया गुमराह, प्रधानमंत्री पद की मर्यादा बनाए रखने की अपील की। 
जेएनयू में मोदी-शाह के खिलाफ विवादास्पद नारे: तेज प्रताप यादव ने प्रदर्शनकारियों को बताया गुमराह, प्रधानमंत्री पद की मर्यादा बनाए रखने की अपील की। 

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ लगाए गए विवादास्पद नारों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। यह घटना उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के बाद हुई। छात्रों के एक समूह ने परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान ऐसे नारे लगाए जो प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ थे। इन नारों में एक प्रमुख नारा था जिसमें कहा गया कि मोदी-शाह की कब्र जेएनयू की धरती पर खुदेगी। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है और पुलिस से एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने इन नारों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने प्रदर्शन करने वाले छात्रों को गुमराह बताया और कहा कि प्रधानमंत्री के बारे में ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। तेज प्रताप यादव ने पटना में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विरोध प्रदर्शन करने वाले लोग नासमझ हैं और उन्हें समझ नहीं है। उन्होंने अपील की कि छात्र ऐसी भाषा का प्रयोग न करें क्योंकि युवा देश का भविष्य हैं। इस घटना ने राजनीतिक दलों के बीच विवाद को और बढ़ा दिया है जहां एक ओर विपक्षी दल इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ रहे हैं वहीं सत्ताधारी दल इसे राजद्रोह जैसा मान रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि ऐसे नारे विश्वविद्यालय के मूल्यों के खिलाफ हैं और परिसर को नफरत का अड्डा नहीं बनाया जा सकता।

यह घटना सोमवार रात को जेएनयू परिसर में हुई जब छात्रों ने उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज होने के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारों ने पूरे देश में हलचल मचा दी। भाजपा ने इन नारों को देश विरोधी बताते हुए छात्र संगठनों पर हमला बोला है। पार्टी के एक सांसद ने कहा कि ये वही लोग हैं जो न्यायपालिका के फैसले को नहीं मानते और देश को टुकड़ों में बांटने की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान राजद्रोह के समान हैं और ऐसे तत्वों को जेल में डाला जाना चाहिए। जेएनयू प्रशासन ने छात्रों को चेतावनी दी है कि दोषी पाए जाने पर निष्कासन जैसी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने वसंत कुंज पुलिस स्टेशन को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पत्र में कहा गया कि ऐसे नारे विश्वविद्यालय की गरिमा के खिलाफ हैं और छात्रों के बीच अशांति फैला सकते हैं। तेज प्रताप यादव ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के पद की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए और छात्रों को ऐसी भाषा से बचना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि विरोध करने वाले गुमराह हैं और सरकार इस मामले में कार्रवाई कर रही है। जेएनयू में यह प्रदर्शन उमर खालिद की गिरफ्तारी की छठी वर्षगांठ पर आयोजित किया गया था। छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की निंदा करते हुए नारे लगाए। इनमें से कुछ नारे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को लक्ष्य करके थे। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए जिनमें छात्रों को ये नारे लगाते देखा जा सकता है। विश्वविद्यालय ने कहा कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तेज प्रताप यादव ने पटना में मीडिया से बात करते हुए इन नारों को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले नासमझ हैं और उन्हें समझ नहीं है। यादव ने अपील की कि युवा देश का भविष्य हैं इसलिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल न करें। इस बयान से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। भाजपा ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे ऐसे तत्वों को समर्थन देते हैं जबकि विपक्ष ने इसे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश बताया। जेएनयू ने स्पष्ट किया कि परिसर में ऐसी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी जो नफरत फैलाएं।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। छात्रों ने परिसर में विरोध मार्च निकाला और नारे लगाए। इन नारों में मोदी और शाह के खिलाफ विवादास्पद शब्दों का इस्तेमाल किया गया। तेज प्रताप यादव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे शब्द प्रधानमंत्री के लिए इस्तेमाल नहीं किए जाने चाहिए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को गुमराह बताया और कहा कि सरकार कार्रवाई कर रही है। जेएनयू प्रशासन ने पुलिस से शिकायत की है और कहा कि ऐसे नारे विश्वविद्यालय की छवि को खराब करते हैं। प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें। इस घटना ने एक बार फिर जेएनयू को राजनीतिक बहस का केंद्र बना दिया है। तेज प्रताप यादव का बयान मंगलवार को आया जब उन्होंने पत्रकारों से बात की। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं को ऐसी भाषा से दूर रहना चाहिए। जेएनयू में लगाए गए इन नारों ने राजनीतिक दलों को आमने-सामने ला दिया है। भाजपा ने इसे देश विरोधी करार दिया जबकि कांग्रेस ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा बताया। तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी की ओर से इन नारों की निंदा की और कहा कि प्रधानमंत्री पद की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को नासमझ बताया और अपील की कि छात्र ऐसी गतिविधियों से दूर रहें। जेएनयू ने कहा कि जांच कमिटी गठित की गई है और दोषियों को सजा दी जाएगी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस घटना के बाद परिसर में तनाव का माहौल है लेकिन प्रशासन ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। तेज प्रताप यादव ने कहा कि विरोध करने वाले गुमराह हैं और उन्हें समझ नहीं है।

