कानपुर मेट्रोः कॉरिडोर-2 के एलिवेटेड सेक्शन की पाइलिंग कार्य का हुआ शुभारंभ।

Jul 3, 2024 - 20:05
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कानपुर मेट्रोः कॉरिडोर-2 के एलिवेटेड सेक्शन की पाइलिंग कार्य का हुआ शुभारंभ।
  • सीएसए से बर्रा-8 तक दूसरे कॉरिडोर के सभी सेक्शन पर होने लगा निर्माण, कॉरिडोर-2 के लगभग 4.5 किमी लंबे एलिवेटेड सेक्शन में लगाई जाएंगी लगभग 750 पाइल्स। 

कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे कॉरिडोर (सीएसए से बर्रा-8 तक) के अंतर्गत लगभग 4.5 किमी. लंबे एलिवेटेड सेक्शन के पाइलिंग कार्य का आज से शुभारंभ कर दिया गया है।

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) के सिविल इंजीनियरों ने कंपनी बाग चौराहे के पास स्थित कॉरिडोर-2 डिपो की जमीन पर सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात में पहली पाइलिंग का कार्य पूरा किया। उक्त सेक्शन के अंतर्गत लगभग 750 पाइल्स लगाई जानी हैं।

विदित हो कि कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) के अंतर्गत कृषि विश्वविद्यालय से कॉरिडोर-2 डिपो रैंप तक और डबल पुलिया रैंप से लेकर बर्रा-8 तक लगभग 4.5 किमी लंबे एलिवेटेड मेट्रो  सेक्शन का निर्माण किया जा रहा है। इस कॉरिडोर में कुल 5 एलिवेटेड स्टेशन (कृषि विश्वविद्यालय, विजय नगर चौराहा, शास्त्री चौक, बर्रा-7 और बर्रा-8) और 3 अंडरग्राउंड स्टेशन (रावतपुर, काकादेव और डबल पुलिया) होंगे। लगभग 4.10 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड सेक्शन का निर्माण कार्य इसी साल 1 अप्रैल से आरंभ किया जा चुका है। 

क्या होती है पाइलिंग 

पाइलिंग से तात्पर्य ज़मीन के अंदर खोदाई करके उसके नीचे लोहे की जाल लगाने से है। इसे मेट्रो कॉरिडोर की नींव भी कह सकते हैं। आमतौर पर 3-6 पाइलों के समूह पर एक पाइल कैप तैयार किया जाता है और फिर पाइल कैप्स को आधार बनाकर मेट्रो कॉरिडोर के पिलर्स खड़े किए जाते हैं।

यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने इस उपलब्धि पर मेट्रो इंजीनियरों की टीम को बधाई देते हुए कहा, “कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-2 के सभी भागों पर निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाना शहर के लिए एक अच्छी ख़बर है। इससे निकट भविष्य में रेलवे लाइन के दोनों तरफ के लोगों के लिए शहर के अंदर आने-जाने का एक नया सुविधापूर्ण मार्ग खुलेगा।

कॉरिडोर-2 के रावतपुर-डबल पुलिया अंडरग्राउंड सेक्शन का निर्माण कार्य हमने पहले ही आरंभ कर दिया है और समय के साथ इसमें अच्छी प्रगति हुई है। आज से इस कॉरिडोर के एलिवेटेड सेक्शन पर भी पाइलिंग कार्य आरंभ कर दिया गया है। शहर के अंदर निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने में इससे भारी मदद मिलेगी, साथ ही समय और ऊर्जा की भी बचत होगी। उत्तर प्रदेश मेट्रो के इंजीनियर दिन-रात इस प्रयास में लगे हुए हैं कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप काम को अच्छी गति के साथ आगे बढ़ाया जाए।

मुझे पूरा विश्वास है कि यूपीएमआरसी की टीम ने कानपुर और आगरा मेट्रो के प्राथमिक सेक्शन के निर्माण के दौरान जिस समर्पण और लगन का परिचय दिया, आगे भी उसी प्रतिबद्धता के साथ कॉरिडोर-1 के बचे हुए सेक्शन्स और समग्र कॉरिडोर-2 के निर्माण कार्यां को भी सुनियोजित ढंग से पूरा करने में सफल होगी।‘‘ 

वर्तमान में, लगभग 24 किमी लंबे कॉरिडोर-1 (आईआईटी-नौबस्ता) के अंतर्गत कानपुर मेट्रो की यात्री सेवाएं 9 किमी लंबे प्रॉयरिटी कॉरिडोर (आईआईटी-मोतीझील) पर चल रहीं हैं। कॉरिडोर-1 के अंतर्गत चुन्नीगंज-नयागंज और कानपुर सेंट्रल-ट्रांसपोर्ट नगर भूमिगत सेक्शन के अलावा लगभग 5 किमी लंबे बारादेवी-नौबस्ता एलिवेटेड सेक्शन में भी निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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