Maharajganj News: जिले में चर्चा का विषय बनी डिप्टी कमिश्नर (कस्टम) की प्राइवेट गाड़ी।
डिप्टी कस्टम कमिश्नर की गाड़ी न तो विभागीय है और न ही...
महराजगंज। डिप्टी कमिश्नर (कस्टम) की भारत सरकार लिखी प्राइवेट गाड़ी चर्चा का विषय बनी हुई है। जिले का सोनौली सीमा तस्करों व अन्य जरायम पेशा में लिप्त गिरोह का अड्डा है। डिप्टी कस्टम कमिश्नर जिले के बाहर के हैं लेकिन उनके चलने के लिए जो गाडी है वह महराजगंज जिले की है। सरकारी विभागों में प्राइवेट गाड़ियों के हायर करने का चलन है लेकिन उन गाड़ियों का एआरटीओ को टैक्सी में पास होना अनिवार्य है। डिप्टी कस्टम कमिश्नर की गाड़ी न तो विभागीय है और न ही टैक्सी में पास है। ऐसे में यह गाड़ी और संदेह पैदा करती है।
बता दें कि सुप्रिम कोर्ट के फैसले ने सरकारी या गैर सरकारी गाड़ी पर पद नाम लिखने पर पूरी तरह से रोक है। हालांकि इस कानून का पालन कम ही हो रहा है। इस बाबत एआरटीओ विनय कुमार का कहना है कि निजी गाड़ी पर पद नाम व भारत सरकार लिखना मोटर वाहन अधिनियम के विरुद्ध है।
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