Lucknow: नई पैथालॉजी लैब व फिजियोथेरेपी यूनिट का उद्घाटन, लाभार्थियों को समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाओं के निर्देश।
श्रम विभाग की कर्मचारी राज्य बीमा योजना के अंतर्गत बीमित श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध
लखनऊ: श्रम विभाग की कर्मचारी राज्य बीमा योजना के अंतर्गत बीमित श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डा० एम०के० शन्मुगा सुन्दरम, प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार को कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय, सरोजनी नगर, लखनऊ का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नीलेश कुमार सिंह, विशेष सचिव, शिव सूरत, अनुसचिव, डा० राजेश कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (क०रा०बी० योजना), श्रम चिकित्सा सेवाएं, लखनऊ क्षेत्र, डा० बी०पी० सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, क०रा०बी० निगम चिकित्सालय, सरोजनी नगर तथा डा० आशा, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव द्वारा औषधालय में नव स्थापित पैथालॉजी लैब एवं फिजियोथेरेपी यूनिट का उद्घाटन किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० राजेश कुमार ने अवगत कराया कि पैथालॉजी लैब में एच०बी०ए1सी मशीन, सेमी ऑटोमैटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर एवं फुली ऑटोमेटिक हिमैटोलॉजी एनालाइजर स्थापित किए गए हैं, जिनसे मरीजों की रक्त जांच की सुविधा औषधालय स्तर पर उपलब्ध होगी। फिजियोथेरेपी यूनिट में शार्ट वेव डायथर्मी, ट्रेक्शन मशीन, वैक्स बाथ, स्टैटिक साइकिल, आईएफटी मशीन, टेन्स मशीन, इंफ्रारेड लैम्प एवं ट्रेडमिल जैसी आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं, जिससे मरीजों को उपचार में बेहतर सुविधा मिलेगी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि निदेशक कर्मचारी राज्य बीमा योजना के निर्देशानुसार आरोग्य मंथन के अंतर्गत लान्च माइक्रोसाइट का क्षेत्र में प्रचार-प्रसार किया जा रहा है तथा आरोग्य शक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत औषधालयों में नियमित शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे बीमितों को योजनाओं की जानकारी सरलता से प्राप्त हो रही है।
प्रमुख सचिव ने औषधालय में संचालित रोगी पंजीकरण पटल, ओपीडी सेवाएं, चिकित्सक कक्ष, औषधि भण्डार, दवा वितरण कक्ष, इमरजेंसी पटल एवं आयुर्वेदिक यूनिट का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने उपचार हेतु आए बीमित श्रमिकों एवं उनके परिजनों से संवाद कर दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाओं, प्रतीक्षा समय एवं कर्मचारियों के व्यवहार के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लाभार्थियों को समयबद्ध, सम्मानजनक एवं पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।
निरीक्षण के दौरान कुछ व्यवस्थागत कमियों को चिन्हित करते हुए प्रमुख सचिव ने तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारी राज्य बीमा योजना के अंतर्गत संचालित औषधालयों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी आवश्यक दवाएं एवं सेवाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था, बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, दवा स्टॉक की नियमित समीक्षा, रिकॉर्ड संधारण एवं मानव संसाधन प्रबंधन को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया। साथ ही डिजिटल रजिस्ट्रेशन, ऑनलाइन रेफरल सिस्टम एवं रिपोर्टिंग व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश भी दिए।
प्रमुख सचिव ने कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा योजना श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम है और इसके अंतर्गत दी जाने वाली चिकित्सा सेवाएं सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बीमित व्यक्ति उपचार से वंचित न रहे।
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