यह पूरा मामला उमर खालिद के मामले से जुड़ा है जहां सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया। छात्रों ने इसका विरोध किया और नारे लगाए। इनमें से कुछ नारे मोदी और शाह के खिलाफ थे। तेज प्रताप यादव ने पटना में कहा कि ऐसे नारे अनुचित हैं और प्रधानमंत्री के लिए ऐसी भाषा नहीं इस्तेमाल की जानी चाहिए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को गुमराह बताया। जेएनयू प्रशासन ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन का कहना है कि ऐसे नारे विश्वविद्यालय के मूल्यों के विपरीत हैं। तेज प्रताप यादव ने अपील की कि युवा देश का भविष्य हैं इसलिए उन्हें ऐसी भाषा से बचना चाहिए। इस बयान से राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। जेएनयू में हुई इस घटना ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। छात्रों के नारों ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया। तेज प्रताप यादव ने इनकी निंदा करते हुए कहा कि विरोध करने वाले नासमझ हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री पद की मर्यादा बनाए रखने की अपील की। जेएनयू ने छात्रों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही है। पुलिस जांच कर रही है। तेज प्रताप यादव का बयान मंगलवार को आया। उन्होंने कहा कि छात्र ऐसी भाषा न इस्तेमाल करें। इस घटना से जेएनयू की छवि पर असर पड़ा है। प्रशासन ने कहा कि परिसर को नफरत का स्थान नहीं बनने दिया जाएगा।

विवादास्पद नारों के बाद जेएनयू ने एफआईआर की मांग की। तेज प्रताप यादव ने कहा कि प्रदर्शनकारी गुमराह हैं। उन्होंने अपील की कि प्रधानमंत्री के लिए ऐसी भाषा न इस्तेमाल की जाए। जेएनयू प्रशासन ने जांच शुरू की है। इस घटना ने राजनीतिक दलों के बीच टकराव बढ़ा दिया है। तेज प्रताप यादव ने पटना में पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। नारों ने बहस छेड़ दी है। प्रशासन ने कार्रवाई की चेतावनी दी है। जेएनयू में नारे लगाने वाले छात्रों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। तेज प्रताप यादव ने इनकी निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसे शब्द प्रधानमंत्री के लिए अनुचित हैं। जेएनयू ने पुलिस से शिकायत की। तेज प्रताप यादव ने अपील की कि छात्र संयम रखें। इस घटना से राजनीतिक माहौल गर्माया है। प्रशासन ने कहा कि जांच पूरी होने पर सजा दी जाएगी। तेज प्रताप यादव का बयान महत्वपूर्ण है।

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