दिल्ली रेड फोर्ट धमाके का नया वीडियो सामने आया, अफरा-तफरी में लोग भागे, मौत का आंकड़ा 13 पहुंचा, आतंकी साजिश की जांच तेज, देश में कई जगह हाई अलर्ट जारी।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के पुराने शहर में स्थित ऐतिहासिक रेड फोर्ट के पास सोमवार 10 नवंबर 2025 की शाम को हुई कार विस्फोट की घटना ने पूरे देश
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के पुराने शहर में स्थित ऐतिहासिक रेड फोर्ट के पास सोमवार 10 नवंबर 2025 की शाम को हुई कार विस्फोट की घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। इस धमाके में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हैं। मंगलवार 11 नवंबर को एक नया वीडियो सामने आया, जिसमें विस्फोट के तुरंत बाद अफरा-तफरी का भयावह दृश्य दिखाई दे रहा है। वीडियो में लोग चीखते-चिल्लाते भागते नजर आ रहे हैं, आग की लपटें आसमान छू रही हैं और धुएं का गुबार सड़क को ढक रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण सबूत बन सकता है। दिल्ली पुलिस ने अवैध गतिविधि निवारण अधिनियम (यूएपीए) और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) की टीमें घटनास्थल पर पहुंची हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया। देशभर में हाई अलर्ट जारी है।
घटना सोमवार शाम करीब 6 बजकर 52 मिनट पर घटी। रेड फोर्ट मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर एक के पास नेताजी सुभाष मार्ग पर ट्रैफिक सिग्नल पर धीमी गति से चल रही सफेद हयundai i20 कार रुक गई। तभी उसके रियर हिस्से में जबरदस्त विस्फोट हो गया। धमाके की तीव्रता इतनी थी कि आसपास की छह कारें, दो ई-रिक्शा और एक ऑटो रिक्शा आग की चपेट में आ गए। विस्फोट की गूंज सैकड़ों मीटर दूर तक सुनाई दी, और नजदीकी दुकानों व इमारतों के शीशे टूट गए। दिल्ली फायर सर्विस को 6 बजकर 55 मिनट पर कॉल मिली, और सात दमकल वाहन तुरंत पहुंचे। आग बुझाने में करीब 35 मिनट लग गए, लेकिन मलबे से शव निकालने का काम देर रात तक चला। शुरुआती आंकड़ों में आठ मौतें बताई गईं, लेकिन मंगलवार सुबह तक यह संख्या 13 हो गई। घायलों को लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल (एलएनजेजेपी) और राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
मंगलवार को सामने आया नया वीडियो अफरा-तफरी के चरम को दिखाता है। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर वायरल इस वीडियो में विस्फोट के कुछ ही सेकंड बाद का दृश्य कैद है। आग की लपटें आसमान छू रही हैं, धुआं इतना घना है कि सड़क पर कुछ दिखाई नहीं दे रहा। लोग चीखते हुए इधर-उधर भाग रहे हैं, कुछ गिर पड़े हैं और दूसरे उन्हें उठाने की कोशिश कर रहे हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने वीडियो में कहा, "धमाका इतना जोरदार था कि हम आगे नहीं बढ़ पाए। लाशें बिखरी पड़ी थीं।" एनडीटीवी और आरटी जैसे चैनलों ने इस वीडियो को ब्रॉडकास्ट किया है, जहां आग बुझाने वाले दमकलकर्मी मलबे के बीच फंसे दिख रहे हैं। यह वीडियो पहले के फुटेज से अलग है, जो पार्किंग से कार के निकलने को दिखाता था। दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह वीडियो जांच में सहायक होगा और सोशल मीडिया पर फेक वीडियो के प्रसार पर चेतावनी जारी की है।
चश्मदीदों ने दर्दनाक कहानियां सुनाईं। एक ई-रिक्शा चालक ने कहा, "कार रुकते ही धमाका हुआ। आग की चपेट में आ गया, लेकिन भाग निकला। आसपास लोग जल रहे थे।" एक अन्य ने बताया, "सड़क पर मलबा और शव बिखरे थे। हमने घायलों को कंधों पर लादा।" दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने कहा, "कार में एक व्यक्ति सवार था। विस्फोट रियर पार्ट से हुआ, जो आईईडी का संकेत देता है।" फॉरेंसिक जांच से अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल ऑयल और डेटोनेटर के अवशेष मिले, जो आतंकी हमले की पुष्टि करते हैं। विस्फोट स्थल पर कोई गड्ढा नहीं मिला, जो सुधारित विस्फोटक उपकरण की ओर इशारा करता है।
