Sambhal: गाज़ा मुद्दे पर जियाउर्रहमान बर्क का तीखा बयान: 'इंसानियत पहले, सियासत बाद में'।
सम्भल से सांसद Zia Ur Rehman Barq ने गाज़ा में जारी युद्ध को लेकर केंद्र सरकार की विदेश नीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अपने
उवैस दानिश, सम्भल
सम्भल से सांसद Zia Ur Rehman Barq ने गाज़ा में जारी युद्ध को लेकर केंद्र सरकार की विदेश नीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अपने बयान में उन्होंने कहा कि जब Gaza जल रहा है और मासूम बच्चों की लाशें मलबे से निकाली जा रही हैं, तब पूरी दुनिया की अंतरात्मा को झकझोर देने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं।
गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक 72,073 लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग घायल हुए हैं। बर्क ने कहा कि ऐसे हालात में भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi का इज़रायल जाकर “दोस्ती” निभाना भारत की आत्मा पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने इज़रायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के साथ भारत की नजदीकियों को लेकर भी चिंता जताई। सांसद ने कहा कि मानवाधिकार संगठनों की चेतावनियाँ लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त कदम नहीं उठाए जा रहे। उन्होंने सवाल किया, “क्या यही 140 करोड़ भारतीयों की आवाज़ है?” बर्क ने यह भी उल्लेख किया कि International Criminal Court द्वारा नेतन्याहू के खिलाफ वारंट जारी किया जा चुका है।
ऐसे माहौल में यह दौरा कई महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े करता है और भारत की वैश्विक छवि पर भी असर डाल सकता है। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा शांति, सह-अस्तित्व और मानवाधिकारों की पैरवी करती रही है। ऐसे में जरूरत है कि भारत निष्पक्ष और मानवीय रुख अपनाए तथा युद्धविराम, राहत सहायता और कूटनीतिक समाधान की दिशा में ठोस पहल करे। अंत में बर्क ने कहा, “इतिहास हर तस्वीर को याद रखेगा। सवाल यह है — जब इंसानियत लहूलुहान थी, तब हम किसके साथ खड़े थे? आज दुनिया को हथियारों की नहीं, इंसानियत और इंसाफ़ की ज़रूरत है।”
Also Read- Lucknow: यूपी के वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य के लिए निर्णायक कदम रहा सीएम योगी का विदेश दौरा।
What's Your Reaction?