सीसीटीवी फुटेज ने जांच को मजबूत किया। कार सुबह 8 बजकर 4 मिनट पर बदरपुर बॉर्डर से दिल्ली में घुसी। दोपहर 3 बजकर 19 मिनट पर सुनेहरी मस्जिद पार्किंग में खड़ी हुई और शाम 6 बजकर 48 मिनट तक रही। फुटेज में ड्राइवर सीट पर काले मास्क वाले व्यक्ति को डॉक्टर उमर मुहम्मद माना जा रहा है। डीएनए टेस्ट से पुष्टि हो रही है कि उमर ही कार चला रहा था। उमर का हाथ का हिस्सा मलबे से बरामद हुआ, जो फिदायीन हमले का संकेत देता है। यह वीडियो अफरा-तफरी को दिखाकर घटना की तीव्रता को उजागर करता है।
उमर मुहम्मद पुलवामा का निवासी था, जिसने श्रीनगर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से एमडी की डिग्री ली। वह अनंतनाग में सीनियर रेजिडेंट रह चुका था और 2024 में फरीदाबाद के अल फलाह मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर बना। जांच में पता चला कि उमर जयश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से जुड़ा था। फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल में डॉक्टरों को रेडिकलाइज करने का काम चल रहा था। सोमवार को डॉक्टर मुजम्मिल शकील समेत आठ गिरफ्तार हुए, जिनके पास 2,900 किलोग्राम विस्फोटक बरामद हुए। गिरफ्तारियों के बाद उमर ने जल्दबाजी में हमला किया। कार गुड़गांव के मोहम्मद सलमान से खरीदी गई, फिर कई हाथों से पुलवामा के तारिक अहमद दर तक पहुंची। तारिक को हिरासत में लिया गया। पुलवामा में उमर के परिवार को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया।
यह घटना 2019 के पुलवामा हमले से मिलती-जुलती है। एनआईए को मामला सौंपने की तैयारी है। गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार रात घटनास्थल का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने कहा, "यह कायरतापूर्ण हमला है। सभी कोणों से जांच हो रही।" मंगलवार सुबह 11 बजे गृह सचिव गोविंद मोहन, आईबी डायरेक्टर तपन डेका, दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा और एनआईए डीजी सदानंद वसंत दाते के साथ बैठक की। जम्मू कश्मीर डीजीपी नलिन प्रभात वर्चुअल जुड़े। बैठक में सीसीटीवी विस्तार और संदिग्धों की तलाश पर जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया, "दिल्ली धमाके में जान गंवाने वालों के परिवारों को मेरी गहरी संवेदना।" राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संवेदना जताई। राजनाथ सिंह ने कहा, "दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।" विपक्ष नेता राहुल गांधी ने पारदर्शी जांच की मांग की। दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अस्पताल पहुंचीं। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने श्रद्धांजलि दी। अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा ने सहयोग की पेशकश की। अमेरिकी दूतावास ने अलर्ट जारी किया।
सुरक्षा व्यवस्था सख्त हो गई। रेड फोर्ट तीन दिनों के लिए बंद है। लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट बंद हैं। चांदनी चौक बाजार मंगलवार को ठप रहा। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों पर गश्त बढ़ाई। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र में अलर्ट है। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने संवेदनशील इलाकों में चेकिंग के आदेश दिए। मुंबई, कोलकाता में वाहन जांच हो रही। दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर सघन तलाशी है। जम्मू कश्मीर में श्रीनगर में सुरक्षा मजबूत हुई। माता वैष्णो देवी मंदिर में गश्त बढ़ी।
